कलेक्टर ने संदीप को शुभकामनाए व टिप्स दिए
श्री पटेल कहते हैं मेरी स्कूलिंग मामा जी के यहां पवई में हुई और ग्रेजुएशन दिल्ली यूनिवर्सिटी से किया, जहां पर मैंने अपना स्नातक केमिस्ट्री ऑनर से किया, उसके बाद मैंने अगले वर्ष से यूपीएससी की तैयारी दिल्ली में शुरू की और मैंने अपने प्रथम प्रयास में 2019 में सिविल सर्विस का एग्जाम दिया जिसकी बदौलत आज सिविल सर्विस में 464 वी रैंक हासिल की। फिलहाल सर्विस प्रोफाइल नहीं आई है लेकिन मेरी 464 भी रैंक है और मेरी कैटेगरी ओबीसी है, लास्ट ईयर के ट्रेंड को देखते हुए मैं अनुमान लगा सकता हूं कि मुझे आईपीएस मिल सकता है, बहुत चांसेसस इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव के भी हो सकते हैं क्योंकि लास्ट ईयर 450 रैंक तक मिला था, लेकिन इंडियन पुलिस सर्विस के चांस मुझे ज्यादा लग रहे हैं, क्योंकि उसमें हो सकता है।
वे कहते हैं पिताजी किसान है, जो मडियादो थाना के अंतर्गत ग्राम डोली के निवासी है, हम लोग एक निम्न मध्यम आय परिवार से हैं और कृषि ही हमारी आय का मुख्य साधन है, पापा ने कृषि से जो आय प्राप्त हुई, उससे मेरे लिए उन्होंने दिल्ली भेजा और उसी में संघर्ष करके मुझे पढ़ाया है, इसलिए मेरा किसानों से बहुत लगाव है और मैं चाहता हूं कि अगर मैं प्रशासन में या पुलिस सेवा में जिसमें भी आया कृषि के क्षेत्र में और शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करूंगा। मेरा युवाओं से यही संदेश रहेगा कि आप लगन से एक गोल बनाकर तैयारी करते रहे, किसी भी एग्जाम के लिए स्मार्टनेस स्ट्रेटजी भी बहुत जरूरी होती है, स्मार्ट स्ट्रेटजी का पहला स्टेप एग्जाम क्या है, उसको समझना, एग्जाम की अप्रोच को समझना, अगर आपने एग्जाम की प्रकृति को समझ लिया और उसके बाद आपने एक से डेढ़ वर्ष सिंसियर होकर तैयारी करते हैं, तो एग्जाम निकाल सकते हैं, इसलिए पहला काम जो आपको करना है, उस एग्जाम की प्रकृति को समझना और उसके बाद लगन परिश्रम से पढ़ाई करना तैयारी करना।
संदीप के पिता दीप नारायण पटेल ने कहा मैं एक कृषक हूँ, खेती करता हूं, खेती मेरा मुख्य व्यवसाय है, मेरी खेती लगभग 3 हेक्टेयर है और उसी से खेती करके मैंने अपने बच्चों को बढ़ाया है, संदीप 12वीं तक पर मामा के यहां पवई में पढ़ा, इसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी भेजा, वहां पर उसको जैसा भी खर्च हुआ, उसी खेती से निकाल कर अधिक परिश्रम करके किसान क्रेडिट कार्ड बनवा कर, अच्छी खेती की और मेरा बेटा आज यूपीएससी को पास कर लिया हैं। संदीप के मामा अनिल पटेल पवई निवासी हैं, वह एक शिक्षक हैं। उन्होंने कहा संदीप पटेल जो इस वर्ष यूपीएससी में 464 वी रैंक प्राप्त हुई है, एकलौता भांजा है, एक ही सिस्टर है, यह जब 4 वर्ष का था तो मेरे जीजाजी और दीदी उसको पढ़ाई की दृष्टि से मेरे पास पवई छोड़ गए थे, तब से लेकर 12वीं तक 2014 तक पवई में पढा, हम लोग चार भाइयों के बच्चे सभी के साथ पढा है, हम एक परिवार की तरह हम हमारे बच्चों के बीच में कभी भी कोई दिक्कत नहीं हुई, हम लोगों ने लग्न से उसको दिल्ली भेजा और आज यह परिणाम है कि हम सबके बीच में उसने यूपीएससी पास की।
दमोह। मेरा नाम संदीप पटेल है और मैं दमोह जिले के डोली ग्राम का निवासी हूं, मेरे पिताजी का नाम श्री दीप नारायण पटेल है, मैंने इस बार की सिविल सर्विस एग्जाम में 464 बी रैंक हासिल की है, यह मेरा पहला ही प्रयास था, जिसमें मैने सफलता प्राप्त की। मुझे दमोह के जिला कलेक्टर श्री तरुण राठी सर ने बुलाया था और उसी के लिए मैं यहां पर आया था, उनका बहुत-बहुत धन्यवाद।
वे कहते हैं पिताजी किसान है, जो मडियादो थाना के अंतर्गत ग्राम डोली के निवासी है, हम लोग एक निम्न मध्यम आय परिवार से हैं और कृषि ही हमारी आय का मुख्य साधन है, पापा ने कृषि से जो आय प्राप्त हुई, उससे मेरे लिए उन्होंने दिल्ली भेजा और उसी में संघर्ष करके मुझे पढ़ाया है, इसलिए मेरा किसानों से बहुत लगाव है और मैं चाहता हूं कि अगर मैं प्रशासन में या पुलिस सेवा में जिसमें भी आया कृषि के क्षेत्र में और शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करूंगा। मेरा युवाओं से यही संदेश रहेगा कि आप लगन से एक गोल बनाकर तैयारी करते रहे, किसी भी एग्जाम के लिए स्मार्टनेस स्ट्रेटजी भी बहुत जरूरी होती है, स्मार्ट स्ट्रेटजी का पहला स्टेप एग्जाम क्या है, उसको समझना, एग्जाम की अप्रोच को समझना, अगर आपने एग्जाम की प्रकृति को समझ लिया और उसके बाद आपने एक से डेढ़ वर्ष सिंसियर होकर तैयारी करते हैं, तो एग्जाम निकाल सकते हैं, इसलिए पहला काम जो आपको करना है, उस एग्जाम की प्रकृति को समझना और उसके बाद लगन परिश्रम से पढ़ाई करना तैयारी करना।
संदीप के पिता दीप नारायण पटेल ने कहा मैं एक कृषक हूँ, खेती करता हूं, खेती मेरा मुख्य व्यवसाय है, मेरी खेती लगभग 3 हेक्टेयर है और उसी से खेती करके मैंने अपने बच्चों को बढ़ाया है, संदीप 12वीं तक पर मामा के यहां पवई में पढ़ा, इसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी भेजा, वहां पर उसको जैसा भी खर्च हुआ, उसी खेती से निकाल कर अधिक परिश्रम करके किसान क्रेडिट कार्ड बनवा कर, अच्छी खेती की और मेरा बेटा आज यूपीएससी को पास कर लिया हैं। संदीप के मामा अनिल पटेल पवई निवासी हैं, वह एक शिक्षक हैं। उन्होंने कहा संदीप पटेल जो इस वर्ष यूपीएससी में 464 वी रैंक प्राप्त हुई है, एकलौता भांजा है, एक ही सिस्टर है, यह जब 4 वर्ष का था तो मेरे जीजाजी और दीदी उसको पढ़ाई की दृष्टि से मेरे पास पवई छोड़ गए थे, तब से लेकर 12वीं तक 2014 तक पवई में पढा, हम लोग चार भाइयों के बच्चे सभी के साथ पढा है, हम एक परिवार की तरह हम हमारे बच्चों के बीच में कभी भी कोई दिक्कत नहीं हुई, हम लोगों ने लग्न से उसको दिल्ली भेजा और आज यह परिणाम है कि हम सबके बीच में उसने यूपीएससी पास की।



0 Comments