क्विज प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया
दमोह। मध्यप्रदेश जैव विविधता क्विज के जिला स्तरीय विजेता प्रतिभागियों के लिए पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह का आयोजन कार्यालय वन मंडल अधिकारी जिला दमोह में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में जिला वन मंडल अधिकारी श्री विपिन पटेल, उप वन मंडल अधिकारी श्री धीरेंद्र सिंह एवं जिला शिक्षा अधिकारी श्री हरिनारायण नेमा ने समस्त विजेता प्रतिभागियों को नगद राशि एवं ट्रॉफी के द्वारा सम्मानित किया। प्रथम स्थान पर शासकीय हाई स्कूल देवरी फतेहपुर, द्वितीय स्थान पर महर्षि विद्या मंदिर दमोह एवं तृतीय स्थान पर शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय दमोह के विद्यार्थी रहे।इस अवसर पर प्रथम स्थान प्राप्त टीम के क्विज प्रभारी शिक्षक बृजेश अग्रवाल, द्वितीय स्थान प्राप्त टीम के क्विज प्रभारी शिक्षक प्रकाश बाथरे एवं तृतीय स्थान पर रही उत्कृष्ट विद्यालय दमोह की टीम के प्रभारी विरेंद्र श्रीवास्तव को भी ट्रॉफी के द्वारा सम्मानित किया गया। जिला क्विज मास्टर मोहन राय ने बताया कि जिले में कुल 104 विद्यालयों ने प्रतियोगिता हेतु सहभागिता की थी, जिनमें से प्रथम टीम शासकीय हाई स्कूल देवरी फतेहपुर ने 24 अक्टूबर को आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय आयोजन के लिए क्वालीफाई किया है, जो दमोह जिले का प्रतिनिधित्व करेगी। क्विज मास्टर दिलीप जोशी ने सभी का आभार माना।
21 प्रकार के निशक्तों को मिलेगा योजनाओं का लाभ
तेंदूखेडा जनपद पंचायत के सभाहाल में आयुक्त निशक्तजन संदीप रजक ने निःशक्त कल्याण विभाग भोपाल के द्वारा ब्लाक एवं नगर के दिव्यागों एवं दिव्यांगो को शासन की योजनाओ का सही तरीकी से क्रियावन किए जाने की समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों से जानकारियां ली गई। इस दौरान शिक्षा विभाग के एमआरसी रूप नारायण तिवारी से जानकारी लेने पर सही जबाव नही दिए जाने पर आयुक्त ने अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कार्य ऐसा करें कि तेंदूखेड़ा ब्लाक एक आर्दश ब्लाक बने जिसके लिए प्रत्येक ग्रामो में सर्वे कर निःशक्तो का भौतिक सत्यापन होना चाहिए जिससे सभी दिव्यांगो को योजनाओ का लाभ प्राप्त होगा, फंड की कोई कमी नही हैं। अधिकारियों ने बताया कि ब्लाक के ग्रामों में अभी तक 1276 दिव्यांगो को एवं नगर में 155 दिव्यांगो को लाभ दिया जा रहां हैं।
आयुक्त निशक्तजन ने कहा पहले 7 प्रकार से दिव्यांगो को शासन की योजनाओ का लाभ दिया जाता था लेकिन अब 21 प्रकार के दिव्यांगो को लाभ दिया जा रहा है। लेकिन अगर दिव्यांगो के पास प्रमाण पत्र नही है तो उसे योजना का लाभ नही मिलेगा जिसके लिए ब्लाक स्तर पर स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाना आश्वयक हैं और शिविर के लिए शासन स्तर पर अब कार्यवाही की जा रहीं हैं। इसके अलावा अगर कोई सामान्य व्यक्ति दिव्यांग से शादी करता है तो उसे शासन की ओर दो लाख रूपए की सहायता दी जाती हैं। अगर एक दिव्यांग दूसरे दिव्यांग के साथ शादी करता हैं। तो उसे एक लाख रूपए की मदद दी जाती है। योजनाओ का प्रचार प्रसार किया जायें। मध्य प्रदेश सरकार ने दिव्यांगो को 6 प्रतिशत आरक्षण दिया हैं। प्रत्येक सामुदायिक सरकारी भवनो में दिव्यांगो के लिए सुविधाए करना आवश्यक हैं अगर सुविधाए नही की जाती हैं तो सबंधित विभाग या ठेकेदारा पर कार्यवाही किए जाने का प्रावधान हैं। प्रत्येक दिव्यांग का यूटीआई कार्ड होना आवश्यक हैं। बैठक में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सीबीएमओ डाँ बीपी अहिरवाल, परियोजना अधिकारी श्रीमति माया नेक्या, बीईओ जीपी अहिरवार, बीआरसी कमलेश सोनी, समग्र सामाजिक सुरक्षा अधिकारी अजय विश्वकर्मा, बीपीओ अजय खालको, बीएस कुलस्ते, पीसीओ राजेन्द्र पटवा, वीरन कोल सहित अनेक अधिकारी मौजूद रहे।
जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित मासूम की होगी सर्जरी
दमोह। दमोह के सिविल वार्ड नं. 8 टण्डन बगीचा में रहने वाले महेन्द्र सिंह ठाकुर प्राईवेट कम्पनी में नौकरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते है। उनकी 9 माह की बच्ची शमायरा जन्म से ही कमजोर थी। अनेक डाक्टर्स से इलाज कराने के बावजूद भी बच्ची के स्वास्थ में न तो सुधार हो रहा था और न ही शारीरिक विकास हो रहा था। आये दिन खासी-जुखाम, सांस लेने में समस्या, पैरो में सूजन, थकान, व धड़कन का तेज होना समस्या बनी रहती है। प्राईवेट शिशु रोग विशेषज्ञ की सलाह पर बच्ची की ईको जांच कराने पर पाया की बच्ची जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित है और बच्ची के इलाज पर एक लाख रूपये तक का खर्च आयेगा।
प्राईवेट नौकरी करने वाले देवेन्द्र सिंह को इन परिस्थितियों में एक लाख रूपये जुटाना एक सपने से कम नहीं था। इसलिये उन्होंने कलेक्टर श्री तरूण राठी को आर्थिक सहायता के लिये आवेदन दिया। कलेक्टर श्री राठी ने प्राप्त आवेदन के संबंध में सिविल सर्जन डॉ. ममता तिमोरी से बात की तो उन्होंने बताया की बच्ची का इलाज मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना से निःशुल्क कराया जा सकता है। इसलिये बच्ची व उनके पिता को जिला अस्पताल के डीईआईसी भेज दीजिये। बच्ची के प्राप्त आवेदन एवं प्राक्कलन अनुसार प्रकरण तैयार कर नियमानुसार स्वीकृति प्राप्त कर आदेश जारी कर दिया गया। देवेन्द्र ठाकुर जिला चिकित्सालय डीईआईसी आदेश लेने आये तो उनके द्वारा बताया की कलेक्टर श्री राठी एवं सिविल सर्जन के सहयोग से मेरी बच्ची शमायरा ठाकुर के इलाज हेतु 90 हजार रूपये की राशि की स्वीकृत मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना से की गई है। अब मेरी बच्ची का इलाज हो जायेगा और उस हृदय भी फिर ठीक से धड़केगा।





0 Comments