गुरू चरणों की बढ़ते मुनि एव आर्यिका संघ के कदम
दमोह। कुंडलपुर में जगत पूज्य बड़ेबाबा के विशाल जिनालय निर्माण के साथ सहस़् कूट जिनालय के पंच कल्याणक गजरथ महोत्सव के लिए तैयारियां अंतिम चरण में है। वहीं इस सदी के इस सबसे बड़े महा महोत्सव को आचार्य भगवन श्री विद्यासागर जी महाराज का विशाल संघ के साथ पावन सानिध्य मिलने जा रहा है। कुंडलपुर की पावन धरा पर आचार्यश्री सहित करीब डेढ़ सौ मुनि एवं आर्यिका माताए विराजित हो चुकी है वहीं देश के कौने कौने से आचार्यश्री के शिष्य मुनिराजों एवं आर्यिका माताओं का कुंडलपुर की ओर बिहार चल रहा है।
इसी कड़ी में एकलव्य विवि में आहारचर्या एवं मानस्तंभ के भूमिपूजन उपरांत सौम्यसागर महाराज के संघ सहित नगर प्रवेश अवसर पर जैन भवन में भव्य आगवानी की गई। आज पथरिया मार्ग मुनिश्री अजित सागर महाराज संघ की सेंट नार्बेट स्कूल के समीप भव्य अगवानी के बाद नन्हें मंदिरजी पहुचे। इस अवसर पर आर्यिका संघ के साथ सैकड़ों श्रावकजनों ने मंगल अगवानी की। मुनि एवं आर्यिका संघ की आहारचर्या नन्हें मंदिर जी से संपंन हुई। इधर पठारी से चातुर्मास के बाद कुंडलपुर की ओर विहार कर रहे मुनिश्री निर्दोषसागर एवं निर्लोभसागर महाराज की हटा में भव्य अगवानी की गई। दोनो मुनिराजों का हटा में रात्रि विश्राम चल रहा है।
कोई देख रहा है या नहीं, लेकिन भगवान सबको देख रहे है- आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज
कुंडलपुर में संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ने धर्मोपदेश देते हुए कहा
कि 28 मूल गुणों में से एक गुण प्रतिक्रमण के साथ सब होता रहता है, कोई देख
रहा है या नहीं, लेकिन भगवान सबको देख रहे हैं। जो व्यक्ति नवनीत की तरह
होते हैं वो तर जाते है क्योंकि नवनीत थोड़ी ही ऊष्मा से पिघल जता है, जो
पिघलता नहीं वो नूतन पर्याय की प्रतीक्षा नहीं करें।
प्रतिक्रमण के समय
आंसू निकलते हैं पर किसी के बस की बात नहीं है। जैसे योद्धा लोग वीरता
देखते हैं उसी तरह वीर बनकर अपने भावों का हरण करो, कर्मो की निर्जरा
अनिवार्य है। उठो पंचपरमेष्ठी का स्मरण करते रहो जिससे हमारा जीवन सार्थक
बनता है, तीर्थंकर भी क्यों न हो उनके लिए भी कहा गया है कि ओम नमः
सिध्धे यभाः। पंच नमस्कार करने को कहा है, ध्यान रखना साधना होना चाहिए तभी
केवल्य ज्ञान प्राप्त होगा। मन, वचन, काय शिरोधार्य है। 28 मूल गुणों को
ग्रहण किया यही प्रतिक्रमण है जिसे हमेशा याद करना चाहिए विद्यार्थी के
समान परीक्षा परिणाम को नहीं देखना चाहिए।
एकलव्य विवि में आदिनाथ मानस्तम्भ का भूमिपूजन
संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावी शिष्य मुनिश्री 108 सौम्यसागर जी महाराज जी ससंघ का भव्य मंगल प्रवेश एकलव्य विश्वविद्यालय में हुआ जहां मंगल प्रवचन और आहार चर्या हुई। पूर्व मंत्री जयंत मलैया, डॉ सुधा मलैया, सिद्धार्थ मलैया एवं परिजनों सहित जैन श्रद्धालुओ को मुनि संघ को आहार देने का सौभाग्य मिला।
विश्वविद्यालय में स्थापित श्री 1008 आदिनाथ मानस्तम्भ का भूमिपूजन एवं शिलान्यास पूज्य श्री 108 मुनि श्री सौम्य सागर जी एवं मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज के पावन सानिध्य में तथा डॉ. अभिषेक जैन एवं डॉ. आशीष जैन, सगरा के प्रतिष्ठाचार्यत्व में सम्पन्न हुआ। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पवन जैन ने बताया कि सौभाग्य से कुंडलपुर में होने वाले बड़े बाबा के आगामी पंचकल्याणक महामहोत्सव आयोजित होने के कारण हमारे विश्वविद्यालय को सतत दिगंबर मुनिराजों एवं आर्यिका माताओं की आगवानी करने एवं आहारचर्या कराने का सुअवसर प्राप्त हो रहा है। मुनी संघ का दोपहर बाद एकलव्य विश्विद्यालय से विहार हुआ दमोह नगर वासियों को आशीर्वाद देते हुए कुण्डलपुर की ओर गुरू चरणों की तरफ़ चल दिए। आज रात्रि विश्राम समन्ना में होगा
मुनिश्री सौम्यसागर के चरण औषधालय भवन में
आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि श्री सौम्य सागर जी महाराज की संघ सहित दमोह नगर वासियों ने सागर नाका पहुंच कर भव्य अगवानी की, स्टेशन चौराहा स्थित जैन ओषधालय भवन स्थित महाराज जी के चरण जैसे ही कुण्डलपुर महामहोत्सव कार्यालय में पड़े तो औषधालय कमेटी अध्यक्ष रूप चंद चौधरी , उपाध्यक्ष अनिल सिंघई, मंत्री सोनू नेता, अमित त्यागी,मुकेश जैन, महेन्द्र जैन पत्रकार, विक्रांत सराफ, पदम इटोरियां, बिक्की जैन, ज्ञानेंद्र इटोरिया, जय कुमार, राहुल जैन बांदकपुर ने की।
आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि श्री सौम्य सागर जी महाराज की संघ सहित दमोह नगर वासियों ने सागर नाका पहुंच कर भव्य अगवानी की, स्टेशन चौराहा स्थित जैन ओषधालय भवन स्थित महाराज जी के चरण जैसे ही कुण्डलपुर महामहोत्सव कार्यालय में पड़े तो औषधालय कमेटी अध्यक्ष रूप चंद चौधरी , उपाध्यक्ष अनिल सिंघई, मंत्री सोनू नेता, अमित त्यागी,मुकेश जैन, महेन्द्र जैन पत्रकार, विक्रांत सराफ, पदम इटोरियां, बिक्की जैन, ज्ञानेंद्र इटोरिया, जय कुमार, राहुल जैन बांदकपुर ने की।
जय जय गुरुदेव, आचार्य श्री
विद्यासागर जी के नारों से जय जय कारें से वातावरण को गुंजायमान कर दिया।
मुनि संघ की अगवानी पंचायत कमेटी, औषधालय कमेटी, महिला मंडल, बालिका मंडल,
युवक संघ एवं दिव्य घोष के साथ दल अपने भक्ति भावों को प्रदर्शित करते हुए
चल रहे थे। मुनि श्री एवं संघ का जगह जगह पाद प्रक्षालन किया गया, जैन
बंधुओं ने भी पाद प्रक्षालन कर मुनि संघ की आरती की। बिहार कराने वाले
युवकों का एवं आदि नगरों से उपस्थित महानुभावों का सम्मान किया गया।
पथरिया में आदर्शमति जी की अगवानी शनिवार को
पथरिया में आदर्शमति जी की अगवानी शनिवार को
संत शिरोमणी, सर्वश्रेष्ठ युगद्रष्टा वर्तमान के वर्धमान आचार्य भगवंत श्री 108 विद्यासागरजी महाराज के परम प्रभावक शिष्या परम पूज्य आर्यिका माँ 105 आदर्शमति माताजी ससंघ ,15 माताजी का चातुर्मास उपरांत मंगल विहार चल रहा है, अभी विहार बण्डा से पथरिया की ओर चल रहा है, रात्रि विश्राम-सुजनीपुर में होगा और शनिवार सुबह 8ः00 बजे पथरिया में भव्यअगवानी होगी और 8ः30 से पूज्य माताजी के मंगल प्रवचन हथकरघा परिसर पथरिया में होंगे। आहार चर्या पथरिया में होगी।
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