दमोह। जहां एक ओर किसानों को मौसम की मार के चलते खेती में नुकसान झेलना पड़ रहा है वही दूसरी तरफ ग्राम कुढ़ई के किसानों को व्यापारी की ठगी के कारण नुकसान झेलना पड़ रहा है। इसी समस्या को लेकर ग्रामवासी द्रगपाल सिंह लोधी के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन देने पहुँचे। ग्रामवासियों का कहना है कि किसानों की राशि व्यापारी रवि सिंह लोधी पिता संतोष सिंह लोधी टपरियों ग्राम कुड़ई तहसील थाना पटेरा के मूल निवासी हैं व आवेदकगणो की राशि हड़प कर ली है आवेदक गण कई बार व्यापारी के घर गए कि हम लोगों का गल्ला खरीदने के बाद जो राशि है वह हम लोगों को दे दीजिए, लेकिन व्यापारी ने पैसे देने से मना कर दिया गाली गलौज किया और जान से मारने की धमकी दी कि किसानों द्वारा कभी मेरे निवास स्थान पर रुपए मांगने के लिए नहीं आना..
यदि आओगे तो हम लोगों के साथ कोई भी अप्रिय घटना घटित कर सकते हैं व स्वयं आत्महत्या कर हम लोगों को फंसाने की धमकी दी जाती है इससे किसान भी काफी डरे हुए हैं लड़ने झगड़ने को तैयार रहता है तनाव की स्थिति बनी है। किसानों ने मिलकर अपना आवेदन पत्र कलेक्टर महोदय के समक्ष प्रस्तुत किया और कहा कि हम सभी परेशान किसानो की बात सुनकर व्यापारी को जो गल्ला बेचा गया उसकी राशि दिलाया जाना न्याय हित में न्यायचित प्रतीत होता है समस्त आवेदकगणों के द्वारा पुलिस थाना प्रभारी पटेरा के समक्ष निम्न लिखित आवेदन पत्र दिया गया था जिसकी पावती दिनांक 18/08/2021 आवेदक द्वारा दी गई जो नकल उसमें केवल हस्ताक्षर करके ही दी गई पुलिस थाना पटेरा की सील नहीं लगाई गई ना अभी तक कोई कार्यवाही पुलिस के द्वारा व्यापारी के विरुद्ध नहीं की गई है।
व्यापारी के द्वारा सांठगांठ कर इस काम को अंजाम दिया गया है जो न्याय क्रिया के तहत विधि विरुद्ध है पुलिस चुपचाप क्यों बैठी है उसका सभी आवेदकगणों के ऊपर जो खरीददार ने बेईमानी से फसल हतया ली है आज तक रुपया आवेदकगणों को नहीं दिया गया। पुलिस मौका स्थल पर जाकर व्यापारी से पूछताछ करती थी लेकिन कार्यवाही आज तक नहीं की गई। सभी किसान आक्रोश में है उन्हें न्याय प्रदान किया जावे। ज्ञापन देने वालो में प्रशांत सिंह, प्रहलाद सिंह, विजय सिंह, गोविंद सिंह, ऋषभ कुमार जैन, तिलक सिंह, व्रन्दावन पटेल, पूरन सिंह, रतन सिंह, शिवचरण सिंह, बिक्रम सिंह, सुंदर लाल, नरेंद्र सिंह, कल्याण सिंह, महेंद्र, तरवर, तीरथ सिह, हिमाचल गर्ग शामिल रहे।
रोटरी क्लब ने वितरित किये फेस मास्क व सैनिटरी पैड
दमोह। रोटरी क्लब ग्रेटर ने शासकीय माध्यमिक विद्यालय ग्राम खजरी में छात्रों को फेस मास्क एवं छात्राओं को सेनेटरी पैड्स का वितरण किया। रोटरी क्लब ने उक्त शाला में सभी कक्षों में फ्लोर टाइल्स एवं सभी क्लास रूम में सीलिंग फैन/पंखे लगवाए गए हैं । इस अवसर पर नवीन कक्षों का लोकार्पण समारोह का आयोजन किया गया।दमोह। पितृ तर्पण समिति द्वारा राष्ट्र के अमर शहीदों को पिण्डदान एवं श्रद्वांजलि, पितृ विसर्जन एवं पितृें की महाआरती, कपूर द्वारा आरती एवं पितृ स्त्रोत पाठ का आयोजन आज 6 अक्टूबर बुधवार को प्रातः 8ः30 बजे से पुराना तालाब जगदीश मंदिर के सामने किया जाएगा। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में युवा समाज सेवी सिद्धार्थ मलैया एवं युवा समाज सेवी आकाश सिंह राजपूत कार्यक्रम में शामिल होगें। पुजारी पुरोहित कर्मकाण्ड महासंघ के जिलाध्यक्ष पं. राहुल शास्त्री ने कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है।
शासन की योजना में हितग्राही को आर्थिक नुकसान
दमोह। शासन द्वारा संचालित योजनाओं में लोग इसलिए आवेदन करते हैं कि उन्हें शासन के द्वारा दी जा रही अनुदानों का लाभ मिल सके लेकिन देखने में यह आ रहा है कि बैंकों द्वारा हितग्राहियों को इसका लाभ नहीं दिया जा रहा। वह हितग्राहियों से मनमानी राशि वसूल रहे हैं ऐसा ही एक मामला सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा हटा का है जहां हितग्राही धर्मेंद्र दुबे पिता ग्या प्रसाद दुबे ग्राम भिंडारी तहसील हटा ने योजना अंतर्गत स्वीकृत धनराशि पर बैंक के द्वारा अधिक राशि वसूली गई शासन द्वारा हितग्राही को जारी की गई अनुदान राशि पर भी बैंक द्वारा ब्याज लगाया गया जिसके आवेदन लेकर हितग्राही हटा, दमोह और सागर तक चक्कर काट रहा है।
हितग्राही धर्मेंद्र दुबे द्वारा बैंक में आवेदन दिया गया वह बैंक की रीजनल शाखा सागर तक चक्कर काट चुका है अभी तक हितग्राही को उसके द्वारा की गई अधिक राशि वापस नहीं की गई है। हितग्राही धर्मेंद्र दुबे ने बताया कि उसने कस्टम हायरिंग सेंटर हेतु शासन द्वारा 11,34,790 ऋण स्वीकृत करवाया था और स्वीकृत ऋण राशि में 25 प्रतिशत मार्जिन मनी 2,27,000 रुपए एवं अनुदान राशि 4,42,716 रुपए स्वीकृत हुए जो उसके बैंक खाते में दिनांक 28.1.2016 को कार्यपालन यंत्री बीहड़ कृष्ककरण विभाग द्वारा जमा की गई थी परंतु बैंक के द्वारा बैंक के लोन खाते में वह राशि दिनांक 5.11.2020 में डाली गई जिसके कारण 4 साल 9 माह बाद डाली गई राशि से उसे बैंक को अतिरिक्त ब्याज भरना पड़ा। आवेदक हितग्राही को 4,65,000 पर बैंक द्वारा ब्याज लगाया जाता था जोकि 9,07,716 पर ब्याज वसूला गया जो कि घटते क्रम में लगाया जाना था। बैंक द्वारा किस्त की राशि 7000 प्रति माह की बताई गई थी जो 7 साल में पूर्ण राशि 5,88,000 जमा करनी थी।







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