सांसद निवास पर होली उत्सव का मनाया गया
दमोह। होली उन्माद का नहीं उत्साह का उत्सव है इसको पारंपरिक और संस्कृति के अनुसार उत्सव के रूप में मनाना चाहिए यह बात दमोह सांसद तथा भारत सरकार के केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण एवं जल शक्ति राज्यमंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कही। दमोह सांसद निवास पर आयोजित होली समारोह के अवसर पर उपस्थित गणमान्य नागरिकों को संबोधित करते हुए उन्होंने देश एवं क्षेत्रवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं दी।
मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा जल के बिना सब कुछ सूना है इसलिए जल का संरक्षण और संवर्धन आवश्यक है इस दिशा में भी हमें ध्यान देना होगा। इस होली के पर्व पर जब देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है तब हम सब संकल्प लें अपने अंदर जो भी कमी है बुराई है उसको कैसे दूर करेंगे यह प्रयास करें और यह निश्चित है सभी में कुछ ना कुछ कमी बुराई रहती है इसमें आप सबके साथ मैं भी अपने आप को सम्मिलित करता हूं। हम सब आने वाले समय में जब होली का पर्व मनाएंगे तो उस समय तक वह कमी और बुराई खत्म करके मिले। देश और क्षेत्र में खुशहाली हो सभी सुखी रहें निरोग रहे इस प्रकार की कामना हम करते हैं।
स्वयं किया स्वागत और रंग लगाया
दमोह सांसद तथा भारत सरकार के केंद्रीय जल शक्ति एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री प्रहलाद पटेल ने स्वयं अपने हाथों से सभी का स्वागत गुलाल और रंग लगाकर किया। प्रदेश शासन के पूर्व वित्त मंत्री जयंत कुमार मलैया दमोह ए वेयर हाउसिंग कारपोरेशन लॉजिस्टिक के अध्यक्ष राहुल सिंहए विधायक हटा पीएल तंतुवायए विधायक जबेरा धर्मेंद्र सिंह लोधीए भाजपा जिलाध्यक्ष प्रीतम सिंहए पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष प्रमोद विश्वकर्माए सांसद प्रतिनिधि नरेंद्र बजाजएकलेक्टर एस कृष्ण चैतन्यए पुलिस अधीक्षक डीआर तेनीवार के साथ सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी कर्मचारी तथा गणमान्य नागरिकों के साथ रंगों का पर्व होली उत्साह के साथ मनाते हुए शुभकामनाएं दी।
’रंग गुलाल और अबीर उड़ाया ’
रंगो के पर्व होली उत्सव पर दमोह सांसद निवास पर आयोजित होली मिलन समारोह के अवसर पर दमोह सांसद तथा भारत सरकार के केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण एवं जनशक्ति राज्यमंत्री प्रहलाद सिंह पटेल एक अलग ही रंग में नजर आए। रंग बिरंगी राजस्थानी पगड़ी के साथ रंगो से रंगे प्रह्लाद सिंह पटेल पूरी तरह होली के रंग और मस्ती में रंगे दिखलाई दिए। जहां उन्होंने रंग.बिरंगे रंगों के साथ गुलाल और पुष्पों को उड़ाया। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन के साथ होली के गीतों पर नृत्य किया। चेहरे पर प्रसन्नता और उत्साह और सभी को रंगों के रंगने के बाद घंटों चले नृत्य ने एक अलग वातावरण निर्मित कर दिया था। सभी होली की मस्ती में डूब कर गा रहे थे और एक दूसरे को शुभकामनाएं दे रहे थे।
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