भारतीय जैन मिलन का राष्ट्रीय अधिवेशन प्रारंभ
दमोह। जिले के इतिहास में पूज्य बड़े बाबा की नगरी सिद्ध क्षेत्र कुंडलपुर में भारतीय जैन मिलन का राष्ट्रीय अधिवेशन जोर शोर से प्रारंभ हो गया है। राष्ट्रीय अधिवेशन में प्रथम दिन प्रातः कालीन बेला में भारत के कोने कोने से पधारी राष्ट्रीय क्षेत्रीय पदाधिकारी और वीर वीरांगनाओं ने पूज्य बड़े बाबा के मंदिर में जाकर दर्शन अभिषेक पूजन अर्चन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय अध्यक्ष वीर सुरेश जैन ऋतुराज, महामंत्री वीर नरेंद्र जैन राजकमल, नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष वीर विजय कुमार जैन गुना की उपस्थिति में किया गया। पूर्व मंत्री जयंत मलैया एवं सागर विधायक शैलेंद्र जैन द्वारा ध्वजारोहण किया गया। इस अवसर पर महिला जैन मिलन कांच मंदिर की वीरांगनाओं ने बैंड की मधुर धुन ने पूरे वातावरण को गुंजायमान कर दिया।
ध्वजारोहण के पश्चात कार्यक्रम संयोजक अतिवीर इंजीनियर आरके जैन ने मंच का उद्घाटन किया। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अतिवीर नेम कुमार सराफ के द्वारा दीप प्रज्वलन व चित्र अनावरण, वीर जीतेश जैन तथा वीरांगना कोमल जैन ने किया। अतिथियों को मंचासीन कराने के बाद परंपरा अनुसार महिला जैन मिलन कांच मंदिर की वीरांगनाओं द्वारा महावीर प्रार्थना का संगीतमय सा स्वर ज्ञान कराया गया। अतिथि देवो भव की परंपरा का निर्वहन करते हुए आयोजन अतिथि स्वागत समिति के सदस्यों ने मंचासीन अतिथियों का स्वागत किया।
अतिथि स्वागत के उपरांत महिला जैन मिलन वसुंधरा नगर की वीरांगनाओं ने मिलन गीत का गायन किया। जैन मिलन नेमी नगर की वीरांगनाओं ने पंजीयन का कार्य किया। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए भारतीय जैन मिलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीर सुरेश जैन ऋतुराज ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में जैन धर्म के प्रभावशाली इतिहास का वर्णन करते हुए श्रोताओं से कहा कि अपने जैन होने का गौरव महसूस करें। अपनी अधिक से अधिक ऊर्जा का इस्तेमाल सामाजिक एकता के लिए करें।
क्षेत्रीय अध्यक्ष अतिवीर कमलेंद्र जैन एडवोकेट ने कहा कि हमें समाज के गरीब वंचित वर्ग को ऊपर उठाने के लिए कार्य योजना बनाना चाहिए। कार्यक्रम के अतिथि समाज गौरव मध्य प्रदेश शासन के मंत्री श्री जयंत कुमार मलैया ने कहा कि जैन समाज के ऐसे परिवार जो व्यापार शिक्षा स्वास्थ्य आदि के मामले में जरूरतमंद है, हमें उनका इन सुविधाओं को पहुंचाने के लिए कार्य करना चाहिए। श्री शैलेंद्र जैन विधायक सागर ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर जैन समाज का योगदान सबसे बड़ा है। पीछे रह गए लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जाए। उन्होंने बड़ौत जैन समाज का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां पर जैन समाज की संस्थाओं की संख्या किसी बड़े नगर से भी अधिक है।
कार्यक्रम में एकलव्य विश्वविद्यालय दमोह की कुलाधिपति श्रीमती डॉक्टर सुधा मलैया विशेष अतिथि के रुप में उपस्थित हुई। कार्यक्रम स्थल पर एकलव्य विश्वविद्यालय दमोह तथा जैन मिलन शाखा मकरोनिया ने चित्र प्रदर्शनिया लगाकर लोगों का ज्ञान वर्धन किया। राष्ट्रीय महामंत्री वीर नरेंद्र जैन राजकमल प्रशासन ने वर्ष 2020 21 एवं वर्ष 2021-22 का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। प्रथम सत्र का समापन जैन मिलन परिवार दमोह द्वारा प्रकाशित एवं अतिवीर डॉक्टर एल सी जैन द्वारा संपादित स्मारिका समर्पण के विमोचन के साथ हुआ। राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट वीर वीरांगनाओं को तथा फाउंडेशन सदस्यों को सम्मानित किया गया।
संपूर्ण कार्यक्रम की व्यवस्था में पदम चंद जैन, यूसी जैन, ऋषभ जैन स्टेशन मास्टर, के पी जैन, केसी जैन, सुधीर जैन डब्लू, सबन सिल्वर, राजकुमार जैन, राकेश पलंदी, राकेश जैन, प्रमोद बड़कुल, ललित सराफ, अशोक जैन, जवाहर जैन, पारस कुमार जैन, अरुण जैन, आनंद जैन, जिनेंद्र उस्ताद, कल्पना सेठ, मधु बजाज, कविता बजाज, नीलू जैन, रश्मि जैन, ममता जैन, निशा जैन, सुषमा जैन सहित अनेक वीर वीरांगना सक्रिय नजर आए। मंच का संचालन अतिवीर कमलेंद्र जैन एवं अति वीरांगना कविता जैन द्वारा किया गया।





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