विधायक श्री मलैया ने किया सड़क का भूमिपूजन
दमोह। विधायक एवं पूर्व मंत्री जयंत कुमार मलैया ने टिकरी बुजुर्ग में लोक निर्माण विभाग द्वारा स्वीकृत बादंकपुर.बलारपुर मार्ग से टिकरी बुजुर्ग सिंगपुर हलगजिया मार्ग के 3 50 किलोमीटर लंबे सड़क निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रवासियों ने सड़क निर्माण को गांव के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इस अवसर पर अखिलेश हजारी जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि राजू ठाकुर चटन पटेल पप्पू लोधी सुनील डबुल्या बृजेश ठाकुर ग्राम सरपंच सहित अनेक पदाधिकारी कार्यकर्ता एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
सिंग्रामपुर में जननायक कार्यक्रम का समापन.. दमोह। सिंग्रामपुर में आयोजित जननायक कार्यक्रम का समापन नगर में बड़ी गरिमा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में सिगौरगढ़ की वीरांगना रानी दुर्गावती के जीवन उनके शौर्य पराक्रम और समाजसेवा पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने उपस्थित नागरिकों से रानी दुर्गावती के आदर्शों को आत्मसात करने और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में संस्कृति पर्यटन धर्मस्व एवं धार्मिक न्यास राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने संबोधित करते हुए कहा रानी दुर्गावती जैसी महान विभूतियों के त्याग वीरता और नेतृत्व की गाथाएं हमारी संस्कृति की धरोहर हैं। उन्होंने कहा रानी दुर्गावती ने अपने समय में अंग्रेजों का साहसपूर्वक मुकाबला किया और समाज को एकजुट कर राष्ट्र को मजबूती प्रदान की। स्थानीय नागरिकों ने भी इस आयोजन की सराहना की। उनका कहना था ऐसे कार्यक्रम समाज को अपने इतिहास और गौरवशाली परंपरा से जोड़ते हैं और युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का काम करते हैं।कार्यक्रम के अंत में अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि रूपेश सेन खड़क सिंह मुलायचंद जैन अजय राय गोलू साहूए कल्याण चौधरी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। मुख्य कार्यपालन अधिकारी रामेश्वर पटेल सुरेश प्रजापति राकेश ठाकुर ने भी कार्यक्रम में सहभागिता निभाई।मडियादो में कलाकारों ने पेश की ऐतिहासिक गाथाएं.. दमोह। मडियादो में आयोजित जननायक कार्यक्रम के दूसरे और तीसरे दिन वीरता त्याग और इतिहास की अमर कहानियां मंच पर जीवंत हुईं। भोपाल सीधी सहित अन्य जिलों से आए कलाकारों ने राजा हीराखान क्षत्रिय और रानी दुर्गावती के जीवन प्रसंगों पर आधारित नाट्य प्रस्तुतियां दीं जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और अतिथियों के स्वागत से हुआ। दूसरे दिन प्रस्तुत नाटक में राजा हीराखान क्षत्रिय की जन्मकथा संघर्ष और पराक्रम को प्रभावी तरीके से दिखाया गया। नाटक में दर्शाया गया कि जन्म के तुरंत बाद ही उनका जीवन संघर्षों से भर गया थाए जब राज्य विस्तार की लालसा रखने वाले एक क्रूर राजा ने उनके पिता की हत्या कर दी।
कहानी में एक भावनात्मक मोड़ तब आता है जब हीराखान के पिता का वफादार घोड़ा उस क्रूर राजा की बेटी को लेकर वापस लौट आता है। बाद में हीराखान की मां उस लड़की का विवाह अपने पुत्र हीराखान से कर देती हैं। अपने पूर्वजों की हत्या का बदला लेने के संकल्प के साथ हीराखान अपनी पत्नी के साथ प्रतिशोध की राह पर निकल पड़ते हैं। नाटक में यह भी दिखाया गया कि राजा सत्परिया जो अब हीराखान के ससुर थे बारह वर्षों से राज्य विस्तार के लिए निकले थे और संकट में फंस गए थेए जिन्हें बचाने का दायित्व हीराखान क्षत्रिय ने निभाया।
उन्मुक्त संस्था ने किया जल संचय अभियान अंतर्गत बोरी बंधान कार्यक्रम.. दमोह। मुख्यमंत्री माननीय मोहन यादव की जल संरक्षण
संबंधी मंशा के अनुरूप प्रदेश भर में संचालित जल संचय अभियान के तहत दमोह
जिले के विकासखंड दमोह के सेक्टर अभाना के ग्राम जुझार में सामुदायिक
सहभागिता के आधार पर बोरी बंधान का श्रमदान कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का आयोजन ग्रामवासियों के सहयोग से तथा ग्राम विकास प्रस्फुटन
समिति जुझार के साथ मिलकर किया गया। इस अवसर पर भा.जा.पा. के नगर मंडल
मंत्री राहुल पाठक कहा कि बोरी बंधान जल संरक्षण की परंपरागत एवं प्रभावी
तकनीक है, जिसे बिना लागत के आसानी से किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि
इस प्रकार के श्रमदान आधारित प्रयास न केवल जल संचयन को मजबूत करते हैं
बल्कि ग्रामवासियों में सामुदायिक एकता और सहभागिता को भी बढ़ाते हैं। समाज
सेवी जितेंद्र राजपूत ने बताया कि बोरी बंधान से वर्षा जल का रुकाव बढ़ेगा,
जिससे स्थानीय जलीय जीवों का संरक्षण, कृषि कार्यों में सुविधा एवं
ग्रामीणों की दैनिक जल आवश्यकता की पूर्ति अधिक सुगमता से हो सकेगी।
उन्होंने ग्रामीण समुदाय को इस अभियान में निरंतर सहयोग हेतु प्रेरित किया।
कड़ौरी सेन ने कहा कि ग्रामवासियों की भागीदारी से जल संरक्षण की दिशा में
यह एक सकारात्मक एवं प्रभावी कदम है। सामुदायिक श्रमदान के माध्यम से बोरी
बंधान निर्माण कर ग्रामीणों ने जल संकट के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण
योगदान दिया है। दयाराम पटेल, करोड़ी सेन,सौरभ सिंह, नीतीश लोधी, नितिन
राठौर, नीरज महोबिया, महेंद्र सेन, रेवाराम, जानकी गोपी सेन रेवाराम आदि की
बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने बोरी बंधान निर्माण में श्रमदान कर कार्यक्रम
को सफल बनाया।






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