शराब दुकान न खोले जाने की मांग को लेकर धरना
दमोह/हटा। मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमाभारती शराब के खिलाफ आंदोलन कर रही है वही मध्यप्रदेश सरकार शराब के दाम को ओर कम कर रही है ताकि यह जहर आमजनमानस के घर घर तक पहुँचे। वही नगर के चंडी जी वार्ड शराब दुकान के स्थान परिवर्तन को लेकर भगवती मानव कल्याण संगठन एवं वार्ड की युवतियों महिलाओं द्वारा विरोध करते हुए धरना प्रदर्शन किया गया। हटा विधायक पी एल तंतबाय ने पहुँच कर लोगो की बात सुनी और शराब दुकान न खुलने का आश्वासन दिया। लेकिन स्थानीय लोगो का कहना था कि जिस जगह शराब दुकान खुलना निश्चित हुआ है वह भाजपा के एक पदाधिकारी की दुकान है इस पर क्या भाजपा संगठन कोई आपत्ति जतायेगा..?इस के बाद बड़ी संख्या एकत्रित होंकर नगर में रैली निकाल एसडीएम के नाम नायब तहसीलदार रोहित सिंह राजपूत को ज्ञापन सौंपा जहाँ शराब दुकान का स्थान परिवर्तन किया जा रहा है दमोह पन्ना राज्य मार्ग क्रमांक 49 के मुख्य मार्ग पर स्थित खोली जा रही है, जिसमें उन सभी महिलाओं को आपत्ति है, महिलाओं का कहना है कि शराब दुकान के कारण चारों और शांतिप्रिय रहवासी एवं व्यवसाय क्षेत्र है, जिससे शराब दुकान में उत्पन्न में दूसरे वातावरण क्षेत्र के माहौल को खराब करने की आशंका है साथ ही तहसील में आगामी समय में सीमेंट फैक्ट्री भी खोली जानी है जिससे इस मार्ग पर भारी वाहनों के अत्यधिक आवाजाही हो जाएगी और शराब दुकान खोलने से दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाएगी, पास में नगर का प्रसिद्ध मंदिर होने के कारण दर्शनार्थियों को भी समस्या का सामना करना पड़ सकता है, साथ ही माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार राजमार्ग से शराब की दूरी कम से कम 250 मीटर होनी चाहिए, किंतु यह शराब दुकान राज्य मार्ग से चंद मीटर पर खोली जा रही है। लोगो ने बताया कल रात्रि में भी शराब कंपनी के लोगो द्वारा वार्ड में गाली गलौच कर फ्लेक्स फाड़ दिए गए लोगो का कहना है शासन प्रशासन द्वारा पूर्ण आश्वासन देने पर अभी धरना को विराम दे दिया गया है अगर प्रशासन ऐसे ही मौन रहा तो हमे ही बड़ा कदम उठाना पड़ेगा ओर आज चक्का जाम, बड़े आंदोलन को बाध्य होना पड़ेगा।
धरने में मानसी खटीक, आकांछा खटीक, सीतल, रजनी खटीक, राखी, बिनीता सेन, रौनक, प्रिया, खुशी, मुस्कान, शिवानी, गंगा बाई, अंजली, नेहा खटीक, मोहनी, सावित्री, प्रेमरानी, सीमा, मंजू, अवंतिका, अर्चना, खटीक, हेमलता, प्रियंका, रश्मि, सहित बड़ी संख्या में महिलाओं के साथ भगवती मानवकल्याण संगठन जिला दमोह के जिला उपाध्यक्ष केशव प्रसाद रैकवार, हटा संगठन महिला व्लाक अध्यक्ष मजूलता रैकवार, भारतीय शक्ति चेतना पाट्री हटा अध्यक्ष मेघराज पटेल, युवा मोर्चा अध्यक्ष यशबेन्द्र सिंह हजारी, नरेंद्र विश्वकर्मा, घनश्याम पाठक के साथ अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहें।
दमोह। अजाक्स संघ दमोह के जिलाध्यक्ष डॉ.मोहन सिंह आदर्श ने अपने जन्मदिवस के अवसर पर अनुसूचित जाति, जनजाति मैट्रिक एवं पोस्टमैट्रिक छात्रावास पहुंचकर समस्त बच्चों को शिक्षण सामग्री पेन-डायरी का वितरण किया।
इस मौके पर मोहन आदर्श ने कहा कि शिक्षा या शिक्षण सामग्री एक ऐसा उपहार है जिसका रसा स्वादन कभी समाप्त नहीं होता बल्कि शिक्षा जीवन में नवीनतम मिठास घोल देती है। तत्पश्चात शाम 6 बजे डॉ.भीभराव अम्बेडकर चौक में डॉ.आदर्श द्वारा बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर केक काटकर वरिष्ठजनों का आशीर्वाद लिया और उपस्थित साथियों व बच्चों से अनुरोध किया गया कि हमे बाबा साहब के प्रशस्त मार्ग पर कार्य करने की आवश्यकता हैं जिनका प्रथम उद्देश्य वंचितों को शिक्षा से जोड़ना था इसी उद्देश्य को लेकर आज हमने दमोह के छात्रावास में अध्यापन हेतु रह रहे छात्रों को सामग्री वितरण की जिससे बच्चों में सेवा एवं शिक्षा का प्रसार हो।
यह आयोजन बीते कई सालों से दमोह के चमन चौक के पास ख़ानक़ाह बशीरुल औलिया में मनाया जा रहा है । प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी उर्से मौलाना सूफी हबीबी व बशीरी मनाया गया। आज से लगभग 50 साल पहले हजऱत बशीरुल औलिया साहब ने अपने पीरो मुर्शिद की याद में उर्स की महफ़िल की शुरुआत की थी तब से आज तक ये सिलसिला कायम है और बड़ी शानों शौक़त के साथ मनाया जाता है । गौरतलब है कि इससे पहले यहाँ के उर्स की महफ़िल की सारी रस्में पीरे तरीक़त सूफी हज़रत सिराजुलहक़ साहब की सरपरस्ती में हुआ करती थी
अनुसूचित जाति छात्रावास में शिक्षण सामग्री बांटी
दमोह। अजाक्स संघ दमोह के जिलाध्यक्ष डॉ.मोहन सिंह आदर्श ने अपने जन्मदिवस के अवसर पर अनुसूचित जाति, जनजाति मैट्रिक एवं पोस्टमैट्रिक छात्रावास पहुंचकर समस्त बच्चों को शिक्षण सामग्री पेन-डायरी का वितरण किया।
इस मौके पर मोहन आदर्श ने कहा कि शिक्षा या शिक्षण सामग्री एक ऐसा उपहार है जिसका रसा स्वादन कभी समाप्त नहीं होता बल्कि शिक्षा जीवन में नवीनतम मिठास घोल देती है। तत्पश्चात शाम 6 बजे डॉ.भीभराव अम्बेडकर चौक में डॉ.आदर्श द्वारा बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर केक काटकर वरिष्ठजनों का आशीर्वाद लिया और उपस्थित साथियों व बच्चों से अनुरोध किया गया कि हमे बाबा साहब के प्रशस्त मार्ग पर कार्य करने की आवश्यकता हैं जिनका प्रथम उद्देश्य वंचितों को शिक्षा से जोड़ना था इसी उद्देश्य को लेकर आज हमने दमोह के छात्रावास में अध्यापन हेतु रह रहे छात्रों को सामग्री वितरण की जिससे बच्चों में सेवा एवं शिक्षा का प्रसार हो।
इस अवसर पर जिला संरक्षक अजक्स, प्रताप रोहित, बीएल रोहित, मुन्नी लाल अहिरवार, आरबी सिंह महासचिव, इंजी.टी चौधरी, महेन्द्र रोहित, उपाध्यक्ष, जेएल भारती, इंजी.अमित अहिरवार, कोषाध्यक्ष तुलाराम अहिरवार, कैलाश अहिरवार, एचएल अहिरवार, जीडी रैदास, नरेन्द्र अहिरवार, प्रदीप रही, डीसी बैन, डॉ.सुभास अहिरवार, प्रमोद अहिरवार, तुलसीराम अहिरवार, राजेंद्र रोहितास, नरेन्द्र अहिरवार, शैलेन्द्र अहिरवार, राकेश सूर्यवंशी सहित अनेक साथियों की गरिमामयी उपस्थित रही।
शानों शौक़त से मनाया गया उर्से हबीबी व बशीरी..
दमोह। अबुल उलाई सिलसिले से ताल्लुक रखने वाले सूफी मौलाना हबीब अहमद फरीदपुरी साहब के उर्स की दो दिवसीय महफ़िल का आयोजन दमोह के चमन चौक के पास ख़ानक़ाहे बशीरी सिराजिया ख़ानक़ाह परिसर में किया गया है जिसकी सरपरस्ती सूफी हज़रत सैयद फैजानुलहक़ साहब फरमा रहे हैं।
यह आयोजन बीते कई सालों से दमोह के चमन चौक के पास ख़ानक़ाह बशीरुल औलिया में मनाया जा रहा है । प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी उर्से मौलाना सूफी हबीबी व बशीरी मनाया गया। आज से लगभग 50 साल पहले हजऱत बशीरुल औलिया साहब ने अपने पीरो मुर्शिद की याद में उर्स की महफ़िल की शुरुआत की थी तब से आज तक ये सिलसिला कायम है और बड़ी शानों शौक़त के साथ मनाया जाता है । गौरतलब है कि इससे पहले यहाँ के उर्स की महफ़िल की सारी रस्में पीरे तरीक़त सूफी हज़रत सिराजुलहक़ साहब की सरपरस्ती में हुआ करती थी
जिनके पर्दा करने के बाद इस ख़ानक़ाह में होने वाले प्रोग्रामों की रहनुमाई सूफी हज़रत सैयद फैजानुलहक़ साहब कर रहे हैं।
महफ़िल की शुरुआत मीलाद शरीफ से हुई जहाँ हाफिजों व शायरों ने शिरकत की और तक़रीर प्रोग्राम व नात की महफ़िल सजी जिंसमें मौलाना तहसीन रज़ा साहब, ताज मस्जिद के पेश इमाम, मण्डी मस्जिद पेश इमाम शायर ताबिश नैयर ने कलाम पढ़े। महफ़िल का दूसरा दौर क़व्वाली का रहा। जिंसमें मेहमान क़व्वाल अल्ला नूर साहब ने सूफियाना कलाम पढ़े जिस पर अक़ीदतमंद लोग झूम उठे। इम्तियाज़ चिश्ती ने जानकारी देते हुए बताया यहाँ हर साल होने वाले इस आयोजन में दमोह के अलावा अन्य शहरों से भी मुरीद अपने पीर का उर्स मनाने दमोह आते है। उर्स के दूसरे दिन हज़रत का जोड़ा निकला और ख़ानक़ाह पहुँचा शाम 7 बजे फ़ातिहा हुई और आम लंगर का आयोजन हुआ इस अवसर पर दमोह नगर के सभी वार्डों के अकीदतमंद लोगों की उपस्थिति रही ।





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