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बुन्देलखण्ड के लौह-पुरूष नाम से विख्यात श्री कपूरचंद्र जी घुवारा.. प्रथम पूण्य स्मरण पर विविध आयोजनों के जरिए श्रद्धासुमन अर्पित.. जननायक नेता स्वर्गीय श्री कपूरचंद घुवारा जी की मूर्ति स्थापित होःप्रदुम्न सिंह विधायक बडामलहरा..

प्रथम पूण्य स्मरण दिवस 21 अप्रैल 2022..

बुन्देलखण्ड की माटी के गौरव-लोकप्रिय जननायक -लौहपुरुष- परम् श्रद्धेय स्व.श्री कपूर चन्द्र घुवारा जी श्रद्धान्जालि सिद्धक्षेत्र द्रोणगिरी (सेदपा) मे आयोजित प्रथम पूण्य स्मरण दिवस के अवसर पर प्रदुम्न सिंह विधायक ने रखीं बात

 विधायक प्रदुम्न सिंह ने कहां बड़ा मलहरा विधानसभा के जननायक नेता स्वर्गीय श्री कपूरचंद घुवारा जी की मूर्ति घुवारा में कहीं ना कहीं स्थापित करनी चाहिए क्योंकि वह इस विधानसभा के लिए एक आदर्श नेता थेउन्होंने अपने जीवन काल में अनेकों संघर्ष करके बड़ा मलहरा विधानसभा का नाम ऊपर किया, वहीं घुवारा नगर को एक अलग पहचान दिलाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है ऐसे जननायक को हम सब को याद करके उनके सम्मान में उनकी प्रतिमा को कहीं ना कहीं स्थान देना चाहिए और सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करना चाहिए

 बुन्देलखण्ड के लौह-पुरूष नाम से विख्यात श्री कपूरचंद्र जी घुवारा पूरे देश एवं विशेष रूप से बुन्देलखण्ड में राजनैतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में प्रख्यात है । आप म.प्र. हस्त शिल्प निगम के अध्यक्ष एवं दो बार विधायक भी रहे हैं। आप श्री दिगम्बर जैन सि क्षेत्र द्रोणगिरि छतरपुर एवं गणेश प्रसाद वर्णी स्नातकोत्तर महाविद्यालय घुवारा छतरपुर के अध्यक्ष पद को सुशोभित किया

 जिन्होंने अनेकों बर्षा तो नंगे पैर रहकर चलते रहै जब 2006 मप्र के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान नगर घुवारा पधारे ओर क्षेत्र कि विभिन्न जन समस्याओं को हल कर करने कि बात कही तब कही जाकर श्री कपूरचन्द जी को स्वयं यह जुता पहनने का आग्रह कि था यह जुता घुवारा जी ने  हजारों हजार जन समूह के बीच जिन्हें पहना था  आप कहा करते थे किसी की लाइन छोटी करने से अच्छा है अपनी लाइन बड़ी करके रखो

 आप कहा करते थे सबसे पहले गरीब, कमजोर और सर्वहारा वर्ग की मदद के   लिए तैयार रहो ! आपने स्वयं को कभी जाति और धर्म के बंधन में नहीं बांधा, बड़े - बड़े ओहदे पर रहकर भी कभी किसी ने आपके चेहरे पर घमंड का एहसास नहीं किया, समाज के प्रत्येक वर्ग को आपकी कार्यशैली पर पूर्ण भरोसा रहता था ! किसान की मैड़ पर बैठकर उनके सुख - दुख में शामिल रहना, उनकी मुसीबत के समय जब आपका हाथ उनके कंधे पर होता था तो उन्हें बड़ी राहत मिलती थी।  ll  जन्म  14/8/1943 देहत्याग-21/4 2021

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