नेशनल लोक अदालत में निराकृत हुये 916 प्रकरण
दमोह। राष्ट्रीय एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार परस्पर समझौते के आधार पर आमजन को त्वरित एवं सुलभ न्याय दिये जाने के उद्देश्य से 12 नवम्बर को श्रीमती रेणुका कंचन प्रिंसिपल जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में जिला न्यायालय तथा तहसील न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया है।
नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ जिला न्यायालय परिसर में स्थित ए.डी.आर. भवन में श्रीमती रेणुका कंचन, प्रधान न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दीप प्रज्जवलित कर एवं मॉं सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर एस कृष्ण चैतन्य, पुलिस अधीक्षक डी.आर.तेनीवार, बी.पी. पाण्डेय, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय, शरत चंद सक्सेना विशेष न्यायाधीश, संजय कस्तवार, प्रथम जिला न्यायाधीश एवं समस्त न्यायाधीशगण, अम्बुज पाण्डेय, जिला न्यायाधीश /सचिव एवं श्रीमती गुंता डांगे, जिला विधिक सहायता अधिकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अध्यक्ष अधिवक्ता संघ सुरेश मेहता सहित अन्य अधिवक्तागण, प्रशासनिक अधिकारी, न्यायालय एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी उपस्थित रहे।
नेशनल लोक अदालत के माध्यम से न्यायालयों में लंबित राजीनामा योग्य दांडिक, सिविल चैक अनादरण, वाहन दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा, वैवाहिक मामले, विद्युत से संबंधित प्रकरणों का आपसी सहमति एवं राजीनामा के आधार पर निराकरण किया गया। साथ ही बैंक ऋण वसूली, बी.एस.एन.एल. की बकाया वसूली, विद्युत विभाग एवं नगर पालिका से संबंधित प्रिं-लिटिगेशन प्रकरणों का भी निराकरण किया गया। आयोजन हेतु दमोह एवं तहसील हटा, पथरिया व तेंदूखेड़ा हेतु 01 न्यायाधीश एवं 02 सुलहकर्ता सदस्यों से गठित कुल 20 खण्डपीठों का गठन किया गया है।







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