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मुनि श्री 108 पद्म सागर जी का 28 वां दीक्षा दिवस भक्तिमय उल्लास से मनाया.. प्याऊ व पशु पेयजल का शुभारंभ.. जिले की गौशालाओं में सुधार के लिए बैठक 25 को आमजन से सुझाव आमंत्रित..

मुनि श्री 108 पद्म सागर जी का 28 वां दीक्षा दिवस
दमोह। पूज्य मुनि श्री 108 पद्म सागर जी महाराज का 28वां मुनि दीक्षा दिवस अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर सकल दिगंबर जैन समाज सहित बाहर से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु जन उपस्थित रहे, जिससे पूरा वातावरण धर्ममय हो उठा। कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण से हुआ, जिसे श्रीमती रुपाली जैन, श्रीमती शैली जैन एवं श्रीमती निधि चौधरी ने भक्ति भाव से प्रस्तुत किया।

शहर की 18 जैन पाठशालाओं के विद्यार्थियों की सह भागिता विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जहां बच्चों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक नृत्य एवं नाटिकाओं ने सभी का मन मोह लिया। 
दीक्षा दिवस के उपलक्ष्य में 28 पात्रों में विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा विधिपूर्वक पादप्रक्षालन किया गया, जो इस ऐतिहासिक अवसर की गरिमा को दर्शाता है। साथ ही पूज्य मुनि श्री पद्म सागर जी महाराज एवं क्षुल्लक श्री तात्पर्य सागर जी महाराज के गृहस्थ जीवन से जुड़े परिजनों का श्रद्धापूर्वक सम्मान किया गया।
इस अवसर पर पूज्य आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज एवं मुनि श्री पद्म सागर जी महाराज का विभिन्न मंदिर समितियों, महिला मंडलों एवं सामाजिक संगठनों द्वारा भक्ति एवं उत्साह के साथ अभिनंदन किया गया।
आत्मकल्याण का मार्ग बताया कार्यक्रम के दौरान पूज्य क्षुल्लक श्री तात्पर्य सागर जी महाराज ने अपने ओजस्वी प्रवचनों में कहा कि मनुष्य जीवन अत्यंत दुर्लभ है और इसका उद्देश्य आत्मा की शुद्धि एवं मोक्ष की प्राप्ति है।
दीक्षा केवल बाहरी त्याग नहीं, बल्कि मोह, माया और राग-द्वेष से पूर्ण विरक्ति का मार्ग है।
उन्होंने कहा कि यदि पूर्ण त्याग संभव न हो, तो भी संयम, सदाचार और अहिंसा को अपनाकर आत्मकल्याण की दिशा में बढ़ा जा सकता है। साथ ही उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि गहरे संस्कार ही जीवन को श्रेष्ठ बनाते हैं।

तत्पश्चात पूज्य मुनि श्री 108 पद्म सागर जी महाराज ने अपनी दिव्य देशना में नेमावर सिद्ध क्षेत्र में 28 वर्ष पूर्व प्राप्त दीक्षा के भावुक क्षणों को स्मरण करते हुए अपने गुरु पूज्य आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि गुरु कृपा के बिना आत्मोन्नति का मार्ग कठिन है और दीक्षा का क्षण आत्मा के भविष्य को बदलने वाला होता है। त्याग और तपस्या के प्रारंभिक कष्ट ही आगे चलकर आत्मिक शांति और आनंद का कारण बनते हैं।

 मुनि श्री ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे अपने जीवन में स्वाध्याय, पूजा, जप एवं ध्यान को स्थान दें और नई पीढ़ी को धर्म संस्कारों से जोड़ें। कार्यक्रम में सभी पाठशालाओं के शिक्षकों एवं बच्चों का सम्मान किया गया। साथ ही बाहर से पधारे अतिथियों के लिए नन्हे मंदिर परिसर में सुसंगठित भोजन व्यवस्था भी की गई। यह आयोजन धार्मिक आस्था, समाज की एकजुटता एवं गुरु भक्ति का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा।

जल शक्ति से नव भक्ति कार्यक्रम के अंतर्गत प्याऊ व पशु पेयजल का शुभारंभ.. दमोहमध्यप्रदेश जन अभियान परिषद (योजना आर्थिक एवं सांख्यकी विभाग म. प्र.शासन) के मार्गदर्शन में विकासखंड दमोह के अंतर्गत ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति इमलाई द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 के अंतर्गत “जल शक्ति से नव भक्ति” कार्यक्रम में आमजन की सेवा भाव को जागृत करते हुए ग्राम इमलाई क्षेत्र अंतर्गत जल मंदिर (प्याऊ) व पशु पेयजल का शुभारंभ किया गया।

जिससे राहगीरों ठंडा पानी व पशु पेयजल से बेसहारा पशुओं को पानी मिल सके। “जल है तो कल है“ का संदेश देते हुए सभी ने शपथ ली। कार्यक्रम में म. प्र. जन अभियान परिषद जिला समन्वयक सुशील नामदेव, ब्लॉक समन्वयक वंदना जैन, इमलाई सरपंच दुर्गा प्रसाद, नवांकुर संस्था के अध्यक्ष राकेश राठौर एवं समिति  अध्यक्ष रत्नेश सुमन, उपाध्यक्ष हेमराज अहिरवार, सचिव रमाशंकर, योगेश सुमन, समिति सदस्य दरवारी, कमलेश, मुकेश, अजय, श्याम, शुभम, नीतेश, अंशु व अन्य का सहयोग रहा।
जिले की गौशालाओं में सुधार के लिए बैठक 25 को आमजन से सुझाव आमंत्रित.. दमोह जिले में संचालित गौशालाओं की व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने हाल ही में विभिन्न गौशालाओं का भ्रमण किया। उन्होने कहा निरीक्षण के दौरान पाया गया कई स्थानों पर व्यवस्थाओं में सुधार की काफी आवश्यकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होने गौशाला संचालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक 25 अप्रैल को आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस बैठक में गौशालाओं के संचालनए संसाधनों की उपलब्धता और गौवंश के बेहतर देखभाल से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। कलेक्टर श्री यादव ने आमजन से भी अपील की है कि वे इस पहल में अपने सुझाव दें। उन्होने कहा जनसहभागिता से ही गौशालाओं की व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित बनाया जा सकता है प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले की सभी गौशालाओं में गौ माताओं को बेहतर सुविधा पोषण और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए। 

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