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कलेक्टर जनसुनवाई में 212 आवेदनों पर सुनवाई.. भव्य कॉरिडोर निर्माण को लेकर बांसा में बैठक.. श्री झूलेलाल मंदिर में चालीसा महोत्सव का समापन.. मुर्शिद बाबा मैदान से मिलादुन्नबी का जुलूस आज..

कलेक्टर जनसुनवाई में 212 आवेदनों पर सुनवाई
दमोह। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में जिले के दूरदराज क्षेत्रों से आये आवेदकों की समस्याओं को सुना। इस दौरान सामान्य जनसुनवाई में 212 आवेदनों पर सुनवाई करते हुये संबंधित अधिकारियों को समय.सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिये।
जनसुनवाई में 15 आधार अपडेशन एवं 150 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। साथ ही जनसुनवाई के दौरान कुछ सामूहिक आवदेन भी दिए गए। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत प्रवीण फुलपगारेए अपर कलेक्टर राकेश मोहन त्रिपाठीए डिप्टी कलेक्टर रचना प्रजापतिए डिप्टी कलेक्टर रानी अहिरवार सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।
छह माह से लंबित मजदूरी के भुगतान के निर्देश.. जनसुनवाई में शासकीय जनजातीय बालक छात्रावासो के सफाई और रसोईयों ने छह माह से मजदूरी का भुगतान नहीं होने की शिकायत की। आवेदक पिछले 10 वर्षों से छात्रावास में कार्यरत हैं। शिकायत पर कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने जनजातीय कार्य विभाग के संबंधित अधिकारियों को मजदूरी का तत्काल भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
चलने में असमर्थ आवेदक की समस्या पर त्वरित कार्रवाईए मिला दिव्यांग प्रमाण.पत्र.. जनसुनवाई में स्वयं चलने.फिरने में असमर्थ विकासखण्ड हटा के ग्राम करैया मोहरई से पहुँचे एक आवेदक विश्वनाथ आदिवासी ने दिव्यांग प्रमाण.पत्र बनवाने के लिए कलेक्टर के समक्ष अपनी समस्या रखी।
कलेक्टर ने सीएमएचओ को तत्काल उसे जिला चिकित्सालय के मेडिकल बोर्ड के समक्ष भेजकर विशेषज्ञ चिकित्सकों से आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण कराया। जांच में हड्डी  संबंधी व्याधि के कारण दिव्यांगता  की पुष्टि होने पर दिव्यांग प्रमाण.पत्र तैयार कर आवेदक को प्रदान किया गया। प्रमाण.पत्र मिलने से अब आवेदक के लिए दिव्यांग पेंशनए सहित अन्य शासकीय योजनाओं और सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने की राह आसान हुई है।
भव्य कॉरिडोर निर्माण को लेकर बांसा में बैठक का आयोजन.. दमोह. प्रसिद्ध हिंदुतीर्थक्षेत्र बांदकपुर धाम में भव्य कॉरिडोर निर्माण का कार्य पिछले लगभग डेढ़ वर्ष से चल रहा है। लेकिन कार्य बहुत ही धीमी है और गुणवत्ता विस्तार समय सीमा को लेकर भी कई प्रश्न उठ रहे हैं।जिले भर में धर्म प्रेमी श्रद्धालु जन कोरिडोर की जानकारी से अनजान हैं।क्या हो रहा है।क्या नहीं किसी को कोई जानकारी नहीं।अब सावन के महीने में पूरे जिले में शिवभक्तों ने शुरुआत की है जिले की सभी तहसीलों ,गांव, क्षेत्रों में बैठक आयोजित हो रही है।
मंगलवार को बांसा के राम मंदिर में एक बैठक चर्चा का आयोजन किया गया। जिसमें बांसा क्षेत्र के अनेक लोगों ने उपस्थित होकर भव्य कोरिडोर निर्माण शीघ्र करनी की बात कही साथ ही अतिक्रमण निर्माण कार्य में सबसे बड़ी बाधा माना।सभी धर्म प्रेमियों ने एक स्वर में कहा पर्यटन संस्कृति मंत्री, दमोह सांसद, विधायक, मंदिर ट्रस्ट कमेटी एवं जिला प्रशासन खुलकर विषय रखें।बैठक में माधव शुक्ला,ऋषि राज परिहार,रामजी सोनी,आदर्श तिवारी, डॉ अनिल मिश्रा,ब्रजेश सोनी,दीपक राजपूत,चंद्रपाल परिहार,चंदू बरडिया,अभिषेक राजपूत,राम मंदिर पंडित जी भोले पौराणिक,ओम शंकर तिवारी ,पवन मिश्रा,राम गौतम बांदकपुर धाम से।
श्री झूलेलाल मंदिर में चालीसा महोत्सव का समापन.. दमोह। सिंधी समाज के आराध्य देव वरुण अवतार भगवान श्री झूलेलाल जी का 40 दिवसीय चालीसा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस वर्ष यह महोत्सव 16 जुलाई से प्रारंभ होकर 24-25 अगस्त तक चला। 40 दिनों तक श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर नित्य आरती, भजन-कीर्तन और अखंड ज्योति का पूजन किया।
समापन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम: हवन-पूजन और रुद्राभिषेक: 40 दिन व्रत रखने वाले व्रतधारियों एवं समाज के श्रद्धालुओं ने हवन में आहुति देकर भगवान झूलेलाल का रुद्राभिषेक किया। बहराणा साहिब पूजन: बहराणा साहिब को ज्योति, कलश और पूजन सामग्री से सजाकर विशेष पूजा-अर्चना की गई। पूज्य पंडित महेश शर्मा जी ने बताया कि बहराणा साहिब सिंधी परंपरा में सुख-शांति और समृद्धि का प्रतीक है। 
भव्य कलश यात्रा: महिलाओं ने पिंक ड्रेस और पुरुषों ने सफेद ड्रेस कोड में बैंड-बाजे, गरबा-डांडिया के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली। यह यात्रा श्री झूलेलाल मंदिर से प्रारंभ होकर सिंधी कैंप तीन गुल्ली, स्टेशन चौराहा, घंटाघर होते हुए टॉकीज चौराहा स्थित पुरैना तालाब दरिया साहब पहुंची, जहां पूज्य पंडित महेश शर्मा जी द्वारा महा आरती, अरदास और पल्लव पूजा के पश्चात अखंड ज्योति का विसर्जन किया गया। भंडारा और प्रसाद: महाआरती के उपरांत विशाल भंडारे / आम लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण की। 
सिंधी पूज्य पंचायत और झूलेलाल मंदिर सेवा समिति ने बताया कि चालीहा महोत्सव केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। मान्यता है कि 11वीं शताब्दी में सिंध के लोगों ने 40 दिन तक उपवास कर भगवान झूलेलाल की आराधना की थी, तभी से यह परंपरा निरंतर चली आ रही है। इस अवसर पर सिंधी समाज के  अध्यक्ष हरगोविंद लालवानी, झूलेलाल मंदिर सेवा समिति अध्यक्ष मनीष आहूजा, सचिव रोहित आहूजा, राजकुमार केवलानी, डॉ विनोद कुकरेजा, राजेश सचदेवा, मदन लालवानी, विनोद अमुलानी, अनिल कोटवानी, कुंदन बाबा, ज्ञानचंद आहूजा, श्याम अहूजा, तरुण, निशु नाथनी, गिरधारी लाल तोलानी के अलावा बढ़ी संख्या में लोगो की उपस्थिति रही. 

मुर्शिद बाबा मैदान से निकलेगा मिलादुन्नबी का जुलूस.. दमोहमुर्शिद बाबा मैदान में होगा समापन जश्न-ए-ईद-मिलाद-उन-नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के मुकद्दस मौके पर श्जश्न ईद मिलाद उन नवी शहर कमेटी की जानिब से आयोजित 12 दिवसीय विशेष दीनी व शैक्षणिक कार्यक्रमों का कल, यानी 26 अगस्त 2026 को ऐतिहासिक समापन होने जा रहा है। कमेटी द्वारा बीते 15 अगस्त 2026 से लगातार शहर में विभिन्न तकरीरी प्रोग्राम (धार्मिक व्याख्यान) और बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक सवालिया प्रोग्राम (इस्लामिक क्विज) का शानदार आयोजन किया गया है, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय अवाम और बच्चों ने हिस्सा लिया। सूफी सैय्यद फैजान उल हक साहब शिराजी करेंगे

परचम कुशाई कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि समापन के मुख्य विलादत दिवस यानी 26 अगस्त 2026 को सुबह 7 बजे मुर्शिद बाबा मैदान में मुकद्दस परचम कुशाई (ध्वजारोहण) का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह रस्म पीरे तरीकत जनाब हज़रत सूफी सैय्यद फैजान उल हक साहब शिराजी (सज्जादा नशीनरू बशीर उल औलिया व शिराज उल औलिया, ग्वालियर शरीफ) के मुकद्दस और नूरानी दस्ते मुबारक (कर-कमलों) से अदा की जाएगी। इस दौरान देश और शहर में अमन-ओ-अमान, भाईचारे और खुशहाली के लिए विशेष दुआ मांगी जाएगी।
परचम कुशाई की रस्म के तुरंत बाद मुर्शिद बाबा मैदान से ही ईद-मिलाद-उन-नबी का मुख्य और ऐतिहासिक जुलूस पूरी अकीदत व एहतराम के साथ रवाना होगा। आशिकाने रसूल का यह कारवां शहर के तमाम परंपरागत और  निर्धारित मार्गों से होता हुआ गुज़रेगा। जुलूस में नात-ख्वानी, इस्लामी नारों और शांति के संदेशों के साथ शामिल होकर अकीदतमंद आगे बढ़ेंगे। पूरे मार्ग का भ्रमण करने के बाद यह जुलूस पुनः अपने शुरुआती बिंदु यानी मुर्शिद बाबा मैदान में पहुंचकर शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त होगा। कमेटी के ज़िम्मेदारों ने शहर की तमाम दीनी तंजीमों, नौजवानों और अवाम से अपील की है कि वे कल 26 अगस्त को समय पर मुर्शिद बाबा मैदान पहुंचकर परचम कुशाई का हिस्सा बनें और जुलूस-ए-मोहम्मदी को पूरी अनुशासित व्यवस्था, अदब और कौमी एकता की मिसाल के साथ कामयाब बनाएं। सदर एजाज़ आलम, नायाब सदर गुलाम दस्तगीर कुरैशी, सूफी आदिल ठेकेदार, उबैद अहमद गौरी, मोहम्मद आरिफ कुरैशी, अल्तमश जमजम, सरपरस्त मोहम्मद वहीद कुरैशी, सचिव मोहम्मद समीर कुरैशी, शमीम कुरैशी, रिजवान हुसैन, सदस्य सत्तार खान, चुन्नू पेंटर, इकबाल खान पार्षद, वकील कुरैशी, मुबीन कुरैशी, शकील भाई, जुनैद कुरैशी, जावेद मोना कुरैशी, शुऐब अहमद, मनाज़िर खान, अकबर खान, फहीम खान, राज कुरैशी, शेख राशिद, अरमान खान, नज़र बारिश, पप्पू खान, प्रिंस खान, शेख सफीक, इकबाल कुरैशी सहित सभी उपस्थित रहेगे।..

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