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सदगुवां जैन मंदिर में सौंदर्य से संस्कार तक प्रतियोगिता.. NSS स्वयं सेवकों द्वारा नशा मुक्ति जन जागरुकता कार्यक्रम.. स्व चंद्रकांत सोनवलकर स्‍मृति काव्‍य गोष्‍ठी सम्मान समारोह सम्‍पन..

सदगुवां जैन मंदिर में सौंदर्य से संस्कार तक प्रतियोगिता  

दमोह। पर्युषण महापर्व के अवसर पर श्री  पार्श्वनाथ दिगंबर जैन सदगुवां मंदिर, सागर नाका में श्री विद्या विराग महिला मंडल द्वारा “सौंदर्य से संस्कार तक” विशेष प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल बाहरी सौंदर्य एवं श्रृंगार को प्रदर्शित करना नहीं, बल्कि बाहरी श्रृंगार से आत्मिक श्रृंगार की ओर बढ़ते हुए जैन धर्म के संस्कारों, सिद्धांतों और जीवन मूल्यों को जानना तथा उन्हें अपने जीवन में उतारने का संदेश देना था। 
प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपने व्यक्तित्व, आत्मविश्वास, रचनात्मकता और ज्ञान का प्रदर्शन करते हुए विभिन्न चरणों में भाग लिया। प्रतियोगिता के दौरान *मेरा परिचय, श्रृंगार की बात, श्रृंगार में तड़का तथा सौंदर्य से संस्कार जैसे चरणों के माध्यम से प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा के साथ-साथ जैन धर्म के मूल सिद्धांतों और संस्कारों को प्रस्तुत करने का अवसर मिला। 

कार्यक्रम में श्रृंगार को केवल बाहरी सजावट तक सीमित न रखते हुए क्षमा, विनय, सरलता, सत्य, संयम, त्याग, संतोष और आत्मशुद्धि जैसे आंतरिक गुणों से जोड़ा गया। प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुतियों और विचारों के माध्यम से यह संदेश दिया कि वास्तविक सौंदर्य चेहरे और वेशभूषा में नहीं, बल्कि व्यवहार, विचार, संस्कार और चरित्र में दिखाई देता है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों से जैन धर्म, सोलह श्रृंगार, पर्युषण महापर्व तथा जीवन में संस्कारों के महत्व से जुड़े प्रश्न भी पूछे गए। मनोरंजन, ज्ञान और संस्कार के इस अनूठे संगम ने कार्यक्रम को विशेष रूप से आकर्षक बनाया। आयोजकों ने कहा कि पर्युषण आत्मशुद्धि और आत्मचिंतन का पर्व है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए सौंदर्य से संस्कार तक का आयोजन किया गया, ताकि नई पीढ़ी एवं समाज में यह संदेश पहुँचे कि बाहरी सौंदर्य समय के साथ बदलता है, लेकिन अच्छे संस्कार और श्रेष्ठ चरित्र जीवनभर व्यक्ति की पहचान बने रहते हैं।
कार्यक्रम में स्नेहा ,नेहा ,अंजना,कविता ,ज्योति ,कामना ,काजल,सीमा ,सुमीता  ,सुरभि ,प्रिया,दीक्षा ,रत्ना ,सुनीता ,रश्मि,ख़ुशी ,रोशनी ,अनु, ऋतू,पूजा ,अर्चना ,संगीता ,सपना,रोशनी ,रंजना ,आदि ने प्रतिभागिता की जिसमे प्रथम स्थान पर सुमीता,द्वितीय स्थान पर दीक्षा और तृतीय स्थान पर अनु जैन रही ,श्रीमती सीमा और सुरभि को प्रोत्साहन पुरुस्कार प्राप्त हुआ शेष प्रतिभगियो को स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया ,कार्यक्रम में निर्णायक के रूप में श्रीमती नेहा बजाज,और निभा जैन रही कार्यक्रम का संचालन शीतेश जैन ने किया और आभार विद्या विराग महिला मंडल की नेहा जैन सदगुवां ने व्यक्त किया कार्यक्रम को सफल बनाने में दीपक जैन,शिरीष ,बालिका मंडल निकिता ,रोशनी ,रिनी और पारुल का विशेष सहयोग रहा।
NSS स्वयं सेवकों द्वारा नशा मुक्ति जनजागरुकता कार्यक्रम.. दमोह। माधवराव सप्रे शासकीय महाविद्यालय पथरिया में आज दिनांक 24.09.2026 को प्राचार्य, डॉ. विनय वर्मा के मार्गदर्शन एवं एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. जगदीश अहिरवार एवं डॉ. सरिता नेमा के नेतृत्व में राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस मनाया गया.
इस अवसर पर एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. जगदीश अहिरवार द्वारा महाविद्यालय के समस्त अधिकारी/कर्मचारी एवं सभी छात्र-छात्राओं को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई इसके पश्चात् एनएसएस के छात्रों/एनसीसी कैडेट्स द्वारा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नशा मुक्ति जन जागरुकता कार्यक्रम की प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम में डॉ. गजेन्द्र नामदेव, डॉ. खुदैजा परवीन अंसारी डॉ. सुधीर साहू श्री शेख ताज हसन डॉ. देवेश अहिरवार डॉ. किरण सिंह डॉ. हरिओम सोनी एवं दोनों इकाईयों के स्वयंसेवक/स्वयंसेविकाओं एवं महाविद्यालय के छात्र/छात्राओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रहीं।
स्व चंद्रकांत सोनवलकर स्‍मृति काव्‍य गोष्‍ठी सम्‍पन.. दमोह। स्व चंद्रकांत जी विलक्षण प्रतिभा के धनी थे इसलिए
वे विधि कला और संगीत क्षेत्र में जाने गए माने गए और आज भीगुरु का पावन पुण्‍य स्मरण हम कर रहे हैं उक्त आशय के विचार विद्या भारती मध्य क्षेत्र के प्रमुख और सारस्‍वत अतिथि विवेक शेडये ने व्यक्त किए वे स्थानीय बाल समाज गणेश उत्सव समिति दमोह एवं मप्र लेखक संघ द्वारा आयोजित स्मृति काव्य गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ संस्कृति कर्मी नरेंद्र दुबे ने की।
स्थानीय महाराष्ट्र मंडल में कार्यक्रम का शुभारंभ श्री गणेश जी एवं स्व चंदू गुरु के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन व माल्यार्पण द्वारा किया गया अतिथि स्वागत के बाद मध्यप्रदेश लेखक संघ के अध्यक्ष एवं साहित्यकार अमर सिंह राजपूत ने प्रारंभिक भूमिका प्रस्तुत की और कहा कि स्व चंदू गुरु बहु आयामी व्यक्तित्व के धनी थे। द्वितीय चरण की शुरुआत कवियत्री बबीता चौबे द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना के साथ की गई । चंद्रकांत सेवा सम्मान 2026 के तहत अनवर उस्ताद देवी सिंह राजपूत कृष्ण कुमार चौबे और ओजेंद्र तिवारी कवि का शाल श्रीफल स्मृति चिन्ह के द्वारा भावभीना सम्मान किया गया ।
काव्यगोष्ठी में श्रीमती मनोरमा रतले पीएस परिहार ताहिर खान आसिफ अंजुम राजीव अयाची रमेश तिवारी बबीता चौबे और अमर सिंह राजपूत आदि ने शानदार काव्य पाठ कर सबका मन मोह लिया । चिंतक नरेंद्र दुबे ने कहा कि स्व चंद्रकांत जी के माध्यम से सभी पूर्वजों कास्मरण हो रहा है।मेरा मन अतीत के आयोजन और पुरानी स्मृतियों के कारण भावों से भरा है। स्व चंदू गुरु सच्चे अर्थों में दमोह के गुरु थे।उन्होंने बाल समाज गणेश उत्सव की स्थापना में प्रमुख भूमिका निभाई । आज हर क्षेत्र में सोनवलकर परिवार का वृहद और सराहनीय योगदान है । नई पीढ़ी ने विरासत को संयोजित कर रखा है। संचालन अमर सिंह राजपूत ने आभार प्रदर्शन रमेश व्यास ने किया। 

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