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दमोह एनिमल केयर सेंटर का शुभारंभ.. राष्ट्रीय नाट्य समारोह का हरियाणा के कलाकारों की प्रस्तुति से आगाज.. जीजा बुंदेलखंडी हास्यचार्य अलंकार वर्ष 2022 समारोह संपन्न..पीजी कॉलेज में राष्ट्रीय सेमीनार का आयोजन.. कुंडलपुर, नन्हें मंदिर, वसुंधरा नगर में धूमधाम से मनाई जाएगी आदिनाथ जयंती..

 दमोह एनिमल केयर सेंटर का हुआ शुभारंभ

दमोह। शहर के किल्लाई नाका के पास आयुष अस्पताल के सामने दमोह एनिमल केयर सेंटर का शुभारंभ फीता काटकर मप्र वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉरपोरेशन अध्यक्ष ;कैबिनेट मंत्री दर्जा राहुल सिंह ने किया। उन्होंने सेंटर खोलने पर डॉ जीपी चौधरी को बधाई दी एवं कहा कि आपको यह कार्य सेवा भाव के साथ करना है और प्रयास करना है कि महीने में एक बार फ्री वैक्सीनेशन कैंप दमोह जिले की तहसीलों में हो जिससे कि लोगों को सुविधा प्राप्त हो सके इस अवसर पर जिला महामंत्री सतीश तिवारी ने भी अपने उद्बोधन में कहा कि यह अच्छा प्रयास है जिस प्रकार से पशुओं में तमाम प्रकार की बीमारियां देखने मिल रही हैं जिससे यह वैक्सीनेशन कारगर साबित होगी।

 इस अवसर पर डॉ नरेंद्र गुप्ता ने भी रेबीज वैक्सीन के संदर्भ में अपने विचार रखे और इसके बारे में पशुओं को वैक्सीन लगवाने आए लोगों जानकारी दी। डॉ जीपी चौधरी द्वारा सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया एवं कार्यक्रम के संदर्भ में जानकारी दी।  इस अवसर पर  डॉ  हीरालाल चौधरीए डॉ  जीण्पीण् चौधरीए डॉ  नरेंद्र गुप्ता  डॉ  एचण्एसण् सूर्यवंशी ए युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष  राजुल चौरहा शनि गांधी ब्रजेंद्र अहीरवाल दीपेश उपाध्याय ए सूरज नामदेवएपंकज कासिश्याए संजू पटेल की उपस्थिति रही।

पहले दिन हरियाणा के नाट्य समूह ने दी प्रस्तुति

दमोह । संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से युवा नाट्य मंच दमोह द्वारा राष्ट्रीय नाट्य समारोह का शुभारंभ शुक्रवार को हुआ। इस बार नगर के पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम में हो रहे इस पांच दिवसीय नाट्य समारोह के पहले दिन रोहतक हरियाणा के नाट्य समूह सप्तक कल्चरल सोसायटी ने विश्वदीप दीपक त्रिखा द्वारा निर्देशित नाटक गधे की बारात की प्रस्तुति दी।


नाटक में हास्य व्यंग के साथ बुने गए कहानी के ताने-बाने ने लोगों को हंसने के साथ सोचने पर भी मजबूर कर दिया। नाटक में जिस हास्य तरीके से वर्तमान समाज के रवैया, कमजोर रिश्ते के साथ, लोगों की आर्थिक स्थिति के साथ अपनो के बदलते माननीय व्यवहार को बताया गया है उसे दर्शको ने अत्याधिक पसंद किया।                   कहानी शुरू होती है इंद्रलोक से जहां एक गंधर्व द्वारा इंद्र देव के दरबार में अप्सरा रंभा की बेज्जती किए जाने से नाराज होकर इंद्रदेव उसे पृथ्वी लोक पर गधे के रूप में पैदा होने का श्राप दे देते हैं।  लेकिन बाद में उन्हें अपने गुस्से में दिए श्राप पर पछतावा भी होता है तो वह गंधर्व को यह वरदान भी देते हैं कि गधा होने के बाद भी पृथ्वी लोक में उसका विवाह राजकुमारी के साथ होगा और उसके श्राप का अंत हो जाएगा। श्राप और वरदान दोनों लेकर गंधर्व गधे के रूप में पृथ्वी लोक पर आता है और यहां पर वह पेशे से कुम्हार कालू के घर पर रहने लगता है।  गरीब कालू और उसकी पत्नी गंगी गधे की अपने पुत्र की तरह मानकर उसे प्यार और सेवा करते हैं। लेकिन समय निकलता है और वरदान के चलते उसका विवाह राजा की बेटी से हो जाता है। स्तिथि बदलते ही गंधर्व, कालू और उसकी पत्नी के दिये प्रेम ,स्नेह और देखभाल  को भूलकर राजकुमारी के साथ स्वर्ग लोक चला जाता है।
पात्रों ने किया कहानी को जीवंत..नाटक मूल रूप से हरिभाई बडगाओंकर द्वारा मराठी भाषा में लिखित कहानी है जिसका हिंदी रूपांतरण राजेंद्र मेहरा और रमेश राजहंस ने किया है। रूपांतरण के बाद भी निर्देशक विश्वदीप दीपक त्रिखा ने इसकी मूल आत्मा को जीवित रखा है साथ ही दृश्य के साथ पात्रों ने अपने अभिनय से इसे बहुत ही उम्दा बना दिया है।  नाटक में रोहतक हरियाणा की टीम के साथ युवा नाट्य मंच दमोह के कलाकारों ने भी अभिनय किया है और हरियाणवी और बुंदेली संस्कृति के कलाकारों किया जुगलबंदी नाटक को और भी खास बनाती है। नाटक में कल्लू के पात्र में अविनाश सैनी,  इंद्र व राजा चौपट के रूप में विश्व दीपक त्रिखा, बृहस्पति  के रूप में डॉ सुरेंद्र शर्मा और गंगी बनी सुजाता रोहिल्ला अपने पात्र में मंझे हुए दिखाई देते है। इसके अलावा दीवान बने तरुण पुष्प त्रिखा, चित्रसेन के रूप में प्रिंस चौरसिया राजकुमारी के रूप में महक कथूरिया अप्सरा रंभा वा राजनर्तकी के रूप में पावनी ने अपने पात्र को बखूबी निभाया है। वही बुआ जी बनी नम्रता जैन का अनुभव भी उनके अभिनय में दिखाई दिया। नाटक के संगीत पक्ष में हारमोनियम सहित नगाड़ा ढोल व संगीत आदि वाद्य यंत्रों का प्रभावी प्रयोग किया गया है जिसमें अमित शर्मा व सुभाष ने नाटक के देश काल का पूरा ध्यान रखा है।
दीप प्रज्वलन पर हुआ शुभारंभ..
वही समारोह के प्रारंभ में उपस्थित अतिथियों में दमोह विधायक अजय टंडन सहित संस्था के संरक्षक मंडल वरिष्ठ नागरिकों व संस्था पदाधिकारियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की गई। इस दौरान केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने अपनी वर्चुअल उपस्थिति दर्ज कराते हुए सभी को इस आयोजन के लिए शुभकामनाएं वीडियो संदेश के माध्यम से दी। आज समारोह के दूसरे दिन शनिवार को कोलकाता के बारासात कल्पिक समूह के देवव्रत बनर्जी द्वारा निर्देशित नाटक हमार डाकघर का मंचन किया जाएगा। 

पी.जी.कॉलेज में राष्ट्रीय सेमीनार का आयोजन
दमोह।
शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय दमोह में एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार जिसका शीर्षक ‘‘रोल ऑफ आई.सी.टी. इन हायर एजुकेशन इमर्जिंग इशुस एण्ड चैलेन्जेस‘‘ था का आयोजन किया गया जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से प्रतिभागियों ने पंजीयन लिये। कार्यक्रम के उदघाटन सत्र में संस्था के प्राचार्य एवं संरक्षक डॉ.के.पी.अहिरवार, अध्यक्षता एकलव्य विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.पवन जैन ने की एवं मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. अवकाश जाधव, प्राध्यापक सेन्ट जेवियर कॉलेज मुम्बई, डॉ.अनुज हुण्डेत प्राध्यापक आई.ई.एच.ई. भोपाल एवं डॉ.जे.एस.ठाकुर प्राध्यापक मेनिट भोपाल उपस्थित रहे। 

 कार्यक्रम के संयोजक डॉ.आलोक जैन, आयोजक सचिव डॉ.रमेश प्रसाद अहरवाल रहे एवं संचालन डॉ.रश्मि जेता आई.क्यू.एस.सी. को-आर्डिनेटर, डॉ.एन.आर.सुमन उप को-आर्डिनेटर आई.क्यू.ए.सी., डॉ.पी.के.बिदौल्या, डॉ.पी.के.जैन एवं महाविद्यालय समस्त स्टॉफ उपस्थित रहा। कार्यक्रम में तकनीकि सत्र में विभिन्न प्रतिभागियों द्वारा शोघ पत्र प्रस्तुत किये गये। डॉ.रमेश प्रसाद अहरवाल ने सेमीनार की रूप रेखा प्रस्तुत की एवं डॉ0आलोक जैन ने आभार व्यक्त किया।  

जीजा बुंदेलखंडी हास्यचार्य अलंकार समारोह संपन्न

दमोह। रंग पंचमी के पावन अवसर पर खंड के सुप्रसिद्ध कवि स्वर्गीय हनुमान प्रसाद अरजरिया हास्य कवि जीजा बुंदेलखंडी समारोह शासकीय जिला पंचायत बस स्टैंड में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता रघुनंदन चिंले की मुख्य अतिथि नारायण सिंह ठाकुर, विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र दुबे और नंद लाल परिहार ने की सभी अतिथि द्वव द्वारा हास्य कवि जीजा बुंदेलखंड के चित्र पर माल्यार्पण किया। 
कार्यक्रम को प्रारंभ किया गया। अलंकरण 2022 का नेमीचंद बड़कुल बाबू एवं ईश्वर दयाल गोस्वामी रहली को संम्मानित किया गया। हास्य कवि जीजा बुंदेलखंडी के गीतों की प्रस्तुति श्रीमती विमला तिवारी ने की मकरी कैसो जार, राजा नुनुर कैसे पैहो, रमेश तिवारी ने प्रस्तुत किया झांकी झाक लो रे भैया, बिन्नू हरो। जीजा बुंदेलखंडी के पुत्र नरेंद्र अरजरिया बेटा बुंदेलखंडी जाने पर है ससुराल मायके में कै दिन रेहो हो उसी के बाद मुख्य अतिथि नारायण सिंह ठाकुर ने कहां जीजा कवि बहुत जल्दी चले गये, वे सोटा मार कवि थे पर उन्होने एक कॉलेज के आयोजन की बात कहीं जहां कॉलेज के लड़को ने बड़े बड़े कवियों को हूट कर दिया, संचालन परेशान हो गया तब जीजा कवि को ये दायित्व सौंपा गया, जीजा कवि मंच पर खड़े हुये और बोले राते जिज्जी धर चिलानी वस इतना कहते ही लोग तालियां बजाने लगे और जीजा कवि ने मंच लूट लिया और वे सोटा मार कवि थें
 नरेन्द्र दुबे ने कहां कि हास्य कवि जीजा बुंदेलखंडी की रचनाओं का प्रकाशन एवं उनके गीतों को स्वर ताल तरिके से उनका रचनायें प्रकाशित होना चाहिए साल बाद तरीके से स्वर दिया जाए ऐसे विचार रखें। नंदलाल सिंह परिहार ने जीजा बुंदेलखंडी के रचनाओं की काव्य शिल्प पर प्रकाश डाला झांकी झांक लो रे भैया विन्नू हरों गीत में काव्य की कारिगरी शब्द संयोजन कुशल चितेरे के रूप में कवि थे उन्हें अपने गीतों के माध्यम से पूरे देश में बुंदेल का परचम फहराया।  
कार्यक्रम मैं बीएम दुबे, बबीता चौबे, श्रीमती रेखा चौधरी, असलम खान, विपिन चौबे, पिंमी परिहार, अमर सिंह इंजीनियर, पंडित नीलमणि दीक्षित, उमेश तिवारी, मनोरमा रतले, मानव बजाज, हरि मिश्रा, नंने सिंह, जितेन्द्र नाथ, सदन नेमा, रमेश तिवारी, सुसंस्कृति परिहार की उपस्थिति रही। मंच संचालन डॉ प्रेमलता नीलम ने किया, आभार नरेंद्र अरजरिया ने माना।


धूमधाम से मनाई जाएगी आदिनाथ जयंती
दमोह।
कुंडलपुर में विराजमान बड़े बाबा आदिनाथ भगवान की जन्म जयंती बहुत धूमधाम से मनाई जा रही है प्रातः काल प्रभात फेरी के पश्चात भक्तांबर विधान के साथ प्रातः 8ः00 बड़े बाबा का मस्तकाभिषेक किया जावेगा जो कि दोपहर तक चलता रहेगा साईं काल बड़े बाबा की महाआरती होगी दोपहर में मिष्ठान वितरण किया जाएगा। कुंडलपुर कमेटी के प्रचार मंत्री सुनील वेजिटेरियन ने बताया कि जैन धर्म के संस्थापक आदि ब्रह्मा आदिनाथ ऋषभदेव भगवान ने ही युग के आदि में संपूर्ण मानव जाति के लिए असी मसी कृषि वाणिज्य शिल्प कला आदि का ज्ञान दिया था उन्होंने मानव जाति को ऋषि बनो अथवा कृषि करो का संदेश दिया था।
 दमोह में नन्हे मंदिर जैन धर्मशाला में विराजमान मुनि श्री अजीत सागर जी महाराज के मंगल सानिध्य में मस्तकाभिषेक होगा एवं आदिनाथ भगवान का विधान संपन्न होगा वसुंधरा नगर मैं नगर की सबसे विशाल आदिनाथ भगवान की प्रतिमा का मस्तकाभिषेक होगा स्टेशन चौराहे पर स्थित कांच मंदिर में भी आदिनाथ भगवान का मस्तकाभिषेक होगा एवं विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कुंडलपुर कमेटी के अध्यक्ष संतोष सिंघई ने सभी श्रद्धालु गणों से कुंडलपुर पहुंचकर आदिनाथ जयंती पर बड़े बाबा का मस्तकाभिषेक करने का सौभाग्य पाने की अपील की है उन्होंने कहा कि बहुत अंतराल के बाद आदिनाथ जयंती पर बड़े बाबा का मस्तकाभिषेक करने का अवसर हमें प्राप्त हो रहा है अब यह अवसर 9 वर्षों के पश्चात 2031 में ही संभव हो सकेगा।

नन्हें मंदिर में मुनि संघ के सानिध्य में आदिनाथ जयंती

दमोह। श्री पारसनाथ दिगंबर जैन नन्हे मंदिर जी में प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान की जयंती के अवसर पर मुनि श्री अजीत सागर महाराज संघ के सानिध्य में विविध आयोजन प्रातः बेला पर किए जाएंगे। सुबह 6:00 बजे मंदिर जी से प्रभातफेरी निकाली जाएगी 7:00 बजे अभिषेक शांतिधारा होगी उसके बाद श्री आदिनाथ महामंडल विधान का आयोजन होगा। 9:00 बजे से भगवान आदिनाथ का मस्तकाभिषेक कार्यक्रम प्रारंभ होगा। शाम को 8:00 बजे महा आरती का आयोजन किया जाएगा। नन्हे मंदिर समिति द्वारा सभी श्रावक जनों से कार्यक्रमों में शामिल होकर धर्म लाभ की अपील की गई है।

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