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पथरिया पंचकल्याणक के दूसरे दिन गर्भ कल्याणक पूर्वार्ध की क्रियाएं सम्पन्न.. सांसारिक परिभ्रमण का अंत गर्भ कल्याणक -मुनिश्री अजितसागर.. इधर चोपरा में मुनि श्री प्रबुद्ध सागर जी के सानिध्य में.. पंचकल्याणक महोत्सव का आयोजन 21 अप्रैल से 26 अप्रैल तक..

 सांसारिक परिभ्रमण का अंत गर्भ कल्याणक -मुनिश्री 

दमोह। पथरिया में चल रहे पंचकल्याणक के दूसरे दिन गर्भ कल्याणक की पूर्वार्ध क्रियाएं सम्पन्न हुई जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने भक्ति के रस में गोते लगाए इस मौके पर मुनिश्री ने प्रवचन देते हुए कहा कि संसार परिभ्रमण करती हुई उस भव्य आत्मा का माता मरुदेवी के गर्भ में आगमन हुआ इसलिए सांसारिक परिभ्रमण का अंत करने वाला यह अंतिम गर्भ में आगमन को गर्भकल्यानक के महोत्सव के रूप में मनाया जाता है तीर्थंकर भगवान जब गर्भ में आते तब नाभिराय के आंगन में स्वर्ग का कुबेर प्रतिदिन साढ़े तीन करोड़ रत्नों की वर्षा करता है..

सौधर्म इंद्र माता की सेवा के लिए स्वर्ग कीं अष्टकुमारियों एवं छप्पन कुमारियों को नियुक्त करता है ताकि माता को किसी प्रकार का कष्ट न हो गर्भ के छह माह पूर्व से गर्भ के नो माह तक यह सेवा होती है तीर्थंकर के गर्भ में आने के पूर्व माता को सोलह स्वप्न रात्रि के अंतिम पहर में दिखाई देते हैं तब राजा नाभिराय कहते हैं कि हे देवी तुम्हें ये शुभ स्वप्न दिखने का मतलब है कि जो जीव तुम्हारे गर्भ में आया है वह आत्म सिद्धि को प्राप्त करने वाला,आत्मिक वैभव को प्राप्त करने होगा

 इस जीव के आगमन से जग में खुशहाली आएगी इसलिए गर्भ अवस्था के दौरान जैसे विचार, संस्कार माता के मन में आते उसका प्रभाव संतान के जीवन पर अवश्य दिखता है रात्रि कालीन महाआरती के पश्चात इंद्रसभा का आयोजन किया गया जिसमें अष्टकुमारियों की सुंदर नृत्यनाटिका भी प्रस्तुत की गई प्रचार मंत्री कवीश सिंघई ने बताया की कल जन्मकल्याणक के भव्य जुलूस के साथ ही 9 से 15 वर्ष तक के बालक बालिकाओं के उपनयन संस्कार भी सम्पन्न होगा। 

चोपरा में  पंचकल्याणक महोत्सव 21 से 26 तक

 दमोह। जबेरा तहसील मुख्यालय के ग्राम चोपरा चौबीसा में जैन समाज द्वारा जिनबिम्ब पंचकल्याणक विश्व शांति यज्ञ वं गजरथ महोत्सव का आयोजन 21 अप्रैल से 26 अप्रैल तक किया जावेगा। संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनि राज के परम शिष्य मुनि श्री प्रबुद्ध सागर जी महाराज के परम सानिध्य में यह छह दिवसीय पंचकल्याणक एवं विश्व शांति महायज्ञ संपन्न होगा। 

इस महा महोत्सव की तैयारियों जैन समाज द्वारा वृहद स्तर पर की गई है।निर्धारित कार्यक्रम अनुसार 21 अप्रैल को ध्वजारोहण गर्भ कल्याणक पूर्व रूप, 22 अप्रैल को गर्भ कल्याणक का उत्तर रूप,23 अप्रैल को जन्म कल्याणक, 24 अप्रैल को तप कल्याणक, 25 अप्रैल को ज्ञान कल्याणक एवं 26 अप्रैल को मोक्ष कल्याणक के साथ गजरथ परिक्रमा संपन्न होगी। आयोजक समिति के वरिष्ठ पदाधिकारी कमल सिंघई ने बताया कि ग्राम चोपरा चौबीसा में अतिशय कारी भगवान शांतिनाथ की 16 फुट खड़गासन अति प्राचीन प्रतिमा एव जिनालय स्थित है। पूज्य मुनि श्री प्रबुद्ध सागर जी महाराज के सानिध्य में संपन्न होने जा रहे इस महा महोत्सव को लेकर जैन समाज काफी उत्साहित है। इस महा महोत्सव की तैयारियों वृहद स्तर पर की गई हैं। लोगों से इस महा महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ लेने की अपील की गई है।

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