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संकल्प से समाधान अभियान द्वितीय चरण- 24 को दमोह पथरिया तेंदूखेड़ा नपा में विशेष आयोजन.. कलेक्टर ने किया दबे फार्म का निरीक्षण.. जिला अस्पताल में नई विजिटर पॉलिसी लागू.. अजब धाम में संतों को भेंट की गूढ़ भागवत कथा की प्रतियां..

संकल्प से समाधान अभियान का द्वितीय चरण शुरू  

दमोह। कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने बताया जिले में संचालित संकल्प से समाधान अभियान का द्वितीय चरण 16 फरवरी से प्रारंभ हो चुका ए जो 31 मार्च तक जारी रहेगा। अभियान के तहत अब प्राप्त आवेदनों के निराकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

कलेक्टर श्री कोचर ने बताया दूसरे चरण में विकासखंड स्तर पर छोटे.छोटे क्लस्टर बनाकर शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इन क्लस्टर आधारित शिविरों की शुरुआत 20 फरवरी से होगी। प्रत्येक विकासखंड में एक दिन में अधिकतम सात क्लस्टरों में शिविर लगाए जाएंगे तथा शिविरों के बीच तीन से चार दिन का अंतर रखा गया हैए ताकि आमजन तक सूचना प्रभावी रूप से पहुंच सके और अधिकाधिक लोग लाभान्वित हो सकें। उन्होंने आमजन से आग्रह किया कि प्रथम चरण में जिन नागरिकों ने आवेदन प्रस्तुत किए थे वे द्वितीय चरण में आयोजित शिविरों में उपस्थित होकर अपने आवेदनों का निराकरण प्राप्त करें। शिविरों की सूचना सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से दी जा रही है।

कलेक्टर श्री कोचर ने बताया कि नगरीय क्षेत्रों में भी वार्डवार शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 24 फरवरी को विशेष शिविर आयोजित किया जाएगाए जो केवल प्रधानमंत्री आवास योजना ;शहरी के लंबित प्रकरणों के निराकरण हेतु रहेगा। यह विशेष शिविर 24 फरवरी को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक दमोह पथरिया तेंदूखेड़ा नगर पालिकाओं में आयोजित होगे। लंबित किस्तों के हितग्राही अवश्य पहुंचें शिविर में.. कलेक्टर श्री कोचर ने स्पष्ट किया कि ऐसे हितग्राही जिनको पहली किस्त मिलने के बाद दूसरी या तीसरी किस्त प्राप्त नहीं हुई हैए वे संबंधित नगरपालिका में आवश्यक दस्तावेजों सहित उपस्थित हों। शिविर में प्रत्येक हितग्राही की फाइल का सूक्ष्म परीक्षण किया जाएगा जिसमें फोटो सत्यापनए पूर्व जारी किस्तों का विवरण एवं अन्य दस्तावेजों की जांच शामिल रहेगी। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से दमोह नगरपालिका में लंबित प्रकरणों की संख्या अधिक है इसलिए अधिक से अधिक हितग्राही 24 फरवरी को आयोजित शिविर का लाभ लें। कलेक्टर श्री कोचर ने कहा कि कई नागरिक हर बार जनसुनवाई में अपनी समस्या लेकर पहुंचते हैं। इन्हीं समस्याओं के समग्र समाधान हेतु क्लस्टर आधारित एवं विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा हैए ताकि एक ही स्थान पर व्यवस्थित तरीके से प्रकरणों का निराकरण किया जा सके। उन्होंने समस्त ग्रामीण एवं नगरीय नागरिकों से आग्रह किया कि वे निर्धारित तिथि एवं समय पर शिविरों में पहुंचकर शासन की इस पहल का लाभ अवश्य उठाएं। 

कलेक्टर श्री कोचर ने किया दबे फार्म का निरीक्षण.. दमोह। कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने कहा कि दमोह जिला प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है। उन्होंने बताया कि युवा किसानों द्वारा किए जा रहे नवाचारों को देखने के लिए वे श्री दबे जी के अनुरोध पर उनके फार्म पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जैविक खाद निर्माण खरबूज.तरबूज की उन्नत खेती आम के बागान और ग्राफ्टिंग पद्धति से विकसित पौधों को देखा और उन्होने कहा दमोह जिले में अमृत. कृषि का एक खूबसूरत धड़ा देखने को मिला शुभकामनाऍ इस विरासत के विकास और विस्तार की।

कलेक्टर श्री कोचर ने कहा कि यह फार्म जैविक खेती का जीवंत दस्तावेज हैए यहॉ पर युवा ऊर्जा से बढती उर्वरता और अनुभव से जुडते प्राकृतिक आयाम का बेहतरीन समन्वय देखने को मिला। उन्होंने विशेष रूप से श्री अहिरवार और युवा किसान की सराहना करते हुए कहा कि दोनों ने मिलकर खेती की दशा और दिशा बदलने का कार्य किया है। ऐसे किसान पूरे जिले के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसानों को जिस भी प्रकार की सहायता की आवश्यकता होगीए शासन नियमानुसार हर संभव मदद प्रदान करेगा।

उन्होने कहा कि जिले के कृषि विज्ञान केंद्र में जैविकएवं प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की जाएगी। इस संस्थान में प्रतिमाह कम से कम दो प्रशिक्षण कोर्स संचालित किए जाएंगेए जिनके माध्यम से लगभग 60 किसानों को प्राकृतिक खेती का व्यापक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के अनुभवी प्राकृतिक किसानए जो स्वयं इस पद्धति पर सफलतापूर्वक कार्य कर रहे हैं उन्हें भी विशेषज्ञ के रूप में जोड़ा जाएगा। कलेक्टर श्री कोचर ने कहा कि जिले में जिस प्रकार युवा किसान नवाचार और आधुनिक तकनीकों को अपनाते हुए प्राकृतिक खेती को आगे बढ़ा रहे हैं उससे स्पष्ट है कि दमोह में प्राकृतिक खेती का भविष्य उज्ज्वल है। 

जिला अस्पताल में नई विजिटर पॉलिसी लागू.. दमोह। जिला चिकित्सालय दमोह में भर्ती मरीजों की सुविधा सुरक्षा एवं अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से नई विजिटर पॉलिसी लागू कर दी गई है। सिविल सर्जन डॉ प्रहलाद पटेल ने बताया कि अस्पताल परिसर में प्रवेश एवं मरीज के साथ रहने के लिए अब गेटपास अनिवार्य रहेगा। उन्होने बताया भर्ती मरीज के परिजन को गेटपास काउंटर से गुलाबी रंग का पास उपलब्ध कराया जाएगाए जिसका उपयोग केवल अधिकृत अटेंडर द्वारा किया जा सकेगा। एक समय में एक ही परिजन मरीज के साथ रह सकेगा। दूसरे परिजन के आने पर पहले उपस्थित परिजन को परिसर से बाहर जाना होगा। गंभीर मरीजों के साथ दो परिजन रहने की अनुमति दी गई है।

मिलने का निर्धारित समय.. मरीजों से मिलने के लिए आने वाले व्यक्तियों को पीले रंग का पास बनवाना अनिवार्य होगा।मिलने का समय दोपहर 12 बजे से 02 बजे तक और शाम 06 बजे से 07 बजे तक निर्धारित किया गया है। आईसीयू में बच्चों का प्रवेश वर्जित..अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि आईसीयू यूनिट में बच्चों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को मरीज के साथ न रखा जाए और न ही परिजन उन्हें साथ लेकर आएं। स्वच्छता एवं सुरक्षा में सहयोग की अपील..परिजनों को निर्देशित किया गया है कि वे अपना सामान मरीज के बिस्तर के पास न रखें तथा अस्पताल की साफ.सफाई एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में अस्पताल कर्मियों का सहयोग करें।

नियम उल्लंघन पर अर्थदंड.. बिना पास मरीज के साथ पाए जाने पर 100 रुपये अर्थदंड वसूला जाएगा। यह राशि रोगी कल्याण समिति के खाते में क्यूआर कोड के माध्यम से जमा करनी होगी। ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध न होने की स्थिति में नगद भुगतान कर विधिवत रसीद प्राप्त करनी होगी। बिना रसीद भुगतान करने पर संबंधित व्यक्ति स्वयं जिम्मेदार होगा। धूम्रपानए पान.गुटखाए खाकर अथवा शराब का सेवन कर अस्पताल में प्रवेश करने पर 200 रुपये अर्थदंड बिंदु क्रमांक 12 के अनुसार वसूला जाएगा।किसी भी प्रकार की असुविधा या शिकायत की स्थिति में सहायक अस्पताल प्रबंधक डॉ सुरेन्द्र विक्रम सिंह 8770561597 आरएमओ डॉ चक्रेश अहिरवाल 7747098035 तथा दमोह हेल्पलाइन नंबर से संपर्क किया जा सकता है।

अजब धाम में संतों को भेंट की पंडित रामदास चौबे द्वारा रचित पुस्तक.. दमोह। तपोस्थली अजबधाम में छोटे सरकार राम अनुग्रह दास जी के पावन सानिध्य में भव्य संत समागम का आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक आयोजन में देश के विभिन्न प्रांतों से पधारे संत-महापुरुषों, विद्वानों और श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान वैदिक परंपराओं, संत संस्कृति और अजबधाम की आध्यात्मिक महिमा पर विस्तार से प्रकाश डाला गया, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा। समागम को संबोधित करते हुए अयोध्याधाम के पीठाधीश्वर राघव दास जी ने अजबधाम को अत्यंत पवित्र तपोभूमि बताते हुए कहा कि यह वही स्थल है, जहां जय जय सरकार ने कठोर तपस्या कर मानव मात्र को भगवत प्राप्ति और भक्ति के मार्ग का संदेश दिया। 
उन्होंने कहा कि संत जय जय सरकार की आध्यात्मिक परंपरा और विचारधारा को आज राम अनुग्रह दास जी पूरी निष्ठा और साधना के साथ आगे बढ़ा रहे हैं, जिससे अजबधाम निरंतर साधकों के लिए प्रेरणा का केंद्र बना हुआ है।  इस अवसर पर दमोह के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य एवं सेवानिवृत्त राजपत्रित अधिकारी, पालीटेक्निक कॉलेज के विद्वान रामदास चौबे द्वारा रचित आध्यात्मिक ग्रंथ गूढ़ भागवत कथा की प्रतियां संत-महापुरुषों को भेंट की गईं। पुस्तक भेंट करने का कार्य उनके पुत्र जमना प्रसाद चौबे द्वारा किया गया। पुस्तक प्राप्त कर संतों ने लेखक के प्रयासों की सराहना की और इसे साधना-पथ पर अग्रसर जिज्ञासुओं के लिए उपयोगी बताया।
पुस्तक पर अपने विचार व्यक्त करते हुए राघव दास जी ने कहा कि गूढ़ भागवत कथा भगवान के गहन और सूक्ष्म रहस्यों को उजागर करने का सार्थक प्रयास है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार कोलंबस ने नई दुनिया की खोज की, उसी प्रकार शास्त्रों में छिपे हुए जिन तत्वों को सामान्य दृष्टि नहीं देख पाती, उन्हें सामने लाने वाला ज्ञान ‘गूढ़’ कहलाता है। यह ग्रंथ शास्त्रीय आधार पर परमात्मा के चिंतन, भक्ति और जीवन-दर्शन को सरल भाषा में प्रस्तुत करता है। यह पुस्तक न केवल साधकों के लिए, बल्कि विद्वानों और शोधकर्ताओं के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगी। गूढ़ भागवत कथा भक्ति मार्ग को सहज, सरल और व्यवहारिक रूप में समझाने का कार्य करती है, जिससे सामान्य जन भी भगवान की भक्ति से जुड़ सकें। कार्यक्रम के अंत में संतों ने लेखक के दीर्घायु और निरंतर लेखन साधना की कामना की तथा अजबधाम की आध्यात्मिक परंपरा को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।

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