नोहलेश्वर महोत्सव में जबलपुर सागर दमोह सांसद
दमोह। तृतीय नोहलेश्वर महोत्सव के नवें दिवस पर भव्य राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी के मार्ग दर्शन तथा महोत्सव संयोजक सत्येंद्र सिंह के कुशल नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ प्रथम पूज्य श्री गणेश जी की वंदना के साथ हुआ।
कार्यक्रम
में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व
मंत्री एवं रहली विधायक गोपाल भार्गव, सागर सांसद एवं भाजपा प्रदेश
महामंत्री लता वानखेड़े, दमोह सांसद राहुल सिंह, जबलपुर सांसद आशीष दुबे,
पूर्व मंत्री जालम सिंह, विनोद जी सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।इस
अवसर पर जबेरा एवं तेंदूखेड़ा के शासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों एवं
शासकीय अधिकारीयो का सम्मान कर शिक्षा जगत के प्रति सम्मान और प्रतिबद्धता
का संदेश दिया गया।
कवि सम्मेलन में राष्ट्रीय ख्याति
प्राप्त कवि हरिओम पवार ने अपने ओजस्वी काव्यपाठ से वातावरण को
राष्ट्रभक्ति की भावना से ओतप्रोत कर दिया। उनकी कविताओं में देशप्रेम,
संस्कृति, वीरता और सामाजिक चेतना का अद्भुत समन्वय दिखाई दिया। प्रत्येक
पंक्ति पर श्रोताओं की तालियों की गड़गड़ाहट से सभागार गुंजायमान हो उठा।
अन्य आमंत्रित कवियों ने भी हास्य, व्यंग्य, श्रृंगार और समसामयिक विषयों
पर प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं। हास्य कविताओं ने जहां दर्शकों को ठहाके
लगाने पर मजबूर किया, वहीं गंभीर रचनाओं ने आत्ममंथन के लिए प्रेरित किया। कवि
सम्मेलन से पूर्व मेला प्रांगण में एकल अभियान दमोह द्वारा सांस्कृतिक एवं
संगीत समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जनजातीय समाज एवं एकल अभियान
के सदस्यों का स्वागत एवं सम्मान भी किया गया।
राज्यमंत्री
धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने कहा कि नोहलेश्वर महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक
आयोजन नहीं, बल्कि यह क्षेत्र की आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक अस्मिता और
शैक्षणिक प्रगति का विराट उत्सव है। हमारी सरकार संस्कृति और शिक्षा दोनों
को समान महत्व देते हुए बुंदेलखंड की गौरवशाली परंपराओं को नई पहचान दिलाने
के लिए सतत कार्य कर रही है। सांसद लता वानखेड़े ने
कहा कि बुंदेलखंड की गौरवशाली विरासत और भक्ति की त्रिवेणी में डूबकर मन
अत्यंत प्रफुल्लित है। इस शानदार आयोजन के लिए संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री
धर्मेंद्र सिंह जी को हृदय से बधाई देती हूँ। आपकी विकासवादी सोच और
संस्कृति के प्रति समर्पण का ही परिणाम है कि नोहलेश्वर महोत्सव अपनी
भव्यता से नई पहचान बना रहा है।
पूर्व मंत्री गोपाल
भार्गव ने कहा कि नोहटा की यह पावन धरा आज साहित्य, संस्कृति और
राष्ट्रभक्ति की त्रिवेणी बन चुकी है। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा
का संचार करते हैं और युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं। महोत्सव
संयोजक सत्येंद्र सिंह ने कहा कि नोहलेश्वर महोत्सव 2026 के मंच पर जबेरा
एवं तेंदूखेड़ा के शासकीय प्राचार्यों का सम्मान करना हम सभी के लिए गौरव
का विषय है।



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