विधान में ध्वज भूमि एवं दिव्य भूमि में अर्घ्यं समर्पित
दमोह।
नगर की उमा मिस्त्री की तलैया में सकल जैन समाज द्वारा श्री 24 समोसरण
अरहंत चक्र महामंडल विधान का आयोजन भक्ति भाव के साथ चल रहा है। विधान के
चौथे दिन ध्वज भूमि एवं दिव्य भूमि के अर्घ्यं समर्पित किए गए। वही मुनि
श्री पदम सागर जी की दिव्य देशना का लाभ मुख्य समवशरण से प्राप्त हुआ।
श्री पारसनाथ दिगंबर जैन नन्हें मंदिर निर्माण कार्य हेतु आचार्य श्री
विद्यासागर जी एवं आचार्य श्री समय सागर जी के मंगल आशीष से उनके शिष्य
मुनि श्री पदम सागर एवं छुलल्क श्री तातपर्य सागर जी के सानिध्य में
अष्टानिका महापर्व में 24 फरवरी से 3 मार्च तक श्री अरहंत चक्र 24 समोशरण
महामंडल विधान का आयोजन चल रहा है। विधान के चौथे दिन शुक्रवार को प्रातः
बेला में मुनि संघ के सानिध्य मे अभिषेक पूजन संपन्न हुआ।
इस अवसर पर ब्रह्मचारी दीपक भैया अभिषेक शास्त्री पंडित सुरेश शास्त्री मोनू भैया के निर्देशन में शांति धारा करने के साथ मुख्य पात्र बनकर पूजन करने का सौभाग्य मनोज मीनू
जैन विजय श्री आयरन परिवार, प्रेमचंद जी संगीता अनुज एलोरा कॉलोनी, श्री
रवि जैन महावीर ट्रांसपोर्ट परिवार, श्री सुनील कुमार जैन इलेक्ट्रिकल
परिवार, श्री डॉ सुबोध जैन डॉ गुलशन जैन, हेमंत जैन परिवार, श्री रमेश
चौधरी परिवार, श्रीमती रजनी शशांक पलंदी परिवार को प्राप्त हुआ।
वही शनिवार
को होने वाली शांति धारा करने का सौभाग्य श्री राकेश पुजारी परिवार, आनंद
बीएसएनल परिवार, लोकेश गांगरा परिवार, डॉ सुबोध जैन परिवार ने प्राप्त
किया।
मुनि श्री पदम सागर जी के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य श्री ऋषभ
कुमार सुनील कुमार प्रवीण कुमार बड़े राय परिवार को प्राप्त हुआ। आज ध्वज
भूमि में पूजन अवसर पर सबसे पहला स्वर्ण ध्वज चढ़ाने का सौभाग्य मनोज मीनू
जैन विजय आयरन परिवार ने प्राप्त किया।
समोसारण में रजत ध्वजा स्थापित करने
का सौभाग्य संतोष सिंघई, सुधीर सिंघई, चन्द्र कुमार सौरभ खजरी परिवार, पदम
चंद बजाज, श्रीमती चमेली शशि प्रभा जी परिवार सहित अनेक परिवारों को
प्राप्त हुआ। शाम की महा आरती का सौभाग्य श्री सतीश जैन कल्लन भैया परिवार
ने प्राप्त किया।

आज का काम कल पर छोड़ने वाला सम्यक दृष्टि नहीं- मुनि श्री पदम सागर.. श्री
अरिहंत चक्र 24 समोशरण महामंडल विधान के चौथे दिन शुक्रवार को मुख्य
समोशरण से मुनि श्री पदम सागर जी महाराज केे मंगल प्रवचन हुए। करीब 1 घंटे
के मंगल प्रवचनों के दौरान उपस्थित श्रावक जनों को ऐसा लगा जैसे साक्षात
समवशरण में तीर्थंकर प्रभु की दिव्या ध्वनि खि़र रही हो।
मुनि श्री ने आज
के काम को कल पर तथा कल के काम को परसों पर टालने वाले व्यक्ति को घोर
मिथ्या दृष्टि बताते हुए कहा कि सम्यक दृष्टि जीव आज का काम अब तथा कल का
काम आज करके भवसागर से पार हो जाता है। उन्होंने लंकाधि पति रावण का उदाहरण
देते हुए कहा कि श्री राम की आज्ञा से लक्ष्मण जी जब मृत्यु सैया पर पड़े रावण
से कुछ ज्ञान की बातें जानने के लिए पहुंचे तो रावण ने कहा कि उसने पराई
स्त्री के राग में पड़कर अपने हजारों पुत्र और लाखों नाती पोतों को खो दिया। उसके पास सोने की लंका थी वह चाहता तो सोने में खुशबू डाल
सकता था लंका के चारों तरफ समुद्र था वह चाहता तो समुद्र के जल को मीठा कर
सकता था। लेकिन राग द्वेष की परिणीति में फंस कर वह आज का काम कल पर और कल
का काम परसों पर टालता रहा और इसी में बरसों निकल गए। और आज मृत्यु सैया
पर पड़े पड़े मुझे यह सब याद आ रहा है की काश में ऐसा कर पाता तो दुनिया मुझे
सोने में खुशबू और समुद्र के जल को मीठा करने के लिए याद रखती।मुनिश्री
कहा कि हर चीज की गारंटी मिल सकती है लेकिन जीवन की कोई गारंटी नहीं देता।
आज हम जिस समव शरण में बैठकर एक साथ 24 जिनालयों से आए भगवानों की पूजा
अर्चना कर रहे हैं विधान कर रहे हैं वह समवशरण भी तीन मार्च को विघटित हो
जाएगा। सभी प्रतिमाएं अपने-अपने जिनालय्यों में चली जाएगी। ऐसे में कोई
गारंटी नहीं है कि भगवान के इतने बड़े समवशरण फिर कब बैठकर भावों को निर्मल
करने का परिणामों को सुधारने का मौका मिले। मुनिश्री ने श्री नन्हे मंदिर
जी में निर्मित होने वाली चौबीसी तथा निर्माण कार्य में अपनी चंचल लक्ष्मी
का उपयोग करने का आवाहन श्रावक जनों से किया। जिस पर अनेक परिवारों ने दान
राशि की घोषणा की।
अनेक परिवारों ने की सहयोग दान राशि की घोषणाविधान संयोजक महेश दिगंबर ने बताया कि विधान
अवसर पर शुक्रवार को अनेक दानदाता परिवारों ने मुनि श्री पदम सागर जी की
प्रेरणा से मंदिर निर्माण तथा चौबीसी हेतु दान राशि की घोषणा की ।चौबीसी
त्रिमूर्ति जिनालय मैं 11 कलश के माध्यम से ऋषभ कुमार जी बड़ेराय, सुनील बड़े
राय परिवार एवं धर्मचंद जी अमित, आशीष जी महावीर प्रेस परिवार ने एक-एक
प्रतिमा विराजमान करने का सौभाग्य प्राप्त किया।
इसी तरह एक एक मंडप
निर्माण हेतु श्री अमित त्यागी की बहन नौगांव, डॉ एसके जैन परिवार, महेश
दिगंबर परिवार ने स्वीकृति प्रदान की। मंदिर के एक-एक स्तंभ हेतु प्रमोद
गुड्डी बाई परिवार, डॉ आरके जैन परिवार, संजय लकी गांगरा परिवार ने
स्वीकृति प्रदान की। जिनेंद्र मडला वाले परिवार, रजनी पलंदी परिवार,
श्रीमती शील रानी नायक परिवार ने 108, 108 बोरी सीमेंट देने की घोषणा की।
संजय बड़े श्री मार्बल परिवार ने 108 बोरी मार्बल केमिकल देने की घोषणा की।
जिनेंद्र जैन मडला परिवार ने विधान अवसर पर 1 दिन के भोजन राशि की घोषणा
की।
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