नोहलेश्वर महोत्सव तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक
दमोह। नोहटा स्थित ऐतिहासिक नोहलेश्वर मंदिर परिसर में 5 फरवरी से 15 फरवरी तक 10 दिवसीय नोहलेश्वर महोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव के साथ.साथ 10 दिवसीय मेले का भी आयोजन होगा। दोनों आयोजनों को संयुक्त रूप से आयोजित करने के लिए व्यापक स्तर पर रचना.योजना तैयार की गई है। उद्देश्य यह है कि नोहटा का यह कलचुरी कालीन मंदिर प्रदेश और देश में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाए और नोहलेश्वर महोत्सव एक प्रदेश स्तरीय आयोजन के रूप में स्थापित हो
इस आशय की बात प्रदेश के संस्कृति पर्यटन धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने महोत्सव की तैयारियों को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान कही। राज्यमंत्री श्री लोधी कहा इस महोत्सव में देश.प्रदेश के नामी.गिरामी कलाकार अपनी प्रस्तुतियाँ देंगे जिनमें अभिलिप्सा पांडा पुनीत इस्सर एवं ग्रुप कैलाश खेर सहित अन्य प्रमुख कलाकार शामिल हैं। इसके साथ ही स्थानीय कलाकारों को भी बड़ा मंच दिया जाएगा जहां 10 दिनों में लगभग 150 स्थानीय प्रस्तुतियाँ होंगी। उन्होने बताया इस आयोजन में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉण् मोहन यादव का 12 फरवरी को संभावित आगमन प्रस्तावित है जिससे यह आयोजन और भी भव्य एवं दिव्य स्वरूप लेगा।
उन्होने कहा महोत्सव के दौरान किसान सम्मेलन महिला सम्मेलन रोजगार मेलाए कैरियर गाइडेंस कार्यक्रम समितियों का सम्मेलन तथा समस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा 6 और 7 फरवरी को दो.दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का आयोजन होगाए जिसमें भोपाल से 150 से अधिक डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम सेवाएं देगी।राज्यमंत्री श्री लोधी ने कहा बच्चों के मनोरंजन के लिए विशेष किड्स जोन बनाया जा रहा है। मेले में मौत का कुआं स्पंजिंग जंपिंग हॉट एयर बैलून आर्चरी एवं अन्य एडवेंचर स्पोर्ट्स भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। उन्होने विश्वास जताया कि यह मेला मध्य प्रदेश के श्रेष्ठ मेलों में से एक सिद्ध होगा। उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे इस भव्य आयोजन में सहभागी बनें और नोहलेश्वर महोत्सव का आनंद लें।
बैठक में भाव सिंह मासाब रूपेश सेन सत्येंद्र सिंह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर सीईओ जिला पंचायत प्रवीण फुलपगारे एडिशनल एसपी सुजीत सिंह भदोरिया एसडीएम सौरभ गंधर्व जिला एवं जनपद पंचायत व पुलिस प्रशासन के अधिकारी और मेला से जुड़े हुए समिति के सदस्यगण मौजूद रहे।
नोहलेश्वर मंदिर का ऐतिहासिक महत्व.. नोहटा
में स्थित नोहलेश्वर महादेव मंदिर का इतिहास अत्यंत प्राचीन और गौरवशाली
रहा है। यह मंदिर कलचुरी कालीन स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता
है। कहा जाता है कि इस भव्य मंदिर का निर्माण 10वीं–11वीं शताब्दी के दौरान
हुआ था। मंदिर की शिल्पकला, अलंकृत स्तंभ, विशाल गर्भगृह एवं कलात्मक
नक्काशी आज भी दर्शकों को उस युग की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित
कराती है। पुरातत्वविदों के अनुसार नोहलेश्वर मंदिर
मध्य भारत के प्रमुख शिव मंदिरों में से एक है, जहां प्राचीन काल से ही
श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना करते आ रहे हैं। यह स्थल धार्मिक आस्था के
साथ-साथ ऐतिहासिक और पर्यटन की दृष्टि से भी विशेष महत्व रखता है।
महोत्सव की विशेषताएं.. महोत्सव
के दौरान देशभर के ख्यातिप्राप्त कलाकारों के साथ स्थानीय कलाकार भी अपनी
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समा बांधेंगे। साथ ही, धार्मिक, सांस्कृतिक
संध्याएं, कार्यशालाएं, महिला सम्मेलन, किसान गोष्ठी और पर्यटन गतिविधियों
के माध्यम से क्षेत्र की समृद्ध विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने
का प्रयास किया जाएगा। महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों में
खासा उत्साह है। आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक
तैयारियां पूरी की जा रही हैं। रा
दमोह में खुलेगा एएसआई का सब सर्कल कार्यालय
दमोह। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ;भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण जबलपुर सर्कल के अंतर्गत दमोह में एक नए सब.सर्कल कार्यालय की स्थापना की जा रही है। यह कार्यालय शहर की एक प्राचीन इमारत जिसे स्थानीय रूप से गिरजाघर भी कहा जाता था में संचालित होगा। जिला प्रशासन के लगातार पत्राचार और प्रयासों से यह संभव हुआ है। कलेक्टर श्री कोचर ने बताया यह सब.सर्कल कार्यालय दमोह एवं आसपास के क्षेत्रों में स्थित संरक्षित स्मारक स्थलों के संरक्षण देखरेख और रखरखाव से संबंधित कार्यों के लिए उत्तरदायी रहेगा।
नवस्थापित कार्यालय में कंज़र्वेशन असिस्टेंट सहित अन्य सहयोगी स्टाफ की तैनाती की जाएगी जो स्मारकों के संरक्षण मरम्मत तथा नियमित रखरखाव के कार्यों को संपादित करेंगे। ज्ञातव्य है कि इससे पूर्व जबलपुर सर्कल के अंतर्गत सागरए जबलपुरए रीवा एवं खजुराहो सब.सर्कल कार्यरत थे। अब दमोह में नए सब.सर्कल की स्थापना से क्षेत्रीय स्मारकों के संरक्षण कार्यों को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाया जा सकेगा।प्राप्त जानकारी के अनुसार यह कार्यालय 15 फरवरी के बाद प्रारंभ होने की संभावना है। वर्तमान भवन में मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण का कार्य प्रगति पर है जिसमें छत की वाटरप्रूफिंग ग्रिल व जाली का निर्माण मैदान का समतलीकरण बगीचे का विकास लाइट फिटिंग तथा रंगाई.पुताई शामिल है।
जनसुनवाई में 262 आवेदनों पर सुनवाई
दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने कलेक्टर कार्यालय के कक्ष क्रमांक 10 में आयोजित जनसुनवाई में जिले के दूरदराज क्षेत्रों से आये हितग्राहियों की समस्याओं को सुना। इस दौरान सामान्य जनसुनवाई में 262 आवेदनों पर सुनवाई करते हुये संबंधित अधिकारियों को समय.सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिये।
जनसुनवाई में 17 आधार कार्ड एवं 185 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। साथ ही जनसुनवाई के दौरान कुछ सामूहिक आवदेन भी दिए गए। इस दौरान लोकसेवा प्रबंधक चक्रेश पटेल सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।
25 पंचायतों में हुई जन सुनवाई..जिले के ग्राम नोहटा अभाना सहित चिन्हित 25 पंचायतों में जनसुनवाई के दौरान 33 आवेदन प्राप्त हुए जिनमें शत्.प्रतिशत आवेदनों का निराकरण किया गया।
कृषि विज्ञान केंद्र में कार्यशाला प्रशिक्षण में सहभागिता.. दमोह।
स्थानीय प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, ज्ञानचंद श्रीवास्तव शासकीय
स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दमोह में पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय
संगठन (एप्को) द्वारा प्रायोजित पर्यावरण हितैषी जीवन शैली अपनाने हेतु
महाविद्यालय के विद्यार्थियों को कृषि विज्ञान केंद्र दमोह में आयोजित 10
दिवसीय कार्यशाला प्रशिक्षण में सहभागिता, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.
ए.के.जैन एवं ईको क्लब प्रभारी डॉ. मीरा माधुरी महंत के मार्गदर्शन में
संपन्न हो रहा है। जिसमें कृषि वैज्ञानिक एवं उनके सहयोगियों के द्वारा
पौधों में कटिंग प्रजनन विधि, ग्राफ्टिंग, चीप, विनेगर विधि, वर्मी
कंपोस्ट, वर्मी बेड सेटअप एवं पौधों के संरक्षण में पॉलीहाउस या नेट हाऊस
की उपयोगिता तथा महत्व पर प्रशिक्षण सहित वृहद जानकारी प्रदान किए जा रहे
हैं।इस अवसर पर व्यावहारिक ज्ञान एवं कौशल विकास प्रदान किए जाने के
उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र दमोह (प्रतिष्ठित संस्थान) के माध्यम से
मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, केंचुआ खाद (वर्मी कम्पोस्ट) निर्माण तथा फल
एवं सब्जियों के संरक्षण जैसे उपयोगी एवं रोजगारोन्मुख विषयों पर
कार्यशाला प्रशिक्षण दिए जाने से वर्तमान समय में कृषि एवं संबद्ध
क्षेत्रों में स्वरोजगार, उद्यमिता तथा सतत विकास को बढ़ावा देने में अत्यंत
सहायक हैं। जिससे विद्यार्थी व्यवहारिक प्रशिक्षण प्राप्त कर विद्यार्थी
सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ वास्तविक कार्यानुभव भी अर्जित कर सकेंगे और
उनके कौशल, आत्मविश्वास एवं रोजगार की संभावनाओं में वृद्धि होगी। कृषि
विज्ञान केंद्र के प्रमुख एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मुकेश कुमार अहिरवार के
संरक्षण तथा कृषि वैज्ञानिक डॉ. बी. एल. साहू जी के दिशा निर्देश में
उपलब्ध संसाधनों एवं विशेषज्ञों के द्वारा कार्यशाला/प्रशिक्षण दिया जा रहा
है। इस अवसर पर महाविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. नंदराम सुमन (वनस्पति
शास्त्र विभाग प्रमुख), अतिथि विद्वान डॉ. ऋषिभा दीक्षित, श्री गौरीशरण
पटेल एवं श्री मनीष पटेल की विशेष सहयोग व उपस्थिति रही तथा प्रशिक्षण में
35 छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।





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