जिन सहस्त्र नाम विधान से समोशरण विधान संपन्न
दमोह। उमा मिस्त्री की तलैया में सकल जैन समाज द्वारा नन्हे मंदिर नवीन निर्माण कार्य हेतु आयोजित श्री अरिहंत चक्र 24 समवशरण महामंडल विधान में सातवें दिन जिन सहस्त्र नाम विधान के साथ भगवान के 1008 नामों के अर्घ्य चढ़ाए गए। विधान के अंतिम दिन मंगलवार को प्रातः बेला में 64 शांति धारा, विश्व शांति महायज्ञ एवं दोपहर में श्री जी की पालकी शोभायात्रा से आयोजन का समापन होगा।आचार्य श्री विद्यासागर जी एवं आचार्य श्री समय सागर जी की मंगल
प्रेरणा एवं आशीर्वाद से उनके शिष्य मुनिश्री पदम सागर एवं छुलल्क श्री
तात्पर्य सागर जी के सानिध्य में 3 मार्च तक चलने वाले 24 समोशरण श्री
अरिहंत चक्र महामंडल विधान के सातवे दिन सोमवार को प्रातः बेला में श्री जी
के अभिषेक उपरांत शांति धाराए संपन्न हुई।
मुनि संघ के सानिध्य में
प्रतिष्ठाचार्य ब्रह्मचारी दीपक भैया, सुरेश शास्त्री, अभिषेक शास्त्री,
रोहित भैया, मोनू भैया, स्वतंत्र भैया, अभिषेक भैया आदि के निर्देशन में
जिन सहस्त्र नाम विधान पूजन करते हुए समोशरण में मुख्य पात्रों के साथ
ध्वजारोहण करता परिवार एवं श्रावक श्रष्टि जनों ने अर्घ्य चढ़ाए। 24 गंधकुटी
में पुण्यार्जक परिवारों ने तथा मुख्य मंच के समक्ष इंद्र इंद्राणियों ने
अर्घ्य समर्पित किये।
आज भी अनेक मंदिरों से द्रव्य सामग्री लेकर श्रावक जन
कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे वहीं नन्हे मंदिर निर्माण कार्य हेतु एवं चौबीसी
में प्रतिमा हेतु घोषणाएं करके मुनि श्री का पाद प्रच्छालन करके दान
दाताओं ने आशीर्वाद प्राप्त किया। आज पूर्व विधायक अजय टंडन कुंडलपुर कमेटी
के अध्यक्ष चंद्र कुमार सराफ, महामंत्री आरके जैन, कांग्रेस के पूर्व
अध्यक्ष रतन चंद जैन एवं सतीश जैन सहित अनेक भक्तों ने मुनि श्री को श्रीफल
भेंट किया तथा विधान कमेटी द्वारा उनका सम्मान किया गया। संध्या आरती का
सौभाग्य युवा वर्ग को प्राप्त हुआ।आज भी समवशरण से मुनि श्री पदम सागर
जी के साथ छुलल्क श्री तात्पर्य सागर जी की दिव्य देशना संपन्न हुई।
मुनिश्री ने विधान समापन पर मंगलवार को सुबह होने वाली 64 रिद्धि शांति
धारा में शामिल होने तथा दोपहर में श्री जी की पालकी यात्रा में सकल जैन
समाज को शामिल होने के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया। विधान समिति के संयोजक
महेश दिगंबर ने बताया कि 64 शांति धारा हेतु अधिकांश नाम आ चुके हैं तथा
सुबह ठीक 7 बजे शांति धारा प्रारंभ हो जाएगी।
8 बजे से नित्य पूजन आचार्य
श्री पूजन जिनवाणी पूजन तथा बजे से विश्व शांति महायज्ञ हवन होगा, दोपहर 12ः30 बजे से कार्यक्रम स्थल से श्री जी की पालकी शोभायात्रा
प्रारंभ होगी। जो कार्यक्रम स्थल उमा मिस्त्री की तलैया से प्रारंभ होकर
घंटाघर से नगर के प्रमुख मार्गों का भ्रमण करते हुए नन्हे मंदिर पहुंचकर
संपन्न होगी जहां श्री जी के अभिषेक पूजन उपरांत विभिन्न मंदिरों की जिन
बिंबो का विहार होगा।
लघु व्यापारी संघ का होली मिलन एवं सेवा कार्यक्रम
दमोह। होली एवं होलिका दहन के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश लघु व्यापारी संघ द्वारा 11वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में भव्य होली मिलन एवं सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जरूरतमंद बच्चों को रंग, गुलाल और पिचकारी का वितरण किया गया, जिसे पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। सैकड़ों बच्चों के साथ-साथ माताएं एवं बहनें भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में उपस्थित रहीं।
दमोह। होली एवं होलिका दहन के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश लघु व्यापारी संघ द्वारा 11वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में भव्य होली मिलन एवं सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जरूरतमंद बच्चों को रंग, गुलाल और पिचकारी का वितरण किया गया, जिसे पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। सैकड़ों बच्चों के साथ-साथ माताएं एवं बहनें भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार श्री अटल राजेंद्र जैन, संघ के प्रदेश
अध्यक्ष श्री तनुज पाराशर, भारतीय मजदूर संघ के धर्मेंद्र चौबे, पंकज सोनी,
शैलेन्द्र जैन, व्यापारी प्रकोष्ठ से जुगल किशोर अग्रवाल, पत्रकार साथी
संदीप शर्मा, लवी दुबे, उत्पल भट्ट, अनुराग पांडे सहित अनेक गणमान्य
नागरिकों की गरिमामय उपस्थिति रही। मुख्य अतिथि एवं संघ के प्रदेश अध्यक्ष
श्री तनुज पाराशर ने अपने संबोधन में कहा कि मध्य प्रदेश लघु व्यापारी संघ
पिछले 11 वर्षों से निरंतर होली मिलन कार्यक्रम आयोजित करता आ रहा है। इस
पहल का उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों को सनातन परंपरा से जोड़ना तथा हिंदू
त्योहारों को शुद्ध, सांस्कृतिक और हर्षोल्लास के साथ मनाने के लिए प्रेरित
करना है। उन्होंने कहा कि आज समाज का एक वर्ग हमारे पारंपरिक त्योहारों से
दूर होता जा रहा है, ऐसे में सनातन संस्कृति के संरक्षण और प्रचार के लिए
इस तरह के आयोजनों की आवश्यकता और भी बढ़ जाती है।
संघ के प्रदेश महामंत्री
श्री शैलेन्द्र जैन ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कुछ स्थानों पर होली
जैसे पावन त्योहार को फूहड़ता का रूप दिया जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ी
अपने सांस्कृतिक मूल्यों से दूर होती जा रही है। ऐसे में बच्चों को सही
परंपराओं से जोड़ने के लिए यह पहल एक सकारात्मक संदेश देती है। भारतीय मजदूर
संघ के धर्मेंद्र चौबे ने कहा कि सनातन धर्म की अच्छाइयों को जन-जन तक
पहुंचाने का यह एक सशक्त माध्यम है, जिसे मध्य प्रदेश लघु व्यापारी संघ
पूरी निष्ठा से निभा रहा है। वहीं, उमेश महाराज ने सभी उपस्थितजनों को होली
की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। सेवा, संस्कृति और संस्कार का संगम बने इस
आयोजन ने यह संदेश दिया कि त्योहार केवल उत्सव नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने
और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का माध्यम हैं।
भारतीय इतिहास और नारी शक्ति की गौरव गाथा पर आधारित नाटक का हुआ मंचन
दमोह।
संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से जिले की अग्रणी नाट्य संस्था
युवा नाट्य मंच के द्वारा आयोजित 21वें 5 दिवसीय राष्ट्रीय नाट्य समारोह का
सोमवार को समापन हुआ। समापन दिवस पर स्थानीय नाट्य संस्था युवा नाट्य मंच
के द्वारा नाटक लोकमाता अहिल्या का मंचन किया गया। डॉ उमेश चौरसिया द्वारा
लिखित और वरिष्ठ रंगकर्मी राजीव अयाची के द्वारा निर्देशित यह नाटक होलकर
साम्राज्य की महारानी
अहिल्या बाई होलकर के जीवन
प्रसंगों से जुड़ा हुआ है और नाटक के माध्यम से उनके कुशल प्रशासन,
न्याय प्रियता, धर्मपरायणता और विकास के कार्यों को दिखाया गया है।
नाटक की
कहानी में कुम्हेर के युद्ध में पति खडिराव होल्कर का निधन हो गया, इस समय
अहिल्या बाई सती होने को आतुर होती है पर उनके ससुर मल्हार राव होलकर अपनी
और मालवा की सौगंध देकर उन्हें सती होने से रोक देते हैं और मालवा का राज्य
संभालने का आदेश देते हैं। ससुर मल्हार राव होलकर की मृत्यु के पश्चात
मालवा साम्राज्य में प्रशासनिक कार्यों में गड़बड़ियां प्रारंभ होती है
जिसका आरोप मालवा के दीवान गंगाधर राव तात्या (गंगोबा काका) अहिल्या बाई के
एकमात्र पुत्र मालेराव होलकर पर डाल देता है मालेराव होलकर दिन रात नशे
में धुत रहते थे। कुछ समय पश्चात उनके पुत्र मालेराव का भी निधन हो जाता है
अहिल्या बाई टूट जाती है पर सूबेदार तुकोजी राव तात्या उन्हें ढाढस बंधाते
है।
इस अवसर का फायदा उठाते हुए मालवा पर अपना आधिपत्य करने के लिए रघुनाथ
राव राघोबा वादा अपने साथियों के साथ मालवा पर आक्रमण करने की योजना बनाते
है और इस योजना में मालवा के विश्वासपात्र रघुनाथ राव तात्या राघोवा उनका
साथ देते हैं परंतु माता अहिल्या के विश्वासपात्र सूबेदार तुकोजी राव
पडद्यंत्र की सारी योजनाओ को अपनी हिम्मत और सूझबूझ से विफल कर देते हैं।
पारिवारिक और मालवा साम्राज्य की विपरीत स्थितियों के बावजूद उनको मालवा
साम्राज्य के शासन की बागडोर संभाली, महेश्वर को अपनी राजधानी बनाया और
संपूर्ण राज्य को स्वावलंबी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किया। वे प्रतिदिन
जन-सुनवाई करती और लोगों की समस्याओं को सुनती थी। इस दौरान उन्होंने
उन्होंने पूरे भारत में सैकड़ों मंदिरों, धर्मशालाओं, घाटों, कुओं और
सड़कों का निर्माण करवाया जिनमें काशी विश्वनाथ, सोमनाथ, वैद्यनाथ जैसे
अनेक मंदिरों का पुनर्निर्माण शामिल है, उन्होंने न केवल अपनी सेना का
कुशलतापूर्वक संचालन किया बल्कि महिलाओं की एक टुकड़ी बनाई। स्वावलंबन एवं
स्वदेशी वस्तुओं के निर्माण एवं आत्म सम्मान से जीवन यापन करने की दिशा में
लोकमाता अहिल्या बाई ने कई कार्य किए।
पात्रों के सधे अभिनय से डाली जान.. ऐतिहासिक
पृष्ठभूमि की कहानियों में न सिर्फ देशकाल बल्कि कलाकारों का उसे समयकाल
से खुद को जोड़े रहना भी जरूरी होता है। ऐसे में नाटक के निर्देशक राजीव
अयाची और सहनिर्देशक अनिल खरे ने इन दोनों ही बातों का ध्यान रख कलाकारों
से सधा हुआ अभिनय कराया है। अहिल्या बाई दीक्षा सेन, मल्हार रावअनिल खरे, तुकोजी राव बनेबृजेंद्र राठौर अपने पात्रों में रमे नजर आते है। हरकुंवर रानी एवं महिला शिवानी बाल्मीकि, गंगाधर राव तात्या पंकज चतुर्वेदी, हरवादेवेश श्रीवास्तव,रघुनाथ राव राघोबासंजय खरे, सेनापति एवं भीलहरिशोम खरे, बाल अहिल्या, सेविका एवं महिलानैन्सी गुप्ता सैनिक एवं अननतफंदी अनुभव श्रीवास्तव, सैनिक एवं दरबारी देवांशु राजपूत, नयन खरे, ऋषि खरारे, तेजस्व खरे, अनुभव श्रीवास्तव, उपेन्द्र सोनी, पारस गर्ग ग्रामीणवैष्णवी
रैकवार, राजेश श्रीवास्तव, अपूर्वा अयाची, आयुषी अयाची, गौरी रैकवार,
श्रद्धा रैकवार ने अपने अपने पत्रों को बखूबी निभाया है। नाटक का संगीत
अच्छा है और समकालीन वाद्य यंत्रों का शानदार प्रयोग संगीत में किया गया
है।संगीत परिकल्पना दीक्षा सेन, अनुभव श्रीवास्तव, राजेश श्रीवास्तव, देवेश
श्रीवास्तव, लक्ष्मी शंकर सिंह सेंगर की है। वस्त्र विन्यास राजबहादुर
अग्रवाल, हेमेंद्र सिंह चंदेल, रूप सज्जा अमृता जैन, अनिल खरे प्रकाश
विन्यास राजीव अयाची, प्रचार प्रसार एवं मंच संचालन वैभव नायक का है।
समस्त दर्शकों का जताया आभार.. समारोह
को के समापन अवसर पर युवा नाट्य मंच के अध्यक्ष राजीव अयाची ने आयोजन के
दौरान प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी लोगों का आभार
जताया। कार्यक्रम के दौरान विधायक जयंत मलैया, कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर,
भावसिंह लोधी मासाब, समाजसेवी सत्येंद्र सिंह लोधी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक
संघ के महाकौशल प्रांत के सह बौद्धिक प्रमुख रामलाल जी पटेल, जिला
कार्यवाहक कमलेश पटेल, विद्या भारती से सुरेंद्र चौरसिया, भारत विकास परिषद
से राजीव बिल्थरे, डॉ रघुनंदन चिले, अमर सिंह त्रिपाल सिंह,
देवनारायण,मालती असाटी, आलोक गोस्वामी, दीपक तिवारी,राकेश सोनी,प्रकाश सिंह
ठाकुर, नरेंद्र दुबे, आलोक सोनवलकर, भाइयन जी, शैलेंद्र परिहार ,धर्मेंद्र
मिश्रा, प्रदीप अग्रवाल, डॉ एनआर राठौर, डॉ पीएल शर्मा,ओसी जैन, डॉ अरुणा
उज्जैनकर, कपिल खरे, डॉ संजय त्रिवेदी, एड भगवती श्रीवास्तव की उपस्तिथि
रही।




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