भगवान नमीनाथ का मोक्ष कल्याणक एवं आचार्य समय सागर जी का पदारोहण दिवस मनाया गया..
दमोह।
आचार्य श्री विद्यासागर जी एवं आचार्य श्री समय सागर जी के परम प्रभावक
शिष्य मुनि श्री पदम सागर एवं छुलल्क श्री तातपर्य सागर जी नगर के श्री
पारसनाथ दिगंबर जैन नन्हें मंदिर जी में विराजमान है। मुनि संघ के सानिध्य
में प्रतिदिन विविध धार्मिक आयोजन चल रहे हैं।
इसी
कड़ी में गुरुवार को भगवान श्री नमीनाथ जी का मोक्ष कल्याणक महोत्सव एवं
आचार्य श्री समय सागर जी महाराज का पदारोहण दिवस भक्ति भाव के साथ मनाया
गया। इस अवसर पर मुनि श्री पदम सागर जी महाराज के मंगल प्रवचन का लाभ ही
सभी को प्राप्त हुआ। प्रातः बेला में श्रीजी के अभिषेक पश्चात मुनिश्री के
मुखारविंद से बृहद शांति धारा संपन्न हुई। तत्पश्चात देव शास्त्र गुरु पूजन
तथा भगवान नमीनाथ की पूजन करते हुए निर्वाण लाडू चढ़ाया गया। उसके बाद
भक्ति भाव के साथ आचार्य श्री समय सागर जी की पूजा करके आचार्य पदारोहण
दिवस मनाया गया।
इस अवसर पर मुनि श्री पदम सागर जी
महाराज ने आचार्य श्री विद्यासागर जी एवं समय सागर जी से जुड़े अनेक
संस्मरण सुनाते हुए कहा कि दोनों का जन्म एक ही दिन हुआ दोनों के भाई-बहन
माता-पिता एक थे दोनों एक दूसरे की प्रतिकृति समान थे। मुनि श्री ने धर्म
के मर्म को समझाते अनेक उदाहरण दिए। इस अवसर पर
ब्रह्मचारी स्वतंत्र भैया मोनू भैया, मंदिर कमेटी के अध्यक्ष नवीन निराला
महामंत्री राजकुमार रानू, कोषाध्यक्ष शैलेंद्र बजाज सहित अन्य पदाधिकारी
मंदिर के आसामियों की उपस्थिति रही।
मुनि श्री के सानिध्य में 19 अप्रैल को
श्री भक्तांबर महामंडल विधान का आयोजन जैन मिलन के द्वारा किया जा रहा है।
जिसका संयोजक संजय सराफ एवं सहसंयोजक शैलेंद्र मयूर को बनाया गया है।
मुनि श्री पदम सागर का दीक्षा दिवस 22 एवं 23 अप्रैल को मनाया जाएगा.. श्री
दिगंबर जैन नन्हे मंदिर जी में विराजमान मुनि श्री पदम सागर जी महाराज का
मुनि दीक्षा दिवस 22 एवं 23 अप्रैल को समारोह पूर्वक मनाया जाएगा। इस अवसर
पर प्रातः बेला में श्री जी के अभिषेक पूजन शांति धारा उपरांत आचार्य श्री
पूजन संपन्न होगी। तत्पश्चात मुनि संघ के सानिध्य में सकल जैन समाज द्वारा
विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जिसको लेकर मंदिर की में
अभी से तैयारी शुरू हो गई है।
कुण्डलपुर में आचार्य विद्यासागर निलय का शिलान्यास 19 को.. दमोह।
सुप्रसिद्ध सिद्धक्षेत्र जैनतीर्थ कुण्डलपुर की पावन धरा पर विश्व वंदनीय,
युगश्रेष्ठ, संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज एवं विद्या
शिरोमणि आचार्य श्री समयसागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से कटनी वाली
पुरानी धर्मशाला की जगह पर नवीन उदासीन आश्रम, साध्विका आश्रम एवं
आहारचर्या हेतु धर्मशाला का निर्माण किया जाना है। जिस हेतु अक्षय तृतीया
पर्व 19 अप्रैल को भूमिपूजन एवं शिलान्यास
कार्यक्रम बा.ब्र. प्रतिष्ठाचार्य वाणीभूषण विनयभैया जी बंडा के मंगल
सानिध्य में मानस्तंभ परिसर में प्रातः 08: बजे आयोजित किया गया है। नवनिर्मित
होने जा रहे इस भव्य प्रासाद का नामकरण विद्यानिधि आचार्य श्री समयसागर जी
महाराज के आशीर्वाद से आचार्य विद्यासागर निलय" किया गया है।कुण्डलपुर
क्षेत्र कमेटी अध्यक्ष चंद्रकुमार जैन सराफ ने श्रद्धालुओं से कुण्डलपुर
पधारकर इस भव्य आयोजन में सहभागिता हेतु अनुरोध किया है।



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