बोबई को मिली उप. स्वास्थ्य केंद्र की सौगात
दमोह। यह मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराना है और इसके जीर्णोद्धार से इसकी भव्यता और दिव्यता में और वृद्धि हुई है। आने वाले समय में यह स्थल श्रद्धालुओं के लिए और अधिक आकर्षण का केंद्र बनेगा। माईसेम सीमेंट द्वारा सीएसआर मद के अंतर्गत लगभग 15 लाख रुपए की लागत से एक सामुदायिक भवन का निर्माण कराया है इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायत द्वारा भी 10 लाख रुपए की लागत से एक अन्य सामुदायिक भवन तैयार किया गया है इस आशय के विचार प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के राज्यमंत्री लखन पटेल ने ग्राम बोबई में 65 लाख की लागत से निर्मित उप. स्वास्थ्य केंद्र एवं अन्य विकास एवं निर्माण कार्यो के लोकार्पण एवं भूमीपूजन के दौरान आयोजित गरिमामय समारोह में व्यक्त किये।
राज्यमंत्री श्री पटेल ने कहा क्षेत्र में आवश्यक कार्यों के लिए 2 लाख से 20 लाख रुपये तक की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि छोटे स्तर से शुरू किए गए विकास कार्य समय के साथ बड़े और आकर्षक स्वरूप ले सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता पर जोर दिया। उदाहरण देते हुए बताया कि एक स्थान पर सालाना लगभग 100 शादियाँ होती हैं जिससे वहाँ बेहतर व्यवस्थाओं की जरूरत स्पष्ट होती है।
सांसद राहुल सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के विकसित भारत और श्विकसित मध्य प्रदेश के संकल्प को ध्यान में रखते हुए ग्राम स्तर तक आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने का कार्य लगातार जारी है। भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम शिवहरे पूर्व जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष राजेन्द्र गुरू ने भी विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष खिलान अहिरवार महेश पटेल खरगराम पटेल संगीता श्रीधर मनीषा दुबे सहित जनप्रतिनिधि गणमान्य नागरिक और ग्रामीणजन मौजूद रहे।
जनसुनवाई में 163 आवेदनों पर हुई सुनवाई.. दमोह। जनसुनवाई में कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने आवेदकों से क्रमवार उनके आवेदन लेकर संबंधित अधिकारियों को तत्परता से निराकरण के निर्देश दिए उन्होंने आवेदकों की बातों को बड़ी गंभीरता से सुना साथ ही इस जनसुनवाई में जिला स्तरीय अधिकारियों से कहा कि वह हर जन सुनवाई में इसी तरह मौजूद रहकर आवेदकों की समस्याओं का यथासंभव स्थल पर निराकरण करें अन्यथा निर्धारित समय सीमा में निराकृत कर अवगत कराये
इस अवसर पर एक दिव्यांगजन ने दमोह आने पर बस का किराया शासन के निर्देशानुसार कराए जाने हेतु आवेदन दिया कलेक्टर श्री यादव ने तत्काल ही संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश देते हुए कहा सभी पात्र दिव्यांग जनों को इस तरह की व्यवस्था का लाभ सुनिश्चित कराया जाए। इसी तरह बटियागढ़ और जबेरा क्षेत्र से आए किसानों का सीमांकन का और बॅटवारा प्रकरण का त्वरित निराकरण हेतु संबंधित तहसीलदारों को दिशा निर्देश देते हुए कार्रवाई कर अवगत कराने के लिए कहा गयास जनसुनवाई में विद्युत बिलों के संबंध में प्राप्त आवेदनों का कार्यपालन यांत्रिक विद्युत मंडल श्री साहू को त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए गए
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कलेक्टर कार्यालय के कक्ष क्रमांक 10 ;व्यारमा में आयोजित जनसुनवाई में जिले के दूरदराज क्षेत्रों से आये हितग्राहियों की समस्याओं को सुना। इस दौरान सामान्य जनसुनवाई में 163 आवेदनों पर सुनवाई करते हुये संबंधित अधिकारियों को समय.सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिये। जनसुनवाई में 09 आधार अपडेशन 120 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। साथ ही जनसुनवाई के दौरान कुछ सामूहिक आवदेन भी दिए गए। इस दौरान एडीएम मीना मसराम एसडीएम रचना प्रजापति लोकसेवा प्रबंधक चक्रेश पटेल सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।
30 अप्रैल तक के लिए तेन्दूपत्ता तोडने के लिए निषिद्ध क्षेत्र घोषित.. दमोह। भारतीय वन अधिनियम 1927 एवं उसके अंतर्गत बनाये गये नियम जैव विविधता संरक्षण एवं पोषणीय कटाई नियम 2005 के नियम 4 के प्रावधानो के अंतर्गत दमोह जिले के पूर्ण क्षेत्र को 30 अप्रैल तक की अवधि के लिए तेन्दूपत्ता तोडने के लिए निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया जाता है। उक्त जानकारी वन मंडल अधिकारी ईश्वर जरांडे द्वारा दी गई है।
अक्षय तृतीया पर लीनेस क्लब का सेवा एवं जन जागरूकता अभियान.. दमोह। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर लीनेस क्लब द्वारा जटा शंकर धाम में सेवा, संस्कार एवं सामाजिक जागरूकता से ओत-प्रोत विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं एवं जरूरतमंदों के बीच ठंडाई, शीतल पेय, सत्तू के पैकेट तथा ताजे फलों का वितरण किया गया। संचालन अंशुल शर्मा के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में संपन्न हुआ। अक्षय तृतीया के अवसर पर पारंपरिक रूप से होने वाली गुड्डा-गुड़िया विवाह की परंपरा को भी सामाजिक संदेश से जोड़ा गया। क्लब सदस्यों ने बताया कि इस परंपरा के माध्यम से स्थानीय गरीब एवं मेहनतकश परिवारों द्वारा बनाए गए पारंपरिक सामानों की खरीदारी कर उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान किए जा सकते हैं। साथ ही समाज को यह संदेश भी दिया गया कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त कर बच्चों को शिक्षा एवं उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर करना हम सभी की जिम्मेदारी है।





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