विधायक श्री मलैया का सान्दीपनि स्कूल निरीक्षण.. दमोह विधायक जयंत कुमार मलैया ने सान्दीपनि स्कूल के विशाल परिसर में चल रहे निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि इस विद्यालय में हजारों छात्र.छात्राएं शिक्षा प्राप्त करेंगे। विधायक श्री मलैया ने कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर से जिले के अन्य विद्यालयों के निर्माण कार्यों की प्रगति पर चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण स्थलों का नियमित निरीक्षण किया जाए और विलंब की संभावित बाधाओं को दूर करने के प्रयास किए जाएं।
विधायक श्री मलैया ने बताया कि कलेक्टर ने स्कूल प्रिंसिपल को निर्देश दिए हैं कि अगला सत्र इसी सान्दीपनि स्कूल में प्रारंभ होगा। ठेकेदार ने आश्वासन दिया है कि उनकी ओर से पूरी तैयारी है। अभी ग्रीनीकरण प्लांटेशन और फर्निशिंग का कार्य शेष है। उन्होने कहा यह हमारे संभाग का सबसे उत्कृष्ट स्कूल होगा।
कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने बताया कि नए शैक्षणिक सत्र से दमोह पथरिया और जबेरा स्कूलों का लोकार्पण जुलाई में करने की योजना है। स्कूल शिक्षा विभाग लोक निर्माण विभाग और ठेकेदारों को आवश्यक दिशा.निर्देश दिए गए हैं। नियमित समीक्षा से कार्य समय पर पूरा होगा। कलेक्टर श्री कोचर ने कहा कि जिले के लिए यह ऐतिहासिक अवसर होगा कि तीन सान्दीपनि विद्यालयों के साथ मेडिकल कॉलेज भी लोकार्पण के लिये तैयार रहेगा। उन्होने कहा सभी संबंधित विभाग जोर.शोर से तैयारियां कर रहे हैं।
नेशनल लोक अदालत को सफल बनाने न्यायाधीशों के साथ बैठक.. दमोह। जिले में वर्ष की द्वितीय नेशनल लोक अदालत आयोजन को सफल बनाने हेतु समस्त न्यायाधीशगण के साथ बैठक का आयोजन एडीआर भवन जिला न्यायालय में प्रधान जिला न्यायाधीश अध्यक्ष सुभाष सोलंकी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्षता में किया गया। जिसमें श्री सोलंकी ने समस्त न्यायाधीशगण से अपने अपने न्यायालयों में लंबित राजीनामा योग्य प्रकरणों को चिन्हित कर उनका निराकरण नेशनल लोक अदालत के माध्यम से करने का प्रयास करने को कहा। जिससे आमजन को त्वरित व सुलभ न्याय प्राप्त हो सके।
बैठक में विशेष न्यायाधीशध्प्रभारी अधिकारी उदय सिंह मरावी नेशनल लोक अदालत सहित मुख्यालय में पदस्थ समस्त न्यायाधीश गण भौतिक रूप से तथा तहसीलों में पदस्थ न्यायाधीशगण वीसी के माध्यम से उपस्थित रहे। जिला विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चौरसिया ने बताया कि नेशनल लोक अदालत में प्रकरण का निराकरण किये जाने पर दोनों पक्षों का विवाद सदैव के लिये समाप्त हो जाता है व लोक अदालत में पारित अवार्ड के विरूद्ध किसी भी न्यायालय में अपील भी नही होती हैए साथ ही सिविल प्रकरणों मे लगाया गया न्याय शुल्क वापस मिलता है। आपने सभी पक्षकारों से नेशनल लोक अदालत में अपने प्रकरणों के निराकरण करने की अपील की है।





0 Comments