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पुरानी हाउसिंग बोर्ड के रहवासी धूल खाने मजबूर.. रेडक्रॉस दिवस पर जीवन रक्षा के गुर सिखाए.. जल गंगा संवर्धन अभियान तहत कार्यक्रम.. राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर तीन दिवसीय संगोष्ठी. शनि जयंती पर श्री शिव शनि हनुमान मंदिर में होंगे विविध आयोजन..

पुरानी हाउसिंग बोर्ड के रहवासी धूल खाने मजबूर

 दमोह। नगर पालिका प्रशासन और जिला प्रशासन की नाकामी के कारण पुरानी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी सहित विवेकानंद कॉलोनी, प्रोफेसर कॉलोनी, शिक्षक कॉलोनी, नेमीनगर कॉलोनी वासी धूल खाने मजबूर हैं। दमोह जबलपुर मुख्यमार्ग के पीडब्लूडी ऑफिस के सामने से सेल टैक्स ऑफिस, गैस गोदाम, एलआईसी, एसपीएम नगर, टाइम्स कॉलेज, उप संचालक पशु चिकित्सालय, लोधी भवन और परशुराम भवन को जाने वाले मार्ग से प्रतिदिन हजारों लोग आवाजाही करते है परंतु शहर के मध्य में स्थित इस क्षेत्र के लोग बीसवीं सदी का जीवन बसर कर रहे हैं, यहां से गुजरने वालों लोगो को दिग्विजय सिंह के कार्यकाल की याद आ जाती हैं परंतु इस क्षेत्र से गुजरने वाले जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, पार्षदों को कुछ भी नहीं दिखता है।
सिविल वार्ड नंबर 5,6 और 7 के अंतर्गत यह मार्ग कांग्रेस शासित नगर पालिका के सबसे बड़े वार्ड सिविल 6 सुभाष कॉलोनी को जोड़ता है और विडम्बना कहिए कि इन तीनों वार्ड से कांग्रेस के पार्षद जीते हैं पर तीनों पार्षदों की आपसी खींचतान के चलते नहीं बन पा रहा है। बरसात के समय इस मार्ग में बड़े बड़े गड्ढे की वजह से प्रतिदिन कई लोग गिरते और उछल कूद करते हुए गुजरते थे, जो इस मार्ग से सही सलामत निकल जाता हैं वो अपने आप को खुशकिस्मत महसूस करता है पर जो इस क्षेत्र में रह रहे हैं वो धूल और वाहनों में लगने वाले ब्रेक की आवाज से परेशान हो रहे हैं। इस मार्ग के निर्माण के लिए कई बार समाजसेवियों ने कलेक्टर को अवगत कराया है और कई बार समाचार पत्रों में प्रकाशित हुआ,पर पिछले एक डेढ़ साल में इस क्षेत्र में रहने वालों को सिर्फ धूल की खाना नसीब हुई है. ऐसा लगता है कि नगर पालिका के समक्ष स्थानीय सांसद और विधायक बौने साबित हो रहे है यही वजह है कि डेढ़ किलोमीटर का सड़क मार्ग नहीं बनवा पा रहे।
रेडक्रॉस दिवस पर जीवन रक्षा के गुर सिखाए..  दमोह। विश्व रेडक्रॉस दिवसर पर स्थानीय महाराज भवन में जीवन रक्षा के गुर सिखाए गए। डॉ. केदारनाथ शर्मा वृद्धजन आयुष अस्पताल ने उपस्थित जनों को संकट की स्थिति में जीवन बचाने के महत्वपूर्ण तरीके बताए। डॉ. शर्मा ने वीडियो प्रदर्शन और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के माध्यम से प्राथमिक उपचार और सी.पी.आर.की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना या किसी भी आपातकालीन स्थिति में घायलों को तुरंत सही उपचार मिलना कितना आवश्यक है।
इस अवसर पर श्री शैलेंद्र राय, योगाचार्य श्री कृष्ण कुमार परोहा सहित कई गणमान्य नागरिक और पुलिस बल के सदस्य उपस्थित रहे। डॉ. शर्मा ने समाज में मानवता ही धर्म है के संदेश को आत्मसात करने और घायलों की मदद के लिए संवेदनशील बनने का आह्वान किया।
जल गंगा संवर्धन अभियान तहत कार्यक्रम आयोजित..
दमोह। माननीय मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेशभर में संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जन अभियान परिषद की नवान्कुर संस्था उन्मुक्त सर्वजन कल्याण समाजसेवी संस्था द्वारा ग्राम पंचायत हरदुआ मुड़र के ग्राम शीशपुर पट्टी स्थित तालाब में ग्राम वासियों के सहयोग से स्वच्छता अभियान चलाया गया।  तालाब परिसर की साफ-सफाई कर जल स्रोतों के संरक्षण एवं स्वच्छता बनाए रखने का संदेश दिया गया।  परिषद के जिला समन्वय सुशील नामदेव ने बताया कि ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व एवं जल स्रोतों की नियमित देखरेख के प्रति जागरूक किया गया, जिसमें अभियान अंतर्गत दिनांक 25 मई 2026 को गंगा दशहरा के अवसर पर आयोजित होने वाली कलश यात्रा के संबंध में ग्रामवासियों के साथ चौपाल का आयोजन भी किया गया।
चौपाल में कार्यक्रम की रूपरेखा, सहभागिता एवं जल संरक्षण के प्रति जनसहभागिता बढ़ाने पर चर्चा की गई। उन्मुक्त संस्था से राहुल पाठक ने बताया कि ग्रामीणों ने अभियान को सफल बनाने हेतु सक्रिय सहयोग का आश्वासन दिया। इस कार्यक्रम में उपसरपंच भगवान दास यादव, संतोष यादव, नन्हे भई यादव, सालक राम यादव, खुमान यादव, गणेश यादव, गुड्डू यादव, खिलान यादव, दशरथ यादव, कन्नू यादव, हल्के यादव, सुनील यादव, काशीराम यादव, हजू यादव, रामदास यादव, लक्ष्मण यादव, मुन्ना रैकवार, प्रशांत यादव, कृष्ण कुमार शर्मा आदि की उपस्थिति रही।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर तीन दिवसीय संगोष्ठी संपन्न दमोह। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 शैक्षिक हितधारकों के बीच समझ एवं ज्ञान प्रबंधन को सुदृढ़ किए जाने विषय पर तीन दिवसीय संगोष्ठी  में विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।कार्यक्रम में जिले के जन शिक्षक, विकासखंड स्रोत समन्वयक, विभिन्न शासकीय विद्यालयों के प्राचार्य तथा शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की सहायक प्राध्यापक शिवा जैन ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के ऐतिहासिक, वैचारिक और व्यवहारिक पक्षों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह भारत की तीसरी व्यापक शिक्षा नीति है। इससे पूर्व वर्ष 1968 तथा वर्ष 1986 में शिक्षा नीतियां लागू की गई थीं। लगभग 34 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद लागू हुई यह नीति 21वीं सदी के भारत की पहली शिक्षा नीति है। उन्होंने कहा कि यह नीति ऐसे समय में लागू हुई जब पूरा विश्व वैश्विक महामारी जैसी गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहा था। प्रारंभिक दौर में इस नीति की आलोचना भी हुई, किंतु यह समय की आवश्यकता थी। उनके अनुसार यह नीति देर से आई, लेकिन शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाली सिद्ध होगी।

शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. अनिल जैन ने नई शिक्षा नीति के व्यवहारिक पक्षों पर अपने विचार रखते हुए कहा कि इस नीति में केवल समस्याओं का उल्लेख नहीं है, बल्कि उनके समाधान का मार्ग भी प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि नीति का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना तथा विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है। उन्होंने प्राथमिक स्तर पर बच्चों की मजबूत आधारशिला तैयार करने, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा कौशल उन्नयन पर विशेष बल दिया।  जिला परियोजना समन्वयक मुकेश द्विवेदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, विद्यालय स्तर पर नवाचारों तथा शिक्षकों की सक्रिय भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को अधिक व्यवहारिक, ज्ञान आधारित और विद्यार्थीकेंद्रित बनाने के लिए सभी शैक्षिक हितधारकों को समन्वित प्रयास करने होंगे। इस अवसर पर सहायक परियोजना समन्वयक जिनेंद्र जैन तथा किरण उपाध्याय ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों को विद्यालय स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचाने और शिक्षकों की सहभागिता बढ़ाने पर बल दिया।

शनि जयंती पर श्री शिव शनि हनुमान मंदिर में होंगे विविध आयोजन.. दमोह ज्येष्ठ माह की 16 मई को शनि जन्मोत्सव का आयोजन बड़े ही भक्ति भाव से मनाने के लिए एसपीएम नगर स्थित श्री शिव शनि हनुमान मंदिर में एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें शनि जयंती को बड़े ही धूमधाम से मनाए जाने हेतु निर्णय लिया गया। इस दिन बट सावित्री व्रत के भी होने के कारण भक्तों व श्रद्धालुओं के लिए यह दिन शुभ फलदायक होता है।बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सुबह से पूजन प्रारंभ हो जाएगा दोपहर 3:00 बजे से श्री शिव जी शनिदेव हनुमान जी का अभिषेक किया जाएगा। तत्पश्चात हवन पूजन भी संपन्न कराया जाएगा। इसके उपरांत शाम 6:00 बजे से विशेष रूप से नगर भंडारे का आयोजन किया गया है। इस बार सबसे महत्वपूर्ण बातें हैं कि शनि जयंती शनिवार के दिन पड़ रही है जिसका यहां से इसका विशेष महत्व माना गया है।

शनि देव पूजा विधि - एसपीएम नगर स्थित श्री शिव शनि हनुमान मंदिर के पुजारी पं बालकृष्ण शास्त्री एवं आचार्य पं आशुतोष गौतम शास्त्री के अनुसार शास्त्रों में शनि जन्मोत्सव पर शनिदेव की पूजा अर्चना करने का विशेष महत्व है। इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नानादि से निवृत्त हो जाएं। इसके बाद शनि देव की मूर्ति पर तेल, माला और प्रसाद आदि अर्पित करें। शनि देव के चरणों में काली उड़द और तिल चढ़ाये। इसके बाद तेल का दीपक जला का शनि चालीसा का पाठ करें। इस दिन व्रत करने वालों पर शनि देव की विशेष कृपा होती है। शनि जन्मोत्सव के दिन किसी गरीब निर्धन को दान करना चाहिए, कहते हैं कि ऐसा करने से जीवन के सभी संकटों से मुक्ति मिलती है। शास्त्रों के अनुसार शनि देव जातक को उसके कर्मों के हिसाब से फल देते हैं। बैठक में प्रमुख रूप से सुनील गौतम, बालकृष्ण शास्त्री, प्रवीण पंड्या, जेपी भट्ट,बी एल साहू, मिक्की चंदेल, पंकज खत्री,आर के भार्गव, राजकुमार राजपूत,श्री गर्ग जी, सुनील पटेरिया, दिलीप उपाध्याय,सुरेंद्र पटेल ,श्री त्रिवेदी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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