जयंती गौरव सम्मान समारोह भव्यता से संपन्न
दमोह। आजाद स्मृति मंच के तत्वाधान में पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम भवन में अजेय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद जी की 120 वीं जयंती भव्यता के साथ मनाई गई। मुख्य अतिथि मंत्री धर्मेंद्र भावसिंह लोधी के प्रतिनिधि श्री सत्येंद्र, सह मुख्य अतिथि गौरव पटेल जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि, विशिष्ट अतिथि मनीष पुष्पराज शर्मा हटा वंशज क्रांतिकारी पं अर्जुन भारद्वाज राव साहब, अति विशिष्ट अतिथि मनीष तंतुवाय जिला पंचायत रहे। अध्यक्षता सुधीर विद्यार्थी संयोजक युवक क्रांति संगठन, अति विशिष्ट अतिथि सहयोगी संस्था शब्दाक्षर मध्यप्रद के प्रदेश अध्यक्ष कवि डॉ श्री राजीव खरे के सानिध्य में आयोजन समिति अध्यक्ष डॉ बबीता कृष्ण कुमार चैबे शक्ति सहित मुख्य संरक्षक दिनेश प्यासी,युवा अतिथि कमलेश खरे ष्सिने अभिनेता मुंबईष् मंचासीन रहे।कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती अर्चन के साथ पुरोहित पं प्रशांत शुक्ल,सरस्वती वंदना विमला तिवारी द्वारा सम्पन्न कराई गई। मुख्य वक्ता साहित्यकार पं नरेंद्र दुबे ने वर्तमान समय में आजाद की प्रासंगिकता विषय पर प्रेरक उद्बोधन प्रदान किया। समिति की ओर से इस वर्ष यूथ आइकॉन अवॉर्ड से समाजसेवी अभितेंद्र रामसहाय राय को अलंकृत किया गया। व्यक्तित्व सम्मान अलंकरण से सुप्रसिद्ध नेत्र चिकित्सक डॉ मयंक प्यासी, आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र में डॉ सत्यम पटेल, गौसेवा के क्षेत्र में वैष्णवी गौ सेवा समिति के दीपक नेमा एवं समिति सदस्यों, निर्धन कन्याओं के निःशुल्क विवाह सेवा क्षेत्र में रवि ठाकुर एवं समिति कुम्हारी, प्रसूति महिलाओं में जागरूकता हेतु एक पहल मानवता की ओर थ्री सिस्टर्स, पर्यावरण संरक्षण हेतु कदम संस्था प्रमुख दीपक सेन,युवा हेल्प क्लब अध्यक्ष उमर खैयाम, बालकवि अनुज कुशवाहा हटा, बालकवि अक्षत चैबे को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया।स्वागत उद्बोधन आयोजन समिति अध्यक्ष बबीता कृष्ण कुमार चैबे शक्ति ने एवं आयोजन की प्रस्तावना संबोधन दिनेश प्यासी ने व्यक्त किए।इस अवसर पर अनेकों सामाजिक कार्यकर्ताओं चिकित्सकों समाजसेवियों गणमान्य नागरिकों,विद्यार्थियों सहित प्रतिभागियों के साथ विद्यालय प्रबंधन परिवार स्वामी विवेकानंद मिशन विद्यालय दमोह,सद्भावना प्राथमिक माध्यमिक विद्यालय दमोह,शासकीय संदीपनी मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दमोह, शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दमोह,चैंपियन एनपीएस स्कूल जबलपुर नाका मारुताल,सहित अनेकों विद्यालयों के प्रतिभागियों की उपस्थिति में भव्यता के साथ सम्मान समारोह संपन्न हुआ।संचालन कार्यक्रम संयोजक आशीष तंतुवाय कबीर ने किया, आभार समिति के सचिव अक्षय दीक्षित ने व्यक्त किया। समिति सदस्यों प्रकाश गुड्डा पटेल,शशिकांत शशि,वीरेंद्र चक्रवर्ती,दीपक तिवारी,रवि प्रियदर्शन जैन,प्रदीप शर्मा ने विभिन्न मंचीय गतिविधियों में सहयोग प्रदान किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्र छात्राओं,गणमान्य नागरिकों, अभिभावकों सहित सैकड़ों जनों की गरिमामई उपस्थिति रही।जनशिक्षकों को AI और माइक्रोसॉफ्ट 365 को-पायलट प्रशिक्षण.. दमोह।
शिक्षा व्यवस्था में आधुनिक तकनीक का समावेश करने और शिक्षण प्रक्रिया को
अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आयोजित पंचदिवसीय क्षमता वर्धन
प्रशिक्षण के चौथे दिन पिरामल फाउंडेशन द्वारा एक विशेष तकनीकी सत्र का
आयोजन जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान हटा में किया गया। इस सत्र का
मुख्य केंद्र 'कृत्रिम बुद्धिमत्ता' (Artificial Intelligence - AI) और
शिक्षा क्षेत्र में इसके व्यावहारिक अनुप्रयोग रहे। प्रशिक्षण
कार्यक्रम के दौरान पिरामल फाउंडेशन की एआई एम्बेसडर शिवानी गौतम ने
उपस्थित 87 जनशिक्षकों को संबोधित करते हुए एआई तकनीक की महत्ता और शिक्षा
के बदलते स्वरूप में इसकी उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने
बताया कि किस प्रकार आधुनिक दौर में तकनीक का सही उपयोग शिक्षकों के कार्य
को आसान और अधिक प्रभावी बना सकता है।
माइक्रोसॉफ्ट 365 को-पायलट का व्यावहारिक अभ्यास.. सत्र
के दौरान सभी 87 जनशिक्षकों को 'माइक्रोसॉफ्ट 365 को-पायलट' (Microsoft
365 Copilot) पर सफलतापूर्वक लॉगिन कराया गया। इसके बाद उन्हें एआई टूल के
माध्यम से दैनिक प्रशासनिक कार्यों, शैक्षणिक गतिविधियों, रचनात्मक पाठ
योजना (Lesson Planning) के निर्माण और आधिकारिक रिपोर्ट तैयार करने का
व्यावहारिक (Practical) अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षण
में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि एआई तकनीक के उपयोग से न केवल
शिक्षकों के बहुमूल्य समय की बचत होगी, बल्कि वे कक्षाओं में नवाचार
(Innovation) आधारित और इंटरैक्टिव शिक्षण पद्धतियों को आसानी से लागू कर
सकेंगे।
21वीं सदी के कौशलों और एआई साक्षरता पर जोर.. शिवानी
गौतम ने 21वीं सदी के अनिवार्य कौशलों (21st Century Skills) पर चर्चा
करते हुए कहा कि आने वाले समय में डिजिटल दक्षता और एआई साक्षरता हमारी
शिक्षा प्रणाली का एक अभिन्न और अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा बनने वाली हैं।
उन्होंने जनशिक्षकों को इस बात के लिए प्रेरित किया कि वे यहाँ प्राप्त
प्रशिक्षण के आधार पर अपने-अपने संकुल और विद्यालयों में जाकर अन्य
शिक्षकों को भी माइक्रोसॉफ्ट 365 को-पायलट और एआई उपकरणों के उपयोग के
संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण प्रदान करें। इस प्रशिक्षण पहल
से जनशिक्षकों और शिक्षकों की तकनीकी क्षमताओं में वृद्धि होगी, जिससे
दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यालयों में भी गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा का
प्रसार संभव हो सकेगा
जबेरा उत्कृष्ट विद्यालय की जर्जर इमारत बनी खतरा.. दमोह।
जबेरा नगर के शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय की लगभग 40 वर्ष पुरानी भवन अब
पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। भवन की दीवारों में गहरी दरारें पड़ गई हैं, कई
स्थानों पर प्लास्टर उखड़ चुका है और छत भी कमजोर हो गई है। बरसात के मौसम
में भवन की स्थिति और अधिक खराब हो रही है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा
होने की आशंका बनी हुई है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इसी भवन में
प्रतिदिन लगभग 700 छात्र-छात्राएं अध्ययन करने पहुंचते हैं। जानकारी
के अनुसार, लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा विद्यालय भवन का तकनीकी
परीक्षण भी किया जा चुका है। जांच के दौरान भवन को असुरक्षित बताया गया है।
इसके बावजूद छात्र-छात्राओं की कक्षाएं इसी जर्जर भवन में संचालित हो रही
हैं, जिससे विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों में लगातार भय का माहौल
बना हुआ है।
विद्यालय की
बदहाल स्थिति को लेकर अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों में गहरा आक्रोश है।
उनका कहना है कि हर वर्ष बारिश के दौरान भवन की हालत और खराब होती जा रही
है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा सका है। उनका कहना
है कि किसी अनहोनी का इंतजार करने के बजाय प्रशासन को समय रहते प्रभावी
कार्रवाई करनी चाहिए। मोंटू बाजपेई ने कहा, "यह विद्यालय क्षेत्र के सैकड़ों बच्चों
का भविष्य संवार रहा है, लेकिन आज यही भवन उनके लिए खतरा बन गया है।
पीडब्ल्यूडी की जांच में भवन असुरक्षित पाया गया है, फिर भी बच्चों से इसी
में पढ़ाई कराई जा रही है। शासन-प्रशासन को तत्काल नए भवन का निर्माण या
वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
समय और शब्द का उपयोग लापरवाही से नहीं करना चाहिए-मुनि श्री.. दमोह। देव श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन भाईजी मंदिर में चल रहे
श्री सिद्ध चक्र महामंडल विधान में आचार्य सुनील सागर जी महाराज के परम
प्रभावक शिष्य मुनि श्री श्रुतेश सागर जी ने अपने मंगल प्रवचनों में कहा
समय आत्मा है समय से चलना ही आत्मा के पास पहुंचना है, अतः प्रत्येक कार्य
को समय पर संपन्न करना चाहिए। वर्तमान बीत जाने पर भूतकाल हो जाता है और
वर्तमान ही भविष्य का निर्धारण करता है। समय और शब्द का उपयोग लापरवाही से
नहीं करना चाहिए। दोनों कभी वापस नहीं आते शब्दों का सदुपयोग करें, तभी समय
का उपयोग होगा मुनिश्री ने कहा, कन्या जब कन्या होती है तब तक कि उसका
संबंध नहीं होता है जैसे ही उसका कर अर्थात हाथ किसी दूसरे के हाथ में
पकड़ा दिया जाता है तो वह कन्या नहीं रहती किसी की मां किसी की पत्नी हो
जाती है.. अर्थात संसार बढ़ाने को संबंध बनाना कहते हैं, भगवान ने पहले संबंध बनाए फिर संबंधों से अलग हुए तभी मोक्ष मार्ग को पकड़कर भगवान बने..
जहां
संबंध है वहां बंध है अर्थात कर्मों का बंधन है शब्द अपने को मिले हैं समय
मिला है अतः अच्छा बोलें अच्छा सुने इससे ही मनुष्य जन्म सार्थक है, अतः
गुरु उपदेश से हमारा कल्याण हो सकता है, बंधन से मुक्त होने का गुरु के पास
ही उपाय प्राप्त होता है। भक्ति का समय मिला है परंतु निज को जानने का समय
नहीं मिला '"जहां देह अपनी नहीं वहां न अपना कोय "अर्थात जब यह शरीर ही
अपना नहीं रहता तो फिर संबंध कहां तक रहेंगे जिस दिन अपने को जान लोगे उस
दिन समय अर्थात आत्मा को जान लोगे मैं चेतन आत्मा हूं अर्थात आत्मा का कभी
निधन नहीं होता इसके पूर्व आज 64 रिद्धि विधान के अंतर्गत 64 शांतिधारा
संपन्न हुई जिसमें श्रावक गणों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया मुनिराज के पाद
प्रछालन का सौभाग्य वसुंधरा नगर के श्री एनके जैन, महेंद्र करुणा सुनील
वेजिटेरियन परिवार, महेश दिगंबर परिवार, ललित जटाशंकर ने किया एवं मुनिश्री
को शास्त्र भेंट किए







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