निर्यापक श्रमण श्री समतासागर जी की अगवानी
दमोह। सुप्रसिद्ध क्षेत्र बड़े बाबा की नगरी कुंडलपुर में आचार्य श्री विद्यासागर जी के परम प्रभावक शिष्य एवं अध्यात्म विद्या शिरोमणि आचार्य श्री समय सागर जी के अज्ञानुवर्ति निर्यापक श्रमण मुनि श्री समता सागर जी ससंघ की भव्य मंगल अगवानी संपन्न हुई। पूज्य मुनि संघ ने पहाड़ी पर स्थित विशाल जिनालय पहुंचकर पूज्य बड़े बाबा के दर्शन किये तथा भक्तों को आशीर्वाद प्रदान किया।
आज की आगवानी अवसर पर
कुण्डलपुर में पूर्व से विराजित ऐलक श्री चैत्यसागर जी संघ एवं आर्यिकारत्न
श्री सौम्य नंदिनी माताजी, सुयोग्यनंदिनी माताजी ने पूज्य निर्यापक मुनि
संघ की मंगल अगवानी की। कुंडलपुर प्रवेश अवसर पर जगह जगह रंगोली सजाकर मंगल
कलश लिए हुए महिला मंडल ने अपनी सहभागिता दर्ज की। जगह-जगह पूज्य मुनिश्री
के पाद प्रक्षालन, मंगल आरती की गई। रंगोली, तोरण द्वार ध्वज पताका,
धार्मिक पोस्टरों पूरा क्षेत्र सुशोभित बड़े बाबा छोटे बाबा के जय जयकारों
से पूरा क्षेत्र गूंजायमान होता रहा। मुड़िया बैंड की मधुर धुनें, महारानी
लक्ष्मी बाई की वेशभूषा में सुसज्जित 8 अश्वारोही वीरांगनाएँ, 14 बग्गियों
पर सुशोभित धर्मध्वज एवं जैन संस्कृति की झलक बिखेरती प्रतीकात्मक
झांकियाँ विशेष आकर्षण का केंद्र रही। परसोरिया,देवरी अखाड़ा, बरेदी दल,
ढिमरयाई, रमतूला दल, ग्वाल टीम पटेरा, दल-दल अश्व, गोरझामर दिव्य घोष,
शांतिधाम बीनाबारा के सैकड़ो गुरु भक्त विभिन्न आकर्षक प्रस्तुति दी। इस
अवसर पर कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी की पदाधिकारी के साथ बड़ी संख्या में दमोह
नगर सहित आसपास के क्षेत्र से आए गुरु भक्तों की मौजूदगी रही।
इसके पूर्व प्रातः भक्तामर विधान, पूज्य बड़े बाबा का अभिषेक, शांतिधारा, रिद्धि कलश, पूजन, विधान हुआ। प्रथम अभिषेक शांतिधारा, रिद्धि कलश आदि करने का सौभाग्य अंकुर आशु सुबोध जैन बड़ौत हरिश्चंद्र दिवाकर अतिशय जैन ग्वालियर,सुमित अंकित जैन बहराइच, पदम्चंद्र राकेश जैन केकड़ी, देवेंद्र रविंद्र जैन बाराबंकी, जयकुमार मयंक सोगानी भीलवाड़ा, विद्याराम सनी जैन आगरा, सिंघवी तरवर लाल बांसवाड़ा ,नरेंद्र जैन आगरा, अभिषेक जैन दमोह, दीर्घ पीयूष जैन खंडवा आदि सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तों ने पूज्य बड़े बाबा का अभिषेक का सौभाग्य प्राप्त किया।
भगवान की भक्ति संसार से पार कराने वाली होती है- मुनिश्री सुश्रुत सागर.. दमोह,
श्री देव शान्तिनाथ दिगंबर जैन मंदिर सिविल वार्ड दमोह में चल रहे श्री
सिद्ध चक्र महामंडल विधान के छठवें दिन आचार्य श्री सुनील सागर जी महाराज
के परम प्रभावक शिष्य मुनिश्री सुश्रुत सागर महराज जी ने अपने मंगल प्रवचन
में कहा कि पूर्व आचार्य पूज्यपाद स्वामी ने कहा है, अरहंत भगवान की भक्ति
जीव को संसार से पाक कराने वाली होती है वह चाहे वह आदिवासी करे चंडाल करे
जैन अजैन करें कोई लेवल नहीं लगा है वह अरहंत के साथ समीप पहुंचे जब तक
निरात्मा के गुणों के प्रति समर्पित नहीं होगा वह परम पद को प्राप्त नहीं
कर पाएगा।भगवान वही बनता है जो भावों में भगवान बनता है अर्थात वैराग्य के
पथ पर आगे बढ़कर ही स्व -पर कल्याण कर सकता है। माताओं को अपनी पीठ
थपथपाना चाहिए क्योंकि आपके ही गर्भ से भगवान के साथ-साथ चक्रवर्ती मुनि ,
श्रावक श्राविका पैदा होकर जीव मात्र का कल्याण करते है। भक्त का कोई लेवल
नहीं होता है क्रिया में अटकने की आवश्यकता नहीं है। भावों को संभालने की
जरूरत है, क्योंकि भाव ही इस भाव से पार करता है, परिणामों की शुद्धि से
भाव शुद्ध हो जाते हैं अतः सरलता लाने का प्रयास करें।विवेक के साथ साथ
सहजता लाना चाहिए। अविवेक नहीं करना है, कोई गलती हो गई है, तो उसे सुधारने
का प्रयास करना चाहिए ताकि पुनः गलती ना हो. इसके पूर्व आज विजयनगर
सेआसामीजनों ने द्रव्य समर्पित करने का सौभाग्य प्राप्त किया, अध्यक्ष मुकेश जैन के साथ साथ शीलचंद जैन नोहटा, पवन जैन अधिष्ठाता एकलव्य कॉलेज
एवं एवं जैन मिलन से राकेश हरदुआ महामंत्री विजय जैन, डायमंड एवं अजय होजरी
कोषाध्यक्ष ने पाद प्रछालन कर शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य प्राप्त किया
आज शान्तिधारा करने का सौभाग्य श्रीमती सुनीता ऋषभ जैन प्रतीक्षा शुभम जैन
चोपरा वालों ने एवं ममता नरेन्द्र जैन टोपी वालों ने प्राप्त किया।
जैन युवा महासंघ को मिला श्री नंदीश्वर दीप पूजन विधान में अभिषेक शांति धारा का सौभाग्य.. दमोह।
जो मन से पूजा करते हैं, पूजा उनका फल देती है जैसी पावन भावना के साथ
दिगंबर जैन युवा महा संघ के द्वारा साप्ताहिक जिनालय परिक्रमा क्रम में इस
रविवार को जिनालय चौधरी मंदिर परिसर में आयोजित श्री नंदीश्वर जी विधान में
सम्मिलित होकर धर्मानजन किया। श्री चंद्रप्रभु
जिनालय चौधरी मंदिर धर्मशाला में चल रहे श्री नंदीश्वर दीप महामंडल विधान
अवसर पर रविवार को दिगंबर जैन युवा महासंघ द्वारा विधान में भक्ति भावयुक्त
श्री जी का अभिषेक,शांति धारा एवं पूजन किया।
शांतिधारा का सौभाग्य जैन
युवा महासंघ के साथ दीपक बमोरया एवं राजेंद्र अटल परिवार ने प्राप्त किया।
शांति धारा का वाचन आर्यिका चिंतन माताजी के मुखारबिंदु से हुआ। मंदिर
समिति की और से विधानाचार्य मयंक जैन ने सभी को पूजन अभिषेक प्रक्रिया में
समुचित व्यवस्था प्रदान कर समोशरण में बैठने की पात्रता दी एवं सभी का तिलक
लगाकर सम्मान किया। युवा संघ की तरफ से मनीष आउटलुक ने सभी का आभार माना।
विधान
अवसर पर आज तीर्थंकर बालक का जन्म कल्याणक बेहद उत्साह एवं भक्ति भाव के
साथ मनाया गया। इस दौरान सौधर्म इंद्र तथा शचि इंद्राणी के तीर्थंकर बालक
को गोद मे लेने के प्रसंग व जीवंत संवाद के भावुक पल यादगार बनते नजर आए। विधान
अवसर पर रविवार को आचार्य सुनील सागर जी के शिष्य मुनिश्री स्रुतेशसागर जी
एवं आचार्य श्री विद्यासागर जी समय सागर जी की शिष्या आर्यिका रत्न
चिंतनमती माताजी के सानिध्य में भक्ति मय उल्लास के साथ नंदीश्वर दीप पूजन
विधान संपन्न हुआ।
इस अवसर पर मुनि श्री तथा आर्यिका श्री की अमृत मयी वाणी
के साथ दिव्य देशना लाभ भी सभी को प्राप्त हुआ। उल्लेखनीय है कि मुनि संघ
का इस वर्ष का वर्षा योग चातुर्मास सिविल वार्ड भाई जी मंदिर में होने जा
रहा है जिसका कलश स्थापना समारोह 1 अगस्त को आयोजित किया गया है वही
आर्यिका संघ का वर्षा योग कलश स्थापना समारोह 4 अगस्त को जैन धर्मशाला
नन्हे मंदिर परिसर असाटी वार्ड में आयोजित किया गया है।






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