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कुण्डलपुर में निर्यापक श्रमण श्री समता सागर जी चातुर्मास कलश स्थापना.. बरसते पानी में निकली असाटी समाज की विशाल कावड़ यात्रा.. जयकारो के साथ मासिक महाआरती का आयोजन.. टीम उम्मीद का 56वाँ स्वच्छता अभियान..

कुण्डलपुर में चातुर्मास कलश स्थापना

दमोह । सिद्धक्षेत्र कुण्डलपुर मे   निर्यापक श्रमण मुनि श्री समता सागर जी , मुनि श्री पवित्र सागर जी  ससंघ के चातुर्मास कलश की स्थापना समारोह श्रद्धा,भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ सम्पन्न हुई। इस अवसर पर देश प्रदेश से हजारों की संख्या में जैन श्रावकों की मौजूदगी रही । 
 प्रातः काल बड़े बाबा आदिनाथ  के दरबार में भव्य अभिषेक, शांतिधारा एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न हुए। दोपहर में चातुर्मास कलश स्थापना समारोह में मंगलाचरण की मनमोहक  प्रस्तुतियां, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बांधां।देशभर से आए श्रद्धालुओं ने, 25 सेअधिक महिला मंडलों ने उत्साहपूर्वक आचार्य श्री विद्यासागर जी, आचार्य समय सागर जी महाराज की पूजन में सहभागिता कर अर्घ समर्पित कर धर्म लाभ प्राप्त किया। प्रतिष्ठा चार्य विनय भैया बंड़ा के संचालन मे श्रद्धा ,भक्ति का अर्घ अर्पित करते हुए अपनी भावना अनुरूप बिना बोली लगाये कलश स्थापित किए गए ।
चातुर्मास कलश का सौभाग्य प्रमुख कलश श्रेष्ठी सर्व श्री सीए. कवीश जैन दिल्ली , बड़े बाबा कलश प्रशांत जी मुंबई, ज्ञानकलश चंद्रकुमार जैन सराफ अध्यक्ष कुण्डलपुर क्षेत्र कमेटी, गुरुवर छोटे बाबा कलश उत्तमचंद जी कोयला परिवार कटनी, श्रीधर स्वामी कलश उत्तमचंद जी बेगमगंज चौ. मनोज जैन मीनू,  सिद्धि कलश आरके जैन महामंत्री अन्य कलश अशोक सराफ प्रमोद सराफ पटेरा, पदमचंद खली वाले, अजय जैन निरमा,सेठ शीलचंद नोहटा, अमित त्यागी, पदमचंद जुझार, संतोष सिंघई पूर्व अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु जनों को सौभाग्य मिला। संचालन अमित पड़रिया, अजय अहिंसा ने किया। 
इस अवसर पर मुनिश्री समता सागर जी ने कहा कि परंपरा में वर्षायोग और चातुर्मास का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है।यह केवल संतों के लिए साधना, स्वाध्याय, तप और आत्मानुशासन का काल नहीं, बल्कि गृहस्थों के लिए भी आत्मचिंतन, संयम, भक्ति, आराधना और जीवन को नई दिशा देने का श्रेष्ठ अवसर है। वर्षाकाल में सूक्ष्म जीवोँ की संख्या बड जाती है, अहिंसा धर्म का पालन हो सके इसलिये सभी महावृती संत एक ही स्थान पर धर्म की आराधना करते है, ऐसे मेँ धार्मिक पर्वों की अधिकता और संतों का सान्निध्य वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देता है, जिससे धर्म के प्रति जनमानस का आकर्षण स्वाभाविक रूप से बढ़ता है।  उन्होंने कहा कि जिस नगर या क्षेत्र में चातुर्मास करने वाले महाव्रती पिच्छीधारी संत विराजते हैं, वहां धर्म की चेतना स्वतः जागृत हो जाती है। संतों का सान्निध्य व्यक्ति के भीतर परिवर्तन का माध्यम बनता है। 
गृहस्थ भले स्वयं संयमी न हो, लेकिन यदि वह नियमित रूप से संयमी संतों के संपर्क में रहेगा तो उसके भीतर भी त्याग और संयम के संस्कार अवश्य ही विकसित होंगे। आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के वचनों का स्मरण कराते हुए उन्होंने कहा कि त्यागी का सान्निध्य स्वयं त्याग की प्रेरणा देता है। मुनि श्री ने कहा कि वे किसी से तुरंत त्याग करने का आग्रह नहीं करते। पहले त्यागियों के पास आना प्रारंभ कीजिए, परिवर्तन अपने आप होगा। उन्होंने समाधिस्थ आचार्य श्री विद्यासागर महाराज का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने कभी किसी का बायोडाटा या कुंडली नहीं देखी। उनकी दिव्य दृष्टि ही व्यक्ति की पात्रता, संस्कार और भावों को पहचान लेती थी। उसी आधार पर वे प्रत्येक व्यक्ति को उसके अनुरूप मार्गदर्शन प्रदान करते थे। यही संत परंपरा की सबसे बड़ी विशेषता है कि वह मनुष्य के भीतर छिपी आध्यात्मिक संभावनाओं को जागृत करती है। 
बरसते पानी में असाटी समाज की विशाल कावड़ यात्रा.. दमोह। सकल असाटी समाज के तत्वाधान में रविवार को निकली विशाल कावड़ यात्रा भारी बारिश के बावजूद उत्साह और श्रद्धा के साथ संपन्न हुई। भक्तों ने हर हर महादेव के उद्घोष के साथ एकता और आस्था की मिसाल पेश की। कावड़ यात्रा शहर के टाकीज तिराहा स्थित श्री राम मंदिर से प्रारंभ होकर बकौली चौक, घंटाघर, कोतवाली चौराहा होते हुए श्री देव जटाशंकर धाम पहुंची। मार्ग में तेज रफ्तार बारिश हुई, लेकिन शिवभक्तों का जोश कम नहीं हुआ। यात्रा बिना रुके धूमधाम से अपने गंतव्य तक पहुंची और वहां विधिपूर्वक जलाभिषेक किया गया और जयकारे लगे।
समाज जनों ने कहा कि इस यात्रा में छोटे बच्चों, बहनों, मातृ शक्तियों, वरिष्ठजनों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सकल असाटी समाज ने अपनी उपस्थिति से यह सिद्ध कर दिया कि चाहे बारिश हो या कोई भी परिस्थिति, दमोह हमेशा एक था, एक है और एक रहेगा। कावड़ यात्रा में श्री राम मंदिर से प्रारंभ होने के पूर्व विधि विधान से पूजन अर्चन, मातृशक्तियों के द्वारा किया गया। सभी ने कांवड़ों में नर्मदा जी का जल भर कर रवाना किया।इसके बाद भोलेनाथ जी का पूजन उपरांत कावड़ यात्रा प्रारंभ हुई। जिसका बकौली चौक, घंटाघर, अस्पताल चौराहा, कोतवाली चौराहा के अलावा और भी जगह फल, पानी, पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया।
श्री देव जटाशंकर धाम में जलाभिषेक किया, कावड़ यात्रा में खास बात यह थी कि सबसे आगे समाज का बैनर, जटाशंकर धाम डमरू दल, समाज के छोटे-छोटे बच्चे उत्साह पूर्वक कावड़ लिए,महिलाएं कावड़ लिए भोले बाबा के जयकारे लगाते हुए और जमकर नाचते गाते भोले बाबा में मग्न थी। भोले स्वरूप और स्वागत बने आकर्षण- यात्रा में भोले स्वरूप बने दीपक असाटी अप्सरा और अनंत असाटी का प्रदर्शन विशेष आकर्षण रहा। श्रद्धालुओं ने उनके दर्शन कर जयकारे लगाए। महिला समिति और युवा टीम की अहम भूमिका- कार्यक्रम को सफल बनाने में दमोह असाटी समाज महिला समिति की भूमिका सराहनीय रही। महिला टीम ने व्यवस्थाओं को बखूबी संभाला साथ समस्त युवाओं ने यात्रा में विशेष ऊर्जा भरी और बेहतर सहयोग किया।
जयकारो के साथ हुआ मासिक महाआरती का आयोजन.. दमोह। भगवती मानव कल्याण संगठन एवं पंच ज्योति शक्ति तीर्थ सिद्धाश्रम धाम के संयुक्त तत्व धन में दमोह जिले के कृषि उपज मंडी सागर नाका दमोह में हर माह की भांति इस माह के दूसरे रविवार को दोपहर 11 बजे मां गुरुवर के जयकारों के साथ शंख ध्वनि कर मासिक महाआरती सम्मपन्न की गई। समापन की बेला में भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के प्रांतीय प्रवक्ता बाबूलाल विश्वकर्मा जी ने कहा कि आज हम सब बड़े सौभाग्यशाली हैं जो परम पूज्य श्री शक्तिपुत्र भगवान के मार्गदर्शन में चलने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है हमारे पूर्व जन्म के संस्कार होंगे जो ऋषि राज श्री शक्तिपुत्र सच्चिदानंद के अवतार सदगुरुदेव भगवान के सानिध्य में कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है।
इसी कड़ी में महिला मोर्चा की प्रांतीय सचिव ममता तोमर जी ने कहा की परम पूज्य श्री शक्तिपुत्र सदगुरु देव भगवान की कृपा से इस विशाल परिवार में जुड़ने का सौभाग्य प्राप्त हुआ जो आज हमारे भाई-बहन कंधे से कंधे मिलाकर चलते हैं और समाज को नशेमांस से मुक्त चरित्रवणों का जीवन जीने के लिए प्रेरित करते हैं। इसी कड़ी में उमा सिंह सचिव जी ने कहा हम सब बड़े सौभाग्य शाली हैं कि योगीराज श्री शक्तिपुत्र भगवान ने मूलध्वज की आरती से जिले की महाआरती को जोड़ा है जो मूलध्वज की आरती करने से सौभाग्य प्राप्त होता है वह सौभाग्य हमारे लिए यही हमारे जिले में मासिक महा आरती में सम्मिलित होने से प्राप्त होता है। भगवती मानव कल्याण संगठन के टीम प्रमुख नन्हेंलाल जी ने कहा की हमें संस्कार बानो का जीवन जीते हुए अपने बच्चों को संस्कारवान बनाना चाहिए जैसे की श्री शक्तिपुत्र भगवान ने कहा है कि सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर मां की साधना करें मां की आराधना करें और अपने बच्चों को अपने साथ में बिठाकर के मां की साधना करें..
जिससे बच्चों में संस्कार आए और वह अपने जीवन में परिवर्तन ला सकें जिससे बच्चे कुसंस्कार मार्ग पर ना जाएं और अच्छे मार्ग पर जाते हुए धर्म पथ पर आगे बढ़े जिससे वह बच्चे अपने आप में परिवर्तन करते हुए समाज में परिवर्तन कर सके मंच का संचालन संभागीय सचिव संजय पटेल जी ने किया आए हुए सभी मां के भक्तों का आभार व्यक्त भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के जिला अध्यक्ष मानक पटेल जी ने किया और अंत में सभी मां के भक्तों ने प्रणाम कर शक्ति जल व प्रसाद प्राप्त किया।
56वें अभियान में फिर निकला सप्ताह भर में जमा हुआ कचरा.. दमोह। बेलाताल को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने के लिए स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर हरीश पटेल के नेतृत्व में टीम उम्मीद का 56वाँ साप्ताहिक स्वच्छता अभियान रविवार सुबह बेलाताल में आयोजित किया गया। अभियान के दौरान पिछले एक सप्ताह में तालाब के घाट और आसपास जमा हुई लगभग आधी ट्रॉली कचरा सामग्री को बाहर निकाला गया। लगातार चल रहे स्वच्छता अभियान के बावजूद हर सप्ताह तालाब में दोबारा कचरा जमा होना चिंता का विषय बना हुआ है। हरीश पटेल के नेतृत्व में टीम द्वारा आज लगभग दसवीं बार बेलाताल के घाटों की सफाई की गई है। 
स्वयंसेवकों का कहना है कि सफाई के बाद घाट स्वच्छ और सुंदर दिखाई देते हैं, लेकिन कुछ ही दिनों में दोबारा कचरा पहुंच जाने से पूरी मेहनत पर पानी फिर जाता है। स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर हरीश पटेल ने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि बेलाताल केवल एक तालाब नहीं, बल्कि शहर की महत्वपूर्ण धरोहर है। इसे स्वच्छ रखना केवल टीम उम्मीद या प्रशासन की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। अब सफाई के साथ रोकथाम भी जरूरी हैं. उन्होंने प्रशासन से मांग की कि तालाब के प्रमुख स्थानों पर कूड़ा एवं पूजा सामग्री डालने पर जुर्माने से संबंधित स्पष्ट सांकेतिक बोर्ड लगाए जाएं। साथ ही नियमित निगरानी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार जुर्माना कार्रवाई की व्यवस्था की जाए..
ताकि लोगों में जिम्मेदारी और जागरूकता दोनों बढ़ें। बेलाताल की सफाई टीम उम्मीद कर सकती है, लेकिन उसकी स्वच्छता को स्थायी बनाना पूरे शहर की जिम्मेदारी है। अब प्रशासन की निगरानी, प्रभावी जागरूकता और नियमों के पालन के साथ नागरिकों की जिम्मेदारी इन तीनों के साथ ही इस धरोहर को वास्तव में बचाया जा सकता है।नगर पालिका प्रशासन के सहयोग से टीम उम्मीद द्वारा आयोजित आज के इस अभियान में स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर हरीश पटेल के साथ टीम उम्मीद के शिवम सोनी नीलेश सेन अनीता रैकवार प्रिया शुक्ला नीलम सैनी संतोष रैकवार देवांश सैनी प्रियांश सैनी और योग गुरु भरत दुबे ने श्रमदान किया.

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