श्री शांतिनाथ विधान संपन्न, दिग्विजय यात्रा आज
दमोह. नगर के श्री पारसनाथ दिगंबर जैन नन्हे मंदिर जी में आयोजित 16 दिवसीय श्री शांतिनाथ महामंडल विधान शुक्रवार को भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ. शनिवार 29 अगस्त को विश्व शांति महायज्ञ के बाद भरत चक्रवर्ती की दिग्विजय यात्रा निकाली जाएगी.
आचार्य श्री विद्यासागर जी एवं समय
सागर जी के मंगल आशीर्वाद से आर्यिका रत्न चिंतनमति, सारमती एवं जागृतमति
माताजी के ससंघ सानिध्य में नन्हे मंदिर स्थित त्रिमूर्ति जिनालय परिसर में
12 से 28 अगस्त तक श्री 1008 शांतिनाथ महामंडल विधान का भव्य आयोजन किया
गया. इस अवसर पर बनाए गए तीन भव्य समवशरण के समक्ष ब्रह्मचारी स्वतंत्र
भैया एवं रोहित भैया के निर्देशन में प्रतिदिन मंडल पर महापात्रों के साथ
इंद्र इंद्राणियों ने अर्घ्य समर्पित करके विधान पूजन किया.
अंतिम दिवस
प्रातः बेला में श्री जी के अभिषेक शांति धारा पूजन उपरांत विधान पूजन
प्रारंभ हुआ तत्पश्चात आर्यिका चिंतनमती एवं सारमति माताजी के मुखारविंद से
रक्षाबंधन पूजन के साथ मंडल पर 700 अर्घ समर्पित किए गए. इस अवसर पर
माताजी ने जैन दर्शन के अनुसार रक्षाबंधन के महत्व को बताते हुए जैन
मुनियों पर आए उपसर्ग और उसके निवारण से जुड़े प्रसंग को बताते हुए कहा कि
रक्षा का अर्थ धर्म की रक्षा से और बंधन का अर्थ धर्म के बंधन करने से जुडा
हुआ है. इस अवसर पर पूज्य माताजी को श्रावक जनों द्वारा भक्ति भाव से
निर्मित की गई राखियां समर्पित की गई.
विश्व शांति महायज्ञ एवं चक्रवर्ती की दिग्विजय यात्रा आज.. 16
दिवसीय श्री शांतिनाथ महामंडल विधान के संपन्न होने के पश्चात 29 अगस्त को
प्रातः श्री जी के अभिषेक शांति धारा नित्य पूजन उपरांत 16 कारण पूजन
संपन्न होगा तत्पश्चात विश्व शांति महायज्ञ को आहुति के साथ संपन्न किया
जाएगा..
नन्हें मंदिर कमेटी के अध्यक्ष नवीन निराला ने बताया कि सुबह 9
बजे भरत चक्रवर्ती की दिग्विजय यात्रा निकाली जाएगी. जो सिटी नल से प्रारंभ
होकर पुराना थाना टॉकीज घंटाघर नया बाजार होते हुए जैन धर्मशाला से
कार्यक्रम स्थल पहुंचकर संपन्न होगी. दिग्विजय यात्रा में भरत चक्रवर्ती का
रथ आकर्षण का केंद्र रहेगा वही तीन अन्य रथो पर सौधर्म इंद्र भी परिवार
सहित सवार रहेंगे. आर्यिका संघ का सानिध्य शोभा यात्रा के दौरान प्राप्त
होगा. मंदिर कमेटी के महामंत्री राजकुमार रानू ने सकल जैन समाज से दिग्विजय
यात्रा में शामिल होकर धर्म प्रभावन की अपील की है..
विद्यापीठ प्रतापगढ़ के विद्यार्थियों ने दी शानदार प्रस्तुति.. दमोह.
राजस्थान के प्रतापगढ़ से आए संमती प्राकृत विद्यापीठ के 40
विद्यार्थियों ने रक्षाबंधन पर मुनिश्री श्रुतेश सागर जी एवं मुनि श्री
सुश्रत सागर जी महाराज के मंगल सानिध्य में वृती आश्रम सिविल वार्ड के मंच
पर विभिन्न नाटिकाओं के माध्यम से अपनी कला का शानदार प्रदर्शन किया.. विद्यापीठ
के प्राचार्य विनय भैया जी के निर्देशन में विद्यार्थियों ने ब्रह्मगुलाल
नाटिका का जीवंत प्रदर्शन किया इसके अलावा अन्य नाटिकाएं प्रस्तुत की गई..
चातुर्मास समिति की ओर से विनय भैया का सम्मान किया गया तथा सभी विद्यार्थियों को पारितोषिक वितरण किया गया. इस अवसर पर कमेटी के संयोजक
नन्हा वृत्ती आश्रम अध्यक्ष रूपचंद जैन चंद कुमार विमल बटियागढ़ सुनील
वेजीटेरियन विनय विनम्र दिनेश दीक्षा राजेश एडवोकेट विकल्प गोल्डी अंश
धर्मचंद जैन कमलेश जैन आदि की उपस्थिति रही मीना विनय जैन के परिवार के
द्वारा रक्षाबंधन पर एक सुंदर आकर्षक मानस्तंभ वाली राखी मुनि श्री के
चरणों में समर्पित की गई..
इस मौके पर मुनि श्री सुश्रुत सागर जी महाराज ने
अपने मंगल प्रवचन में कहा कि रक्षाबंधन का दिन धर्म संस्कृति रक्षा का दिवस
है मुनियों की रक्षा के लिए हमें अपनी युवा पीढ़ी को संस्कार देने होंगे
उन्हें संस्कार देने का कार्य प्रतापगढ़ के विद्यापीठ के द्वारा बहुत अच्छे
ढंग से हो रहा है धर्म के संस्कार ग्रहण करके बच्चे आगे चलकर न सिर्फ अपनी
परिवार समाज का वरन देश का नाम रोशन करेंगे धर्म की प्रभावना के लिए हमें
ऐसी संस्थाओं को हर संभव मदद करनी चाहिए प्रतापगढ़ की विद्यापीठ के लिए
अनेक व्यक्तियों के द्वारा दान राशि घोषित की गई.






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