नरसिंहगढ़ में 50 लाख के शादी घर का भूमिपूजन
दमोह। नरसिंहगढ़ में लगभग 6 हजार वर्गफीट क्षेत्र में सार्वजनिक उपयोग के लिए एक बड़े हॉल एवं कमरों का निर्माण किया जाएगा। इस भवन का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को विवाह आयोजन के लिए सुविधा जनक स्थान उपलब्ध कराना है। ऐसे परिवार जो निजी शादी घर या गार्डन का खर्च वहन नहीं कर सकते वे यहां अपने पारिवारिक कार्यक्रम आयोजित कर सकेंगे। इसके साथ ही भवन का उपयोग सामाजिक बैठकों बड़े सामुदायिक कार्यक्रमों एवं अन्य सार्वजनिक आयोजनों के लिए भी किया जा सकेगा।
इस आशय के विचार आनंद विभाग के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार लखन पटेल ने ग्राम नरसिंहगढ़ में 50 लाख की लागत से निर्मित होने वाले शादी घर के भूमिपूजन के दौरान आमजन को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।राज्यमंत्री श्री पटेल ने कहा कि नरसिंहगढ़ एक बड़ा केंद्र होने के बावजूद यहां बड़े सामाजिक कार्यक्रमों एवं बैठकों के लिए पर्याप्त सार्वजनिक स्थान उपलब्ध नहीं था। प्रस्तावित भवन के निर्माण से इस कमी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होने ग्रामीणों से आने वाली पीढ़ी के भविष्य को ध्यान में रखते हुए विकास और सार्वजनिक सुविधाओं को लेकर सामूहिक रूप से विचार करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा हमें यह सोचना होगा कि वर्तमान पीढ़ी व आने वाली पीढ़ी के लिए क्या छोड़कर जा रहे है। गांव के सभी समझदार एवं जागरूक लोगों को साथ बैठकर भविष्य की आवश्यकताओं और विकास की दिशा पर विचार करना चाहिए। उन्होंने गांवों में सार्वजनिक रास्तों पर अतिक्रमण और निर्माण की समस्या की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कई स्थानों पर रास्तों के बीच चबूतरे अथवा अन्य निर्माण कर दिए जाते हैंए जिससे पहले जहां दो वाहन आसानी से निकल जाते थेए वहां अब एक वाहन के निकलने में भी परेशानी होती है। सार्वजनिक मार्गों को सुगम और अतिक्रमण मुक्त बनाए रखना आने वाली पीढ़ी के लिए आवश्यक है।
धूमधाम से निकली चक्रवर्ती की दिग्विजय यात्रा.. दमोह। सकल जैन समाज के द्वारा शनिवार को सिटीनल से श्रीजी के विमान के साथ भरत चक्रवर्ती की दिग्विजय यात्रा धूमधाम से निकाली गई। इस अवसर पर आर्यिका रत्न चिंतनमति माताजी का ससंघ सानिध्य प्राप्त हुआ।
नगर के श्री पारसनाथ दिगंबर जैन नन्हे मंदिर जी में आयोजित 16 दिवसीय श्री शांतिनाथ महामंडल विधान के समापन पर शनिवार को त्रिमूर्ति जिनालय परिसर में समवशरण में विराजमान 12 जिन विंबों की अभिषेक शांतिधारा संपंन हुई। तत्पश्चात देव शास्त्र गुरू पूजन, शंतिनाथ पूजन, सोलह कारण पूजन, जिनवाणी पूजन, आचार्यश्री पूजन के बाद विश्व शांति महायज्ञ ब्रह्मचारी स्वतंत्र भैया, रोहित भैया एवं अभिषेक भैया के निर्देशन में संपंन हुआ। इसके बाद पूज्य आर्यिका रत्न चिंतनमति जी, सारमती जी, एवं जागृतमति माताजी के ससंघ सानिध्य में भरत चक्रवर्ती की दिग्विजय यात्रा प्रारंभ हुई।
जिसमें बैड डीजी की धुन पर सबसे आगे आकर्षक रथ पर भरत चक्रवर्ती श्री दीपक जी नम्रता जी फुटेरा वाले परिवार के साथ सौधर्म इंद्र मनीषा राजेंद्र अटल परिवार सवार थे। दूसरे रथ पर सौधर्म इंद्र श्री रूपचंद जी नवीन निराला परिवार एवं तीसरे रथ पर सौधर्म इंद्र श्रीमती प्रभजन ब्रह्मचारी नीलू दीदी एवं स्वतंत्र भैया परिवार सवार था। इसके पीछे श्रीज के चांदी के विमान को श्रावक जन हाथों से खींचते हुए चल रहे थे। शोभयात्रा सिटनल से प्रारंभ होकर पुराना थाना टॉकीज घंटाघर नया बाजार होते हुए जैन धर्मशाला से कार्यक्रम स्थल पहुंचकर संपन्न हुई।
जहां श्रीजी के अभिषेक पश्चात आर्यिका श्री चिंतनमति माताजी के मंगल प्रवचन रूपी आर्शीवाद सभी को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर ब्रम्हचारी स्वतंत्र भैया का सम्मान मंदिर कमेटी द्वारा किया गया। सभी आयोजनों में जैन पंचायत के अध्यक्ष सुधीर सिंघई कुंडलपुर कमेटी के पूर्व अध्यक्ष संतोष सिंघई, महेश दिगंबर, अभय बनगाव, नवीन निराला, राजकुमार खजरी, राजेश हिनौती, मनीष बजाज, रीतेश गांगरा शीशम वाले, जितू मलैया, मनीष आउट लुक, नीतेश दाल, नवकार महिला मंडल सहित बड़ी संख्या में सकल जैन समाज की सहभागिता रही।








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