Header Ads Widget

3 अक्टूबर को भोपाल जायेंगे ज़िले से हज़ारों शिक्षक.. जनजातीय कार्य विभाग की कार्यप्रणाली से कर्मचारी परेशान.. कुण्डलपुर में 3-4 अक्टूबर को जैन पाठशाला अधिवेशन..

2 अक्टूबर को उपवास और सत्याग्रह.. 

दमोह। टेट परीक्षा को निरस्त करने, नियुक्ति दिनांक से सेवा अवधि की गणना करने, ई अटेंडेंस को स्वैच्छिक करने की मांगों को लेकर प्रदेश के अध्यापक शिक्षको का 27 सितंबर से भोपाल के नीलम पार्क में अनवरत संभागवार क्रमिक अनशन जारी है। इसी क्रम में 3 अक्टूबर को सागर संभाग की बारी है। अनशन कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थिति बढ़ाने हेतु ज़िले के अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा की बैठक जे पी स्कूल में आयोजित हुई। जिसमें सभी पदाधिकारियों ने शिक्षकों से 2 अक्टूबर को ज़िला मुख्यालय महाराणा प्रताप चौक कलेक्ट्रेट के सामने दमोह में अहिंसा और सत्याग्रह के प्रणेता राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती के अवसर पर एक दिन के उपवास और सत्याग्रह कार्यक्रम में शामिल होने का आव्हान किया गया।
साथ ही 3 अक्टूबर को अधिक से अधिक संख्या में भोपाल पहुंचने हेतु आव्हान किया गया। बैठक में संकल्प लिया गया कि जब तक हमारी तीनों मांगें पूरी नहीं होती तब तक हमारा आंदोलन खत्म नहीं होगा स अगर सरकार ने हमारी मांगों को समय सीमा में पूरा नहीं किया तो अध्यापक शिक्षक शालाओं की तालाबंदी के लिए भी विवश होंगे और बच्चों की शिक्षा प्रभावित होने की जिम्मेदारी सरकार की होगी। ज़िला की बैठक में बताया गया कि संकुल संकुल जाकर शिक्षक साथियों से शपथ ली जा रही है कि किसी भी क़ीमत पर कोई शिक्षक टेट परीक्षा हेतु आवेदन नहीं भरेगा। बैठक में संयुक्त मोर्चा के सभी संगठनों के सदस्यों की उपस्थिति रही।
जनजातीय कार्य विभाग की कार्यप्रणाली से कर्मचारी परेशान.. दमोह। म.प्र.शासकीय लिपिकीय कर्मचारी संघ के प्रान्तीय संरक्षक राकेश सिंह हजारी ने जिले के जनजातीय कार्य विभाग में कार्यरत लिपिक द्वारा अपनी मनमानी का आरोप लगाया है विभाग का कार्यरत कर्मचारी मानसिक, आर्थिक रूप से परेशानियों का सामना कर रहा है, विभाग के अधिकारी की मेहरबानी के चलते उन्हें स्थापना, लेखा, राहत प्रकरण, छा.त्रावास शाखा एवं अन्य प्रभार भी सोपे गये है, किन्तु कर्मचारियों के स्वात्वों के तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जाता है, वर्तमान में म.प्र.शासन् द्वारा जारी डी.ए. एरियर्स का भुगतान किया जाना था, जो कि आज दिनांक तक नहीं किया गया है, 30 जून को सेवानिवृत्त कर्मचारियों का वेतनवृद्धि दिये जाने का प्रावधान है, किन्तु विगत 01 वर्ष से भी अधिक समय हो जाने पर उन्हें इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है, इस संबंध में संबंधित लिपिक से संपर्क करने पर कार्य की अधिकता बताई जाती है, उक्त प्रकरणों का निराकरण नहीं होने से जहां कर्मचारियों को आर्थिक लाभ नहीं मिल रहा है, ना ही उन्हें इसका ब्याज मिलता है, जब से जिला संयोजक की पदस्थापना हुई है तब से लेकर आज दिनांक तक शासन् के निर्देशानुसार 01 तारीख को वेतन का भुगतान के आदेश है किन्तु अभी तक 5 तारीख से लेकर 8 तारीख को किया जाता है, विभाग में कार्यरत लिपिक सहा.ग्रेड तीन सहायक ग्रेड दो, लेखापाल आदि संवर्ग के कई पद रिक्त है, किन्तु इन्हें भरने की कोई कार्यवाही नहीं की गई है, वर्तमान में शासन् द्वारा जारी पदोन्नति की प्रक्रिया भी जिलाधिकारी द्वारा नहीं की गई है, छात्रावासों में कार्यरत अंशकालीन कर्मचारियों को पांच-पांच माह हो जाने पर भी उन्हें मानदेय का भुगतान नहीं किया जाता है, ऐसे में उन कर्मचारियों को अपने परिवार का भरण पोषण की समस्या बनी रहती है, इस संबंध में अधिकारी द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को आवंटन के संबंध में पूर्व से अवगत नहीं कराया जाता है, ना ही बैठकों में इससे अवगत कराया जाता है । अतः जिला प्रशासन् एवं वरिष्ठ अधिकारियों से अपेक्षा की जाती है कि कर्मचारियों की इन समस्याओं पर भी ध्यान देने की अपील की गई ।
कुण्डलपुर में 3-4 अक्टूबर को जैन पाठशाला अधिवेशन.. दमोह। जैन पाठशालाओं के बेहतर संचालन, शिक्षण व्यवस्था में सुधार तथा विद्यार्थियों में धार्मिक संस्कारों के विकास के उद्देश्य से जैन पाठशाला अधिवेशन 2026 का आयोजन 3 एवं 4 अक्टूबर को निर्यापक श्रमण मुनि श्री समता सागर जी महाराज के संघ सानिध्य में कुण्डलपुर में किया जा रहा है।‌  दो दिवसीय इस अधिवेशन में पाठशाला के विद्यार्थी, शिक्षक, संयोजक, विद्वान मुनि संघ का मार्गदर्शन प्राप्त करेंगे। 
राष्ट्रीय प्रवक्ता अविनाश जैन ‘विद्यावाणी’ एवं क्षेत्रीय प्रचार मंत्री जय कुमार जैन ‘जलज’ ने बताया कि अधिवेशन का शुभारंभ 3 अक्टूबर को प्रातः 6:45 बजे होगा। इसके बाद सामूहिक पूजन और विभिन्न पाठशालाओं के विद्यार्थियों की प्रस्तुतियां होंगी। प्रत्येक पाठशाला को प्रस्तुति के लिए पांच मिनट का समय दिया जाएगा। मुनि संघ द्वारा पाठशालाओं के बेहतर प्रबंधन के लिए मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।दोपहर के सत्र में पाठशालाओं में आने वाली कठिनाइयों और उनके समाधान पर ब्रह्मचारी भैया जी मार्गदर्शन देंगे। मुनि संघ एवं आगंतुक विद्वानों द्वारा शिक्षण एवं प्रबंधन के प्रभावी तरीकों पर मार्गदर्शन किया जाएगा। शाम को आचार्य भक्ति के बाद मुनि श्री द्वारा पाठशालाओं की समस्याओं पर जिज्ञासा समाधान होगा। ब्रह्मचारी भैया जी के उद्बोधन के बाद विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित होंगी।
4 अक्टूबर को भी मंगलाचरण, दीप प्रज्वलन और सामूहिक पूजन के बाद विद्यार्थियों की प्रस्तुतियां होंगी। दोपहर में निर्यापक मुनि श्री एवं विद्वानों द्वारा मार्गदर्शन दिया जाएगा। इसके बाद पाठशाला शिक्षकों एवं संयोजकों का सम्मान समारोह होगा। मुनि संघ के विशेष उद्बोधन के साथ दो दिवसीय अधिवेशन का समापन किया जाएगा। शाम के सत्र में आचार्य भक्ति, मुनि श्री द्वारा समता जिज्ञासा समाधान और ब्रह्मचारी भैया जी का पाठशाला के संदर्भ में उद्बोधन होगा।

Post a Comment

0 Comments