एकलव्य विवि दीक्षांत समारोह मैं शामिल हुए मंत्री गण
दमोह।
एकलव्य विश्वविद्यालय का प्रथम दीक्षांत समारोह गरिमामय एवं भव्य वातावरण
में आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री जयंत मलैया पूर्व वित्त
मंत्री, श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, राज्य मंत्री संस्कृति, पर्यटन एवं धर्मस्व विभाग, श्री लखन पटेल, राज्य मंत्री, आनंद विभाग, प्रो खेम सिंह डेहरिया, सभापति, मप्र निजी विवि विनियामक आयोग के साथ ही कुलाधिपति डॉ.सुधा मलैया,
प्रति कुलाधिपति श्रीमती पूजा मलैया, श्रीमती रति मलैया, आरुष जी महाराज,
ओजस्विनी समदर्शी न्यास के उपाध्यक्ष श्री विवेक शैंडेय, कुलगुरु प्रोफेसर
डॉ. पवन कुमार जैन, कुलसचिव डॉ.प्रफुल्ल शर्मा, मुख्य परीक्षा नियंत्रक
डॉ. प्रकाश खंपरिया, अधिष्ठाता अकादमिक डॉ.शमा जे पी खानम, अधिष्ठाता छात्र
कल्याण डॉ.शैलेन्द्र जैन की उपस्थिति रही।
समारोह
का शुभारंभ शैक्षणिक शोभायात्रा से शुरू हुआ। इसके बाद राष्ट्रगीत
वंदेमातरम से सभागार गुंजायमान हुआ। अतिथियों का स्वागत साल, श्रीफल,
तुलसी का पौधा और स्मृति चिन्ह देकर किया गया। विश्वविद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन कुलगुरु प्रोफेसर पवन कुमार जैन ने
प्रस्तुत करते हुए बताया विश्वविद्यालय में 134 शैक्षणिक विधाओं में डिप्लोमा,
स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोध पाठ्यक्रम का संचालन हो रहा है। कुलाधिपति डॉ.सुधा मलैया ने बताया कि प्रथम दीक्षांत
समारोह में शोधार्थियों, स्नातकोत्तर एवं स्नातक विद्यार्थियों को
उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए विधिवत पदक एवं उपाधियां प्रदान की
जाएंगी। यह यह उस स्वप्न के साकार होने का अवसर है, जिसे हमने एक ऐसे
विश्वविद्यालय के रूप में देखा था जहां ज्ञान के साथ संस्कार, शिक्षा के
साथ कौशल और प्रतिभा के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित हो।हमारा प्रयास
रहा है कि शिक्षा केवल क्लासरूम तक सीमित न रहे, विद्यार्थी प्रैक्टिकल
लर्निंग प्राप्त करें।
सभी स्नातकों को माननीय श्री
धर्मेंद्र लोधी जी ने शपथ दिलाई कुलाधिपति द्वारा दो मानद उपाधियों जिसमें
मुनिश्री आदित्य सागर जी एवं ब्रह्मचारी संदीप सरल को उनके द्वारा किए
राष्ट्रहित में महत्वपूर्ण योगदान के सम्मान स्वरूप पीएचडी की मानद उपाधि
प्रदान की। समारोह में विभिन्न पाठ्यक्रमों के पात्र विद्यार्थियों को उनकी
शैक्षणिक उपलब्धियों के अनुरूप पदक एवं उपाधियां प्रदान की गईं। विज्ञान
में श्री विजय कुमार मलैया सर्वश्रेष्ठ स्वर्ण पदक सुश्री मोनिका ठाकुर,
कला में श्री जयंत कुमार मलैया सर्वश्रेष्ठ स्वर्ण पदक श्री नानगा राम, सभी
क्षेत्रों में उत्कृष्टता के आधार पर डॉ.सुधा मलैया बहुमुखी उत्कृष्टता की
रनिंग शील्ड श्री सतेंद्र यादव एवं कुलाधिपति स्वर्ण पदक सुश्री सुप्रिया
कुमारी को प्रदान किया गया। इसके साथ ही संकायवार अकादमिक उत्कृष्टता के
आधार पर स्वर्ण एवं रजत पदक भी प्रदान किया। संकायवार अलग अलग विषयों में
उपस्थित पीएचडी, स्नातकोत्तर एवं स्नातक में 233 शोधार्थियों
विद्यार्थियों को उपाधियां दी गईं, शेष विद्यार्थियों को उनकी अनुपस्थिति
में उपाधि प्रदान करने की घोषणा की गई। संचालन लेफ्टिनेंट डॉ.हृदय नारायण तिवारी ने किया।
दिवंगत साहित्यकारों का ‘साहित्य तर्पण’ संपन्न.. दमोह।
मप्र लेखक संघ के तत्वावधान में MLB विद्यालय में अपनी तरह का एक अद्भुत और भावपूर्ण आयोजन
‘साहित्य तर्पण’ संपन्न हुआ। पितृपक्ष के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में
नगर एवं अंचल के अड़तालीस स्मृति-शेष साहित्यकारों को उनकी ही रचनाओं का
पाठ कर स्मरण किया गया तथा उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। कार्यक्रम
का प्रारंभ स्मृति-शेष साहित्यकारों की स्मृति में दीप प्रज्ज्वलन के साथ
हुआ। इस अवसर पर संस्था अध्यक्ष इंजी. अमर सिंह राजपूत ने स्मृति-शेष
साहित्यकारों के नामों का उल्लेख करते हुए कहा कि साहित्यकार कोरे कागज पर
एक-एक शब्द उकेरकर उसे समाज और राष्ट्र को समर्पित करता है। हमारा दायित्व
है कि ऐसे साहित्यकारों का स्मरण करते हुए उनके सृजन से प्रेरणा लें और
अपनी लेखनी को आगे बढ़ाएं। उन्होंने पूर्ववर्ती साहित्यकारों को उनकी
रचनाओं के साथ स्मरण करने के लिए क्रमशः साहित्यकारों को आमंत्रित किया।पितृपक्ष
के अवसर पर आयोजित यह आयोजन उस समय अत्यंत भावुक और सार्थक हो उठा, जब
स्मृति-शेष साहित्यकारों की रचनाओं का पाठ सुनते हुए उपस्थित साहित्य-मनीषी
कभी खिलखिलाकर हंसे तो कभी नम आंखों से केवल ‘वाह-वाह’ कहकर अपनी भावनाएं
व्यक्त करते रहे। रचनाओं के माध्यम से ऐसा अनुभव हो रहा था, मानो वे दिवंगत
रचनाकार पुनः अपनी साहित्यिक उपस्थिति दर्ज करा रहे हों।कार्यक्रम की
अध्यक्षता कर रहे श्याम सुंदर शुक्ला ने कहा कि अपने पूर्ववर्ती कवियों और
साहित्यकारों को स्मरण करना अपने आप में अद्वितीय कार्य है। ऐसी परंपरा
साहित्य की निरंतरता को बनाए रखने के साथ नई पीढ़ी को अपने साहित्यिक
पूर्वजों से जोड़ती है। मुख्य अतिथि डॉ. केदार शर्मा ने कहा कि ‘जीजा
बुंदेलखंडी’ और ‘जीजी कवि’ के बीच के अनेक संवादों को उन्होंने देखा, सुना
और गुना है, जो अपने आप में यादगार हैं। उन्होंने बुंदेलखंड की लोकभाषा और
साहित्य की इस विरासत को सहेजने की आवश्यकता पर बल दिया।पंडित
विद्यासागर पांडे ने दिवंगत साहित्यकारों को साहित्य समाज की सबसे बड़ी
धरोहर बताते हुए कहा कि उनके साहित्य और स्मृतियों को जीवित रखना वर्तमान
पीढ़ी का दायित्व है। डॉ.एन.आर. राठौर ने कहा कि जहां तक उन्हें ज्ञात
है, पूरे प्रदेश में इस प्रकार का यह एकमात्र आयोजन है। ऐसा आयोजन हमें
अपने स्वर्णिम अतीत की ओर ले जाकर सृजन के नए आयाम स्थापित करने की प्रेरणा
देता है। नारायण सिंह ठाकुर ने कहा कि इन स्मृति-शेष रचनाकारों में से
अधिकांश का सानिध्य उन्हें प्राप्त हुआ है। उनकी साहित्यिक परिपाटी पर चलते
हुए आज के रचनाकार अपनी कलम को निरंतर चलाते रहें, यही उनके प्रति सच्ची
श्रद्धांजलि होगी। कार्यक्रम में मधुलता पारासर ने महानंद आदर्श की रचना
का पाठ कर उन्हें स्मरण किया। इसी क्रम में पिम्मी परिहार ने निर्मल
इटोरिया, मनोरमा रतले ने हरिराम रैकवार ‘हृदेश’, विमला तिवारी ने हनुमान
प्रसाद अरजरिया ‘जीजा कवि’, सदन नेमा ने बाबू नेमीचंद बड़कुल, चंद्रा नेमा
ने दादा अजीत श्रीवास्तव, कमलेश शुक्ला ने रमेश चंद्र खरे, मनीष रैकवार ने
भवानी प्रसाद रैकवार ‘मम्मा’, डॉ. आर.एन. चिले ने विमल लहरी, बी.एम. दुबे
ने आशुतोष तिवारी, पद्मा तिवारी ने बाबूजी राजधर जैन ‘मानस हंस’, विवेक
दुबे ने मोहसिन दमोही, डॉ. पी.एल. शर्मा ने लक्ष्मीकांत जी ‘पलिया’, नन्हे
सिंह ने छविनाथ तिवारी, प्रेमलता उपाध्याय ने प्रेमशंकर पाटकर, डॉ. अनिल
जैन ने जगमोहन प्रसाद बाजपेई, हेमलता दुबे ने नारायण प्रसाद मिश्र तथा
उपेंद्र सोनी ने चंद्रकांत सोनवलकर ‘चंदू गुरु’ की रचना का पाठ कर उन्हें
श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।
कार्यक्रम के अंत में प्रेमनारायण विश्वकर्मा ने अपनी स्वयं की कविता के माध्यम से शेष सभी स्मृति-शेष रचनाकारों को सदन की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की। टी. चौधरी, आदित्य सिरोठिया, दिनेश जैन ‘राही’, राजीव अयाची, डॉ. मोहन आदर्श, नसीम अहमद खान, ओजेंद्र तिवारी, आशीष तंतुवाय ‘कबीर’, राजेश शर्मा एवं प्रतिभा खरे ने भी अपने-अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर उपस्थित साहित्यकारों ने कहा कि साहित्य तर्पण केवल दिवंगत रचनाकारों को स्मरण करने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि साहित्य की परंपरा, स्मृति और सृजनशीलता को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प है। इस आयोजन ने उपस्थित साहित्यकारों और साहित्य प्रेमियों को अपने समृद्ध साहित्यिक अतीत से जोड़ने का कार्य किया। कार्यक्रम के अंत में पी.एस. परिहार ‘पिम्मी’ ने सभी अतिथियों, साहित्यकारों, रचनाकारों एवं उपस्थित साहित्य प्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के अंत में प्रेमनारायण विश्वकर्मा ने अपनी स्वयं की कविता के माध्यम से शेष सभी स्मृति-शेष रचनाकारों को सदन की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की। टी. चौधरी, आदित्य सिरोठिया, दिनेश जैन ‘राही’, राजीव अयाची, डॉ. मोहन आदर्श, नसीम अहमद खान, ओजेंद्र तिवारी, आशीष तंतुवाय ‘कबीर’, राजेश शर्मा एवं प्रतिभा खरे ने भी अपने-अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर उपस्थित साहित्यकारों ने कहा कि साहित्य तर्पण केवल दिवंगत रचनाकारों को स्मरण करने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि साहित्य की परंपरा, स्मृति और सृजनशीलता को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प है। इस आयोजन ने उपस्थित साहित्यकारों और साहित्य प्रेमियों को अपने समृद्ध साहित्यिक अतीत से जोड़ने का कार्य किया। कार्यक्रम के अंत में पी.एस. परिहार ‘पिम्मी’ ने सभी अतिथियों, साहित्यकारों, रचनाकारों एवं उपस्थित साहित्य प्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
अतिक्रमण हटाने ग्राम पंचायत ने तहसीलदार को सौंपा आवेदन.. दमोह।
ग्राम पंचायत सरखड़ी के ग्राम सरखड़ी एवं लुहर्रा में मुख्य मार्ग पर
बढ़ते अतिक्रमण और मार्ग पर किए जा रहे निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में ग्राम पंचायत
सरखड़ी की ओर से तहसीलदार, पथरिया जिला दमोह को लिखित आवेदन सौंपा गया है। आवेदन
में बताया गया है कि 2 अक्टूबर को ग्राम पंचायत की बैठक में प्रस्ताव
क्रमांक 01 के माध्यम से सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि ग्राम लुहर्रा
की प्राथमिक शाला से ग्राम सरखड़ी होते हुए दमोह-सागर मुख्य मार्ग तक जाने
वाले रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए।
ग्रामीणों
के अनुसार, मार्ग के दोनों ओर कुछ लोगों द्वारा अपने-अपने घरों के सामने
चबूतरे आदि का निर्माण कर लिया गया है। इसके कारण सड़क की चौड़ाई कम हो गई
है और ग्रामीणों को अपने वाहनों को निकालने में परेशानी का सामना करना पड़
रहा है। साथ ही बड़े वाहन एवं हार्वेस्टर जैसे कृषि उपकरणों के आवागमन में
भी कठिनाई उत्पन्न हो रही है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। लुहर्रा में गुलाब आठया के घर से
मिर्जापुर वालो के घर तक मार्ग के दोनों ओर अतिक्रमण होने से आमजन को
आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। बच्चों, बुजुर्गों और ग्रामीणों को भी
रास्ते से निकलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
तहसीलदार से मांग
की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल एवं राजस्व विभाग की
संयुक्त टीम गठित कर मौके का निरीक्षण कराया जाए, मार्ग पर हो रहे निर्माण
को तत्काल रुकवाया जाए तथा जो निर्माण हो चुके हैं, उन्हें हटा रास्ते को
अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। इस अवसर पर सरपंच प्रभु दयाल कुर्मी वरिष्ठ किशोरी लाल पटेल केशव पटेल, राजाराम लंबरदार ,टिंकू पटेल, मुन्ना
सोनकिया टिंकू गुड़ारे, संस्कार पटेल हरिश्चंद्र पटेल वकील साहब की
उपस्थिति रही।
हॉकी मध्य प्रदेश की वार्षिक बैठक एवम निर्वाचन संपन्न.. दमोह।
हॉकी दमोह के विकास जैन ने बताया कि हॉकी मध्य प्रदेश की वार्षिक बैठक
सत्य अशोका होटल जबलपुर मे निर्वाचन अधिकारी रिटायर्ड आई ए एस गौरीशंकर
मिंज की अध्यक्षता हॉकी इंडिया के पर्यवेक्षक मध्य प्रदेश ओलंपिक संघ के
पर्यवेक्षक की निगरानी मे हॉकी मध्य प्रदेश की वार्षिक बैठक संपन्न हुई
जिसमे हॉकी संचालन मे सभी के सहयोग से काम होगा आगामी वर्षो के लिए ईमानदार
मेहनती नेतृत्व को निर्वाचित किया..
जिसमे अध्यक्ष नितिन डिमोले महासचिव
लोकबहादुर कोषाध्यक्ष जगेनदर तोमर उपाध्यक्ष कैलाश इकबाल सहसचिव बृजेश दुबे
हेमा सदस्य सुधीर टोपो शकुन्तला मकसूद रहे निर्वाचित सदस्यो को विजय वर्मा
गोर मास्साब आभा ललित नायक हरिशंकर राजेश सालोमन राकेश गढवाल अल्ताफ खान
फैयाज खान तरूण नामदेव विवियन राम असार इमरान आदि ने बधाई दी है।











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