तहसील ग्राउंड में गरबा की ताल पर थिरकेगी मातृशक्ति
दमोह।
शक्ति की आराधना, भक्ति की अनुभूति, भारतीय संस्कृति की अनुपम छटा और
पारंपरिक लोकनृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों का अद्भुत संगम एक बार फिर दमोह
की धरती पर दिखाई देने वाला है। नवरात्रि के पावन अवसर पर जिला मुख्यालय
स्थित ऐतिहासिक तहसील ग्राउंड का विशाल प्रांगण एक बार फिर मां आदिशक्ति की
आराधना और गरबा की मधुर ताल से गुंजायमान होगा। नव शक्ति गरबा उत्सव समिति
के तत्वावधान में आयोजित होने वाले इस वृहद सांस्कृतिक एवं धार्मिक
महोत्सव की तैयारियां उत्साह और उमंग के साथ चल रही हैं। विशेष बात यह है
कि इस वर्ष आयोजन को पूर्व वर्षों की अपेक्षा और अधिक आकर्षक, भव्य तथा
नवीन स्वरूप प्रदान करने की तैयारी की जा रही है।
मां
दुर्गा की भक्ति में सराबोर होने के लिए मातृशक्ति और युवतियों में विशेष
उत्साह दिखाई दे रहा है। पारंपरिक गरबा गीतों की मधुर धुन, नृत्य की लयबद्ध
मुद्राएं और सामूहिक प्रस्तुतियों का अभ्यास आयोजन से पहले ही उत्सव जैसा
वातावरण निर्मित कर रहा है। आयोजकों का प्रयास है कि यह महोत्सव केवल एक
सांस्कृतिक आयोजन बनकर न रह जाए, बल्कि भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और
नारी शक्ति के सम्मान का प्रेरणादायी संदेश भी समाज तक पहुंचाए। नव
शक्ति गरबा महोत्सव पिछले एक दशक से अधिक समय से दमोह की धार्मिक एवं
सांस्कृतिक गतिविधियों में अपना विशिष्ट स्थान बनाए हुए है। वर्ष दर वर्ष
बढ़ती सहभागिता और नागरिकों के सहयोग ने इस आयोजन को जिले के प्रमुख गरबा
महोत्सवों में स्थापित किया है। इस आयोजन की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता
भारतीय संस्कृति और पारंपरिक मूल्यों के प्रति इसकी प्रतिबद्धता है। यहां
गरबा को केवल नृत्य अथवा मनोरंजन के रूप में नहीं, बल्कि मां आदिशक्ति की
आराधना के एक माध्यम के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। पारंपरिक भारतीय
परिधान, धार्मिक गीत, सामूहिक नृत्य और भक्तिमय वातावरण आयोजन को विशेष
पहचान प्रदान करते हैं।
आयोजन समिति का मानना है कि
आधुनिकता के इस दौर में नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना
अत्यंत आवश्यक है। गरबा महोत्सव के माध्यम से युवतियों और महिलाओं को
भारतीय लोककला, परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं से परिचित कराने का भी
प्रयास किया जा रहा है।महोत्सव की तैयारियों का
विधिवत शुभारंभ प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना और भूमि पूजन
के साथ किया गया था। इसके पश्चात गरबा नृत्य के प्रशिक्षण और अभ्यास का
क्रम प्रारंभ हुआ। प्रारंभिक दिनों में सांसद राहुल सिंह लोधी के आवास पर
मातृ शक्ति द्वारा गरबा नृत्य का अभ्यास किया जा रहा था। अब अभ्यास का
स्थान परिवर्तित कर आयोजन स्थल तहसील ग्राउंड कर दिया गया है, जहां
प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक प्रतिभागी गरबा की विभिन्न
प्रस्तुतियों का अभ्यास कर रही हैं। अभ्यास के दौरान
महिलाओं और युवतियों का उत्साह देखते ही बन रहा है। कोई पारंपरिक गरबा की
मुद्राओं को सीखने में व्यस्त है, तो कोई समूह नृत्य में तालमेल बैठाने का
अभ्यास कर रही है। संगीत की लय और कदमों की थाप के बीच पूरा वातावरण
भक्तिमय दिखाई देता है।
विशेष रूप से सामूहिक
प्रस्तुतियों को प्रभावशाली बनाने के लिए नृत्य की गति, लय, ताल और
पारंपरिक मुद्राओं पर ध्यान दिया जा रहा है। नव शक्ति गरबा उत्सव समिति की
अध्यक्ष मंजू राजपूत ने बताया कि महोत्सव की तैयारियां पूरे उत्साह के साथ
चल रही हैं। समिति के सभी पदाधिकारी और सहयोगी आयोजन को सफल बनाने के लिए
अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। इस वर्ष आयोजन को और अधिक भव्य
एवं आकर्षक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। विशेष रूप से गरबा
प्रस्तुतियों में नवीनता लाने तथा पारंपरिक संस्कृति की झलक को और
प्रभावशाली तरीके से सामने रखने की तैयारियां चल रही हैं। समिति की सचिव
डॉ. हंसा वैष्णव ने बताया कि भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना और भूमि पूजन
के साथ आयोजन की तैयारियों को धार्मिक स्वरूप प्रदान किया गया है। इसके बाद
से ही मातृशक्ति द्वारा नियमित रूप से गरबा नृत्य का अभ्यास किया जा रहा
है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नवरात्रि का विशेष आध्यात्मिक
महत्व है। नौ दिनों तक मां आदिशक्ति के विभिन्न स्वरूपों की आराधना की जाती
है। गरबा इसी भक्ति परंपरा का एक सुंदर और सामूहिक स्वरूप है।
उनके मार्गदर्शन में प्रतिदिन महिलाओं और युवतियों को
पारंपरिक गरबा की विभिन्न मुद्राओं, समूह नृत्य, तालमेल और मंचीय
प्रस्तुतियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वतन
विश्वकर्मा ने बताया कि इस वर्ष गरबा महोत्सव में दर्शकों को कुछ नया देखने
को मिलेगा। इसके लिए विशेष रूप से पारंपरिक गीतों और आकर्षक नृत्य
प्रस्तुतियों की तैयारी की जा रही है।उन्होंने बताया
कि नृत्य के दौरान भारतीय संस्कृति और धार्मिक भावनाओं की झलक प्रमुखता से
दिखाई दे, इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। डॉ एल एन वैष्णव
जबलपुर नाका जैन मंदिर में महिला आरती नृत्य प्रतियोगिता आज.. दमोह-श्री
पारसनाथ दिगम्बर जैन मंदिर जबलपुर नाका में महिला आरती नृत्य प्रतियोगिता
आज दिनांक 10 अक्टूबर शनिवार को रात्रि 08 बजे से आयोजित की गई है।
जिसमें
आकर्षक पुरूष्कार के साथ एकल नृत्य में श्रेष्ठ प्रस्तूुति के लिय नृत्य
श्री एवं समूह नृत्य श्रेष्ठ प्रस्तुति के लिये कला श्री उपाधि से
प्रतियोगियों को सम्मानित किया जायेगा। संयोजक सुधीर
विद्यार्थी ने बताया कि कार्यक्रम में एकल एवं समूह नृत्य
की भव्य प्रस्तुतियां होगी जिसमें दमोह विधायक एवं मप्र शासन के पूर्व वित
मंत्री श्री जयंत मलैया कार्यक्रम में अतिथि के रूप में मौजूद रहेगें। सभी से इस आयोजन में उपस्थिती की अपील की है।







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