वह बुद्धिमान होते हैं जो समय रहते अपने धन का उपयोग धर्म कार्य में कर लेते हैं..आर्यिका मृदु मति माताजी
दमोह। श्री पारसनाथ दिगंबर जैन नन्हे मंदिर जी में
श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान के प्रथम दिन आर्यिका रत्न मृदु मति
माताजी के मंगल सानिध्य एवं विधानचार्य शुभम भैया के निर्देशन में 66 अर्घ
समर्पित किए गए।
श्री सिद्ध चक्र महामंडल विधान के
प्रथम दिवस प्रातः काल श्रीजी के अभिषेक के पश्चात शांति धारा संपन्न हुई।
इसका सौभाग्य विधान में सौधर्मेंद्र बने गिरीश नायक परिवार एवं सौरभ जैन परिवार को प्राप्त हुआ। विधान में मैना सुंदरी श्रीपाल बनने का सौभाग्य शकुन विमल खजरी परिवार को प्राप्त हुआ है। माता जी द्वारा रचित विधान पुस्तक से संगीतमय पूजन
के साथ 3 चरणों मे क्रमशः आठ, सोलह एवं 32 अर्घ समर्पित किए गए।
इस
अवसर पर आर्यका रत्न मृदुमति माता जी ने अपने मंगल उद्बोधन में कहा कि
सिद्ध की आराधना करने का मंगल अवसर बड़े सौभाग्य से प्राप्त हो पाता है।
कोरोना जैसी महामारी मैं जो भाग्यशाली बच गए वे लोग ही पुण्य कमा पा रहे
हैं। कल किसी ने नहीं देखा, आज यदि सामर्थ है तो धर्म ध्यान नहीं छोड़ना
चाहिए। बड़े-बड़े धनी व्यक्ति कोरोना के चपेट में कॉल कबलीत हो गए वह अपने
धन को साथ नहीं ले जा पाए।
मनुष्य के साथ धर्म जाता है किंतु धन के माध्यम
से धर्म कार्य किए जा सकते है। वह बुद्धिमान होते हैं जो समय रहते अपने धन
का सदुपयोग धर्म कार्यों में कर लेते हैं। आज की सन्ध्या काल की महा आरती करने का सौभाग्य सौधर्मेंद्र गिरीश नायक परिवार को प्राप्त हुआ।
क्रांतिकारी राष्ट्रसंत मुनि श्री तरुण सागर की जन्मस्थली पर मुनि श्री के प्रवचन
दमोह।
आचार्य श्री निर्भय सागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री सुदत्तसागर महाराज
एवं क्षुल्लक चंद्रदत्तसागर महाराज गुंहची गांव में विराजमान हैं। सकल
दिगंबर जैन समाज गुंहची ने श्रीफल समर्पण कर आरती का चरण वंदन कर अपार
श्रद्धा आस्था प्रकट कर मुनि संघ का आशीष प्राप्त किया। झलौन
जैन समाज ने भी श्रीफल समर्पित कर झलौन में ग्रीष्मकालीन बाचना एवं
वर्षायोग हेतु निवेदन विनती की।
मुनि सुदत्तसागर जी महाराज ने कहा मात्र 13
वर्ष की उम्र में सन्यास धारण कर मुनि श्री तरुण सागर मुनि इतिहास बनाया और
छोटे से ग्राम गुंहची को संपूर्ण देश में पहुंचा दिया उन्होंने कहा उनकी
पुस्तके कड़वे प्रवचन ने विश्व रिकॉर्ड बनाया और जनसभाओं में अपार भीड़ को
जीवन जीने की कला सिखाने वाले जन संत क्रांतिकारी तरुण सागर महाराज आज
समाधिस्थ होकर भी लोगों के हृदय में बसे हुए हैं यूट्यूब पर लाखों प्रशंसक
आज भी उनकी अमृतवाणी सुनते हैं और उनके साहित्य को पढ़कर प्रवचन सीखते हैं।
क्षुल्लक चंद्रदत्त सागर ने कहा मुनि तरुण सागर लीक से हटकर नई लीक
निर्माण करने में विश्वास रखते थे बाद में वह लीक दूसरों के लिए राजमार्ग
बन जाती थी। राष्ट्र संत की उपाधि से अलंकृत मुनि श्री की सभाओं में
राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री, सांसद,मंत्री, बड़े-बड़े नेता,राज्यपाल, अधिकारी
प्रतिदिन आते रहते थे तरुण सागर स्थल गुंहची में मुनि श्री की प्रदर्शनी को
देखा और उनके परिवार जनों से भी चर्चा कर मुनि संघ ने मुनि श्री के बारे
में जानकारी ली। तरुण सागर जी इतिहास पुरुष थे सैकड़ों क्या हजारों वर्षों
तक लोग उनके ज्ञान पुस्तकों व इतिहास में किए गए कार्यों का स्मरण करते हुए
श्रद्धा समर्पण प्रस्तुत करेंगे एवं प्रेरणा लेगे। वे आज भी अमर हैं उनका
जीवन स्व साथ पर के कल्याण में ज्यादा पीता और ऐसे महापुरुष इतिहास के
पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में अमिट हो गए।
जैन मिलन नगर शाखा ने सकोरा वितरण किये
दमोह। भारतीय जैन मिलन नगर शाखा ने पक्षियों की प्यास बुझाने की दिशा में अनूठा प्रयास किया है। भारतीय जैन मिलन नगर शाखा दमोह के तत्वाधान में दमोह विधायक अजय टंडन, सांसद प्रतिनिधि नरेंद्र बजाज व जैन पंचायत अध्यक्ष सुधीर सिंघई के आतिथ्य में जैन धर्मशाला नन्हे मंदिर में 500 सकोरा वितरण किया गया। मीडिया प्रभारी जयकुमार जैन पुरा ने बताया कि इन सकोरों को जहां सभी अपने घर की छत पानी भरकर प्रतिदिन रखेंगे वहीं नगर के पेड़ों पर भी इन सकोरों के लटकाकर प्रतिदिन पानी भरने की व्यवस्था की जाएगी।
कार्यक्रम में जैन पंचायत के पदाधिकारियों के साथ सतीश जैन कल्लन भैया, भारतीय जैन मिलन केंद्रीय कार्यकारिणी से अतिवीर इंजी.आर के जैन, अतिवीर दिलेश चौधरी, नगर शाखा अध्यक्ष वीर सुधीर जैन, वीर अरुण जैन मंत्री, वीर मुकेश जैन कोषाध्यक्ष, जवाहर जैन सहकोषाध्यक्ष, विकल्प जैन एडवोकेट एवं आरके जैन सहित महिला शाखा जैन मिलन के सदस्यों की उपस्थिति रही। आभार अतिवीर राजकुमार जैन द्वारा किया गया।
दमोह। भारतीय जैन मिलन नगर शाखा ने पक्षियों की प्यास बुझाने की दिशा में अनूठा प्रयास किया है। भारतीय जैन मिलन नगर शाखा दमोह के तत्वाधान में दमोह विधायक अजय टंडन, सांसद प्रतिनिधि नरेंद्र बजाज व जैन पंचायत अध्यक्ष सुधीर सिंघई के आतिथ्य में जैन धर्मशाला नन्हे मंदिर में 500 सकोरा वितरण किया गया। मीडिया प्रभारी जयकुमार जैन पुरा ने बताया कि इन सकोरों को जहां सभी अपने घर की छत पानी भरकर प्रतिदिन रखेंगे वहीं नगर के पेड़ों पर भी इन सकोरों के लटकाकर प्रतिदिन पानी भरने की व्यवस्था की जाएगी।
कार्यक्रम में जैन पंचायत के पदाधिकारियों के साथ सतीश जैन कल्लन भैया, भारतीय जैन मिलन केंद्रीय कार्यकारिणी से अतिवीर इंजी.आर के जैन, अतिवीर दिलेश चौधरी, नगर शाखा अध्यक्ष वीर सुधीर जैन, वीर अरुण जैन मंत्री, वीर मुकेश जैन कोषाध्यक्ष, जवाहर जैन सहकोषाध्यक्ष, विकल्प जैन एडवोकेट एवं आरके जैन सहित महिला शाखा जैन मिलन के सदस्यों की उपस्थिति रही। आभार अतिवीर राजकुमार जैन द्वारा किया गया।





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