बिना टेंडर हुए सड़क निर्माण कार्य कराने की खुली पोल
दमोह।
कलेक्टर के प्रशासक रहते दमोह नगर पालिका में सीएमओ इंजीनियर और ठेकेदारों
की मिलीभगत से गोलमाल के नए कारनामों को अंजाम दिए जाने का दौर जारी है
ताजा मामला सड़क का टेंडर खुलने के पहले निर्माण हो जाने, टेंडर में
डामरीकरण सड़क की जगह सीसी रोड बन जाने का सामने आया है जिसको लेकर
मुख्यमंत्री तक शिकायत प्रेषित करके कार्रवाई की मांग की गई है।
मुख्य नगरपालिका अधिकारी और इंजीनियर की मिली भगत से बिना टेंडर खुलें ही
ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए सड़क और नाली का निर्माण करने का मामला
सामने आने के बाद में सामाजिक कार्यकर्ता भाजपा नेता और नगर पालिका अध्यक्ष
पद के दावेदार मोंटी रैकवार के द्वारा मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कठोर
कार्रवाई जाने की मांग की गई है। दमोह नगरपालिका
कार्यालय से दैनिक भास्कर अखबार में दिनांक 27-04-2022 को निविदा
क्रमांक/नपा/2022/146 के माध्यम से पुराने पुलिस कंट्रोल रूम से फिल्टर
कालोनी तक, बजरिया वार्ड नंबर 06 मैन रोड से नर्सिंग सेन्टर तक और
पी.डब्लू.डी. क्वार्टर से रेस्ट हाउस के पीछे तक डामरीकरण सड़क का निर्माण
होना था।
नगरपालिका दमोह के द्वारा डामरीकरण सड़क की निविदा भी जारी की
गई थी। लेकिन दमोह नगरपालिका के मुख्य नगरपालिका अधिकारी, उपयंत्री और
ठेकेदार की मिली भगत से ठेकेदार को आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए शासन की
राशि की बंदरबांट कर चपत लगाने के लिए सारे नियम दरकिनार करते हुए अपने
चहेते ठेकेदार के द्वारा टेंडर खुलने के पहले ही उक्त जगह पर डामरीकरण के
स्थान पर सीमेंट रोड का कार्य प्रारंभ हो गया जिसमें पीडब्ल्यूडी क्वार्टर
से रेस्ट हाउस की सड़क का कार्य तो पूर्ण हो गया और नाली का कार्य जौरों से
चल रहा है।
मुख्यमंत्री महोदय जी
आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हुई आखिर दमोह नगरपालिका के इन लापरवाह अधिकारियो
और ठेकेदार के भ्रष्टाचार को किसका संरक्षण प्राप्त है। निश्चित रूप से
दमोह नगरपालिका में इतने बड़े घोटाले हो रहे हैं। तो इन भ्रष्टाचार
अधिकारियों को कैसे संरक्षण दिया जा रहा है। श्रीमान जी से प्रार्थना है कि पुराने पुलिस कंट्रोल रूम से फिल्टर कालोनी
तक, बजरिया वार्ड नंबर 06 मैन रोड से नर्सिंग सेन्टर तक और पी.डब्लू.डी.
क्वार्टर से रेस्ट हाउस के पीछे तक के टेंडर के पहले हुऐ निर्माण कार्य की
जांच कर उक्त कार्य के बिल के भुगतान को रोककर संबंधित ठेकेदार की राशि को
राजसात की जावे। साथ ही जांच में जो भी अधिकारी दोषी पाए जाए तो उनसे राशि
की वसूली कर उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाया जावे।
हिन्दी लेखिका संघ की काव्य गोष्ठी सम्पन्न
दमोह। संस्था की सक्रीय सदस्य सीमा जैन के निवास पर हिन्दी लेखिका संघ दमोह की ग्रीष्म कालीन मासिक काव्य गोष्ठी पद्मा ओजेन्द्र तिवारी के मुख्यातिथ्य, संस्था अध्यक्ष पुष्पा चिले की अध्यक्षता एवं अंजु सेठ के विशिष्टातिथ्य में सम्पन्न हुई। माँ वीणा पाणी के पूजन पश्चात् सरस्वती वंदना मनोरमा रतले ने प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संचालन डॉ प्रेमलता नीलम ने किया। आभार मनोरमा रतले माना।अध्यक्षीय उद्वोधन में पुष्पा चिले ने कहा कि सत्यपथ पर चलते
हुए साहित्य सृजन करें तो आत्मसंतुष्टि के साथ एक दिन सफलता के शिखर पर
अवश्य पहुँचेंगे। उन्होंने स्मारिका सुरम्या और वार्षिक कार्यक्रम के विषय
में भी चर्चा की। डॉ.प्रेमलता नीलम ने रचनाकार बहनों की सराहना करते हुए
कहा कि संस्था की बहनों के लेखन में निरंतर निखार आ रहा है और संस्था अपने
उद्देश्य में सफल हो रही है। आराधना राय, अर्चना नामदेव, अंजु सेठ, अर्चना
राय, मनोरमा रतले, सुलक्षणा हजारी, सीमा जैन, पद्मा ओजेन्द्र तिवारी,
डॉ.प्रेमलता नीलम, पुष्पा चिले ने ग्रीष्म, पर्यावरण, संस्कृती, परम्पराओं,
माता पिता एवं नयी पीढी के लिए शिक्षात्मक कविताओं का पाठ किया। माया जैन,
हेमलता जैन, नेहा जैन, मोनिका जैन, कविता जैन आदि बहनों की उपस्थिति रहीं।
नगर पालिका क्षेत्र दमोह की सीमा वृद्धि के पश्चात वार्डों के आरक्षण प्रक्रिया शुरू किये जाने सौंपा ज्ञापन
दमोह। दमोह कलेक्टर के नाम एक जागरूक लोगों द्वारा ज्ञापन सौंपा गया जिसमें
नगरपालिका दमोह की सीमा वृद्धि कर आसपास के ग्रामों को दमोह नगरपालिका में
सम्मिलित करने के बाद ही वार्डों की आरक्षण प्रक्रिया को संपन्न करने की
मांग की गई।
ज्ञापित पत्र में उल्लेख है कि नगर
पालिका क्षेत्र दमोह के सीमा वृद्धि की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। दावे
आपत्ति का निराकरण होने के पश्चात महामहिम राज्यपाल महोदय के हस्ताक्षर भी
हो चुके हैं, मात्र सीमा वृद्धि का अंतिम प्रकाशन शेष है जो दमोह कलेक्टर
के माध्यम से होना है। सीमा वृद्धि की प्रक्रिया के कारण दमोह नगर पालिका
क्षेत्र के आवास सूची जारी (ग्रामोदय) नहीं हो पाई है इस कारण दमोह नगर के
आसपास के गाँवों को वर्ष 2016 से प्रधानमंत्री आवास का लाभ भी नहीं मिल पा
रहा है यदि सीमा वृद्धि लागू नहीं की जाती है तो इन ग्रामों को पी.एम. आवास
योजना का लाभ अगले पाँच वर्ष तक और नहीं मिल पायेगा। नगर पालिका क्षेत्र
में शामिल न हो पाने से समीपस्थ ग्रामों इमलाई, सिंगपुर, हिरदेपुर.
आमचौपरा, पिपरिया नायक, पिपरिया दिगंबर, दमयन्ती नगर (मढ़ाहार), समन्ना को
पेयजल व मूलभूति सुविधायें नहीं मिल पा रही हैं। इन्हीं मूलभूत सुविधाओं के
लिये ही उक्त ग्रामों ने नगर पालिका क्षेत्र में सम्मिलित होने की सहमति
दी थी। वर्तमान में दमोह नगरपालिका की प्रत्येक वार्ड की जनसंख्या का
अनुपात समान नहीं पूर्व में जारी दिशा निर्देश के अनुसार नगरीय निकाय के
प्रत्येक वार्ड 15% की जनसंख्या 4,000 से अधिक होनी चाहिये। चूँकि नगर
पालिका अध्यक्ष का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से वार्ड पार्षदों के माध्यम से
होना है इसलिये प्रत्येक पार्षद की प्रतिनिधित्व क्षमता समान अनुपात में
होना आवश्यक है।
नगर पालिका दमोह के वार्डो की मतदाता संख्या समान अनुपात
में न होकर विभिन्न अनुपात में है। किसी वार्ड का पार्षद 1500 मतदाताओं का
प्रतिनिधित्व करता है और किसी वार्ड का पार्षद 6000 मतदाताओं का
प्रतिनिधित्व करता है जो कि न्यायसंगत नहीं है। इस संबंध में पूर्व में
समय-समय पर पत्राचार किया गया है परंतु कोई संतुष्टि पूर्ण हल नहीं निकला
है। अतः दमोह नगर पालिका एवं उससे लगे हुये ग्रामों इमलाई, सिंगपुर,
हिरदेपुर मढ़ाहार (दमयंती नगर, न्यू दमोह), पिपरिया नायक, पिपरिया दिगंबर,
आमचोपरा और समन्ना) के निर्वाचन के पूर्व सीमा वृद्धि का प्रकाशन करते हुये
वार्डो के परिसीमन उपरांत आरक्षण करते हुये चुनाव कराये जाये। ज्ञापन सौंपने वालों में नीलेश कुमार जैन, संतूलाल रोहित, संदीय यादव मयंक राजपूत मनीष जैन रहे।



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