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शनि जयंती महोत्सव आज.. एसपीएम नगर शनि मंदिर में होंगे विविध आयोजन.. इधर सोमवती अमावस्या को लेकर बांदकपुर ट्रस्ट कमेटी ने की तैयारियां.. प्रीति गौतम महिला कांग्रेस में प्रदेश सचिव मनोनीत..राष्ट्रीय मंचों पर धूम मचाने वालो में दमोह के ताबिश नैयर अव्वल..

एसपीएम नगर स्थित शनि मंदिर में विविध आयोजन 

दमोह शनि जयंती आज सोमवार को एसपीएम नगर स्थित श्री शिव शनि हनुमान मंदिर में बड़े ही धूमधाम के साथ मनाई जाएगी। जिले के प्रसिद्ध शनि मंदिर में शनि जयंती महोत्सव के अवसर पर जहां समुचित दिन भव्य आयोजन होंगे जिसमें शनि देव का पूजन, अभिषेक के अलावा शाम 5 बजे से हवन पूजन आदि का कार्यक्रम किया जाएगा। सोमवती अमावस्या के दिन 30 मई सोमवार को शनि जयंती का आयोजन किया जा रहा है। श्री शिव शनि हनुमान मंदिर के पुजारी पं बालकृष्ण शास्त्री ने सभी धर्म प्रेमियों से इस धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है।


 एसपीएम नगर स्थित श्री शिव शनि हनुमान मंदिर की स्थापना 20 वर्ष पूर्व में की गई थी। यहां पर प्रतिवर्ष शनि जयंती के अलावा अनेक धार्मिक आयोजन होते रहते हैं। इसके अलावा यहां पर सवा करोड़ शिवलिंग निर्माण का आयोजन सुमेरु काशी पीठाधीश्वर जगत गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज के सानिध्य में हो चुका है। वही प्रसिद्ध भजन सम्राट विनोद अग्रवाल के भजनों का आयोजन भी शनि मंदिर परिसर में हो चुका है।

सोमवार को शनि जयंती होने से इसका विशेष महत्व बताया गया है। सोमवती अमावस्या के साथ-साथ बट सावित्री अमावस्या का व्रत भी इस दिन है। शनि जयंती सोमवार के दिन होने के कारण सोमवती अमावस्या का निर्माण करती है। जो कि स्नान दान एवं पूजा के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण मानी गई है। इस वर्ष 30 मई सोमवार को शनि जयंती के साथ सोमवती अमावस्या बट सावित्री व्रत का भी संयोग बना है, जो कि बेहद महत्वपूर्ण है। पं बालकृष्ण शास्त्री एवं पं आचार्य आशुतोष गौतम शास्त्री के अनुसार 30 मई का दिन शनि से पीड़ित जातकों के लिए पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए एवं जिन पर  साढ़ेसाती या अढ़ेया  लगी है उनके निदान के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहते हैं। यह वर्ष में लगभग एक या दो बार ही पड़ती है। इस अमावस्या का हिंदू धर्म में विशेष महत्व होता है। विवाहित स्त्रियों द्वारा इस दिन अपने पतियों के दीर्घायु कामना के लिए व्रत का विधान है। इस दिन मौन व्रत रखने से सहस्त्र गोदान का फल मिलता है। शास्त्रों में इसे अश्वत्थ अमृत का भी संज्ञा दी गई है। अश्वत यानी पीपल वृक्ष इस दिन विवाहित स्त्रियों द्वारा पीपल के वृक्ष की दूध,जल, पुष्प ,अक्षत, चंदन इत्यादि से पूजा और  वृक्ष  के चारों ओर 108 बार धागा लपेट कर परिक्रमा करने का विधान होता है और कुछ अन्य परंपराओं से मैं भंवरी देने का भी विधान होता है। इसी प्रकार शनि मंदिर में जाकर पूजन अर्चन कर तेल से अभिषेक कर तथा काला वस्त्र ,कील तिल सहित अन्य सामग्री से पूजन कर शनिदेव को प्रसन्न किया जा सकता है।

बांदकपुर मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों ने किया निरीक्षण
दमोह। स्थानीय देव श्री जागेश्वर नाथ जी मंदिर ट्रस्ट कमेटी के सदस्यों के द्वारा आज मंदिर में व्यवस्थाओं काे लेकर निरीक्षण किया गया ट्रस्ट कमेटी के मंत्री अधिवक्ता पंकजह र्ष श्रीवास्तव ने बताया कि साेमवार काे साेमवती अमावस्या वटसावित्री व्रत एवं शनि जयंती पर्व के चलते अधिक संख्या मे दर्शनार्थियाे के आने की संभावना काे देखते हुए ट्रस्ट कमेटी ने मंदिर प्रबंधन काे आवश्यक दिशा निर्देश दिए है।
 जिसमे साफ सफाई जल व्यवस्था से लेकर समस्त व्यवस्था रहे जिससे दर्शनार्थियाे काे किसी भी प्रकार की परेशानी ना हाे ट्रस्ट कमेटी के प्रबंधक रामकृपाल पाठक ने बताया कि कमेटी के निर्देशानुसार समस्त व्यवस्थाए की गई है।

प्रीति गौतम महिला कांग्रेस में प्रदेश सचिव मनोनीत

दमोह। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की सहमति से मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती विभा पटेल द्वारा महिला कांग्रेस के प्रदेश पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई है जिसमें दमोह से सक्रिय रुप से कार्य करने वाली एवं सामाजिक गतिविधियों में हमेशा सक्रिय रहने वाली प्रीति गौतम को मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस कमेटी में प्रदेश सचिव बनाया गया है।

 इसके अलावा उन्हें मध्य प्रदेश कांग्रेस आजीविका प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष आशीष शर्मा द्वारा मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ एवं प्रभारी जे पी धनोपिया की सहमति से आजीविका प्रकोष्ठ दमोह का जिलाध्यक्ष भी नियुक्त किया है। इन नियुक्तियों पर स्थानीय विधायक अजय टंडन, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मनु मिश्रा सहित कांग्रेस के सभी प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों, कांग्रेस जनों ने बधाई देकर शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

राष्ट्रीय मंचों पर धूम मचा रहे हैं दमोह के ताबिश नैयर

दमोह।  ऊर्दू शायरी के क्षेत्र में दमोह का नाम हमेशा देश और प्रदेश में प्रसिद्धि पाता रहा है । बल्कि यूँ कहना अतिसंयोक्ति  नहीं होगी कि दमोह जिले को शायर नैयर दमोही के नाम से भी पहचाना जाता है । उसी परंपरा को आगे बढाते हुए शायर नैयर दमोही जी के पुत्र शायर ताबिश नैयर  जो बीते 1995 से राष्ट्रीय स्तर पर दमोह जिले का नाम रौशन कर रहे हैं। 

शनिवार को मुंगावली में नगरपरिषद ग्राउण्ड पर दरगाह हजऱत चाँदशाह बाबा र.अ. के 56 वे उर्स के अवसर पर आयोजित ऑल इंडिया मुशायरा में भाग लिया । जहाँ देश के राष्ट्रीय ,अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शायरों के बीच ताबिश नैयर ने जिले का प्रतिनिधित्व किया और शानदार गज़लें पढ़ी जमकर वाहवाही लूटी।
दुष्यन्त कुमार सम्मान प्राप्त शायर ताबिश नैयर अपने पिता नैयर दमोही जी के नक्शे कदम पर चलते हुए जिले का नाम सारे देश भर में अपनी शायरी और तरन्नुम से प्रसिद्ध कर रहे हैं। अपने पिता के बाद ताबिश देश प्रदेश में आयोजित होने वाले मुशायरों में सबसे ज्यादा भाग लेते है।

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