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श्रमण संस्कृति संस्कार शिविर बच्चों की परीक्षा के साथ संपन्न, आज निकलेगी प्रभात फेरी, कल पुरस्कार वितरण.. इधर झलोन संस्कार शिक्षण शिविर के सातवें दिन मुनि श्री के अमृत वचन.. बूंदाबहू मंदिर ट्रस्ट कराएगा 2100 सामूहिक सुन्दरकाण्ड पाठ..

 संस्कार शिविर बच्चों की परीक्षा के साथ संपन्न

दमोह। श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर द्वारा आयोजित आठ दिवसीय समारोह के अंतिम दिन बच्चों बालिकाओं एवं महिलाओं में खासा उत्साह देखा गया। आज विभिन्न विषयों की परीक्षाएं भी संपन्न हुई।
 इस अवसर पर आर्यिका रत्न मृदुमति माताजी ने कहा इस शिविर के माध्यम से समूची समाज का जागरण हुआ है ऐसी शिविर समाज में सोई हुई प्रतिभाओं को निखारने में सहयोगी साबित होते हैं। डॉ प्रदीप जैन ने कहा कि यह शिविर कई मायनों में एक उपलब्धि साबित होगा। आगे चलकर हमें इतना व्यापक प्रचार-प्रसार नहीं करना पड़ेगा अपितु यह आधारशिला भविष्य के निर्माण हेतु मील का पत्थर साबित होगी। 
शिविर में सांगानेर से पधारे विद्वानों ने विभिन्न विषयों की जानकारी बच्चों को प्रदान की साथ ही ब्रह्मचारिणी पुष्पा दीदी ने अपने प्रवचनों के माध्यम से श्रावकों को जैन धर्म के मूल सिद्धांतों से अवगत कराया ।   शिविर में भाग 1 वा भाग 2 की परीक्षाएं संपन्न हुई। कल सुबह 7:30 बजे प्रभात फेरी नगर के विभिन्न मार्गो से होकर निकाली जाएगी साथ ही शेष बचे विषयों की परीक्षाएं भी संपन्न होगी। 
मीडिया प्रभारी मानव बजाज ने बताया 20 मई को सभी प्रतियोगिताओं के पुरस्कार वितरण समारोह एवं सामूहिक भोज का भी आयोजन किया गया है। तत्पश्चात श्री दिगंबर जैन पंचायत द्वारा बाहर से पधारे विद्वानों शिक्षकों एवं समिति के सभी सदस्यों का सम्मान भी रखा जाएगा।

श्रमण संस्कार शिक्षण शिविर में मुनिश्री के अमृत वचन

दमोह। झलोन के श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे श्रमण संस्कार शिक्षण शिविर में संतो द्वारा संस्कृति का ज्ञान दिया जा रहा है। शिविर के सातवें दिन मुनि श्री सुदत्त सागर महाराज ने कहा कि जहां ग्रहण करने योग्य गुरु के वचन हैं और छोड़ने योग्य पाप व्यसन अन्याय अनीति है। जिसका मन पवित्र है वही मनुष्य शुद्ध कहलाता है जिसको अपने पराए हित अहित का ज्ञान हैं वही वास्तव में पंडित है। जीव का शत्रु प्रमादी जीवन अकर्मण्य है जो सुंदर स्त्रियों के नेत्र बाणों से विचलित नहीं होते वही शूरवीर है। कर्णो की अंजुली से सद्गुरुओं का सदुपदेश पीने योग्य है। पांच इंद्रियों के विषय लुटेरे हैं। 
श्रमण संस्कार शिक्षण शिविर के दौरान क्षुल्लक चंद्रदत्त सागर ने बालक बालिकाओं को जैनत्व का बोध कराते हुए दाता के सात गुण , श्रद्धा, भक्ति आलोभ, विज्ञान, क्षमा, सत्य के बारे में बता कर पात्र और दाता की विशेषता एवं गुण बताएं। उन्होंने कहा कषायों से बचें, क्रोध मान माया लोभ रूपी कषाय हमें कषायी बना रहे हैं।  उन्होंने तीर्थंकर, णमोकार, व्यसनों के बारे में ज्ञान दिया और कहा अपने कुलाचारों को ध्यान रखकर मर्यादा पूर्वक जीवन जीना चाहिए।
 जितेंद्र शास्त्री ने कहा की एकीभाव स्त्रोत की रचना वादिराज आचार्य  ने की थी उन्होंने कहा मोह रूपी ताले को खोलने की चाबी परमात्मा की भक्ति है शिवरार्थी भीषण गर्मी में भी सुबह, दोपहर, शाम और रात्रि में धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं। श्री चंद्रप्रभु दि. जैन मंदिर में  दशलक्षण जैसा माहौल है। दिगंबर जैन समाज के द्वारा आयोजित शिविर में 19 मई को शिवरार्थियो परीक्षा होगी।

बूंदाबहू मंदिर मे होगे 2100 सामूहिक सुन्दरकाण्ड पाठ
दमोह। स्थानीय देव श्री जानकी रमण जी बूंदाबहू मंदिर ट्रस्ट के द्वारा सम्पूर्ण नगर मे ईक्कीस साै सुन्दरकाण्ड पाठ कराए जाएंगे ट्रस्ट के प्रभारी अध्यक्ष कीरत सिंह ठाकुर ने बताया कि धार्मिक तथा आध्यात्मिक केंद्र श्री देव जानकी रमण जी बूंदा बहू मंदिर दमोह के पुजारी जी तथा ट्रस्ट कमेटी ने 2100 सौ सुंदरकांड पाठ का कार्यक्रम तय किया है पुजारी रामेश्वर प्रसाद शर्मा  बतलाया है कि चार नवरात्रि में से आषाढ़ माह में होने वाली नवरात्रि 30 जून से प्रारंभ हो रही हैं तथा इसी दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है साथ ही पुष्य नक्षत्र का योग इसी तारीख को रात्रि में आकर 1 जुलाई को श्री जगदीश स्वामी जी रथ यात्रा के दौरान रहेगा  इस शुभ मुहूर्त मे  देश की समृद्धि के लिए 21 सौ सुंदरकांड पाठ समस्त नगरवासियो के सहयोग से  कराए जा रहे हैं ट्रस्ट कमेटी के द्वारा आग्रह किया गया है की मंदिर के पुजारियों एवं ट्रस्ट कमेटी लिपिक  मनोज सोनी  राजेश उपमन जी से नगरवासी सामूहिक सुन्दरकाण्ड पाठ मे सम्मिलित होने के लिए पंजीयन करा सकते है


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