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गायत्री जयन्ती पर विविध आयोजन सम्पन्न.. गर्ल्स कालेज चुनाव प्रचार प्रसार भाषण प्रतियोगिता में आस्था जैन प्रथम.. खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने ओम साईं राम बेवरेजेस में सेंपलिंग की.. कोपरा व सुनार लिंक होगी नर्मदा नदी से केंद्र सरकार ने किया अनुमोदन..

 गायत्री जयन्ती पर विविध आयोजन सम्पन्न

दमोह। गायत्री जयंती के अवसर पर गायत्री परिजनों द्वारा 2 दिन की विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिन का समापन भव्य दीपयज्ञ के साथ हुआ। दीपयज्ञ कराते हुए जिला समन्वयक पं बीपी  गर्ग ने गायत्री एवं गंगा के आगमन की एक ही तिथि को मात्र संयोग ही नही बताया बल्कि आदि शक्ति माता गायत्री का ही दिखने वाला स्वरूप परिभाषित किया। गायत्री की शक्ति से ही ब्रह्मा जी ने सृष्टि का निर्माण किया, विष्णुजी सृष्टि पालन करते हैं एवँ सदाशिव सृष्टि का संहार करते है। भगवान विष्णु जी के जितने भी अवतार हुए चाहे मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम या भगवान योगेश्वर कृष्ण, सभी गायत्री साधना करते थे। आज भी जो नित्य संध्या की जाती है उसमें भी तो गायत्री मंत्र का ही जाप किया जाता है। गायत्री सदबुध्दि की अधिष्ठात्री देवी है, तो गंगा पतितपावनी हैं । एक ही सिक्के के दो पहलू।

इसी दिन 2 जून 1990 को गायत्री परिवार के संस्थापक, युगऋषि, वेद मूर्ति , तपोनिष्ठ पं श्रीराम शर्मा आचार्य जी ने घोषणा पूर्वक अपना शरीर छोड़ा। उन्होंने अखंड ज्योति पत्रिका के अप्रेल 1990 के अंक में संकेत दे दिया था कि वह अपना भैतिक शरीर छोड़ने की तिथि निर्धारित कर चुके है। यह घोषणा कोई अवतारी चेतना ही कर सकती है।
प्रथम दिवस प्रातः 6 बजे से शाम 6 बजे तक गायत्री मंत्र का अखंड मौन जप होता रहा। दिन भर में सैकड़ो नर नारियो, एवँ बच्चों ने लगभग 6 लाख मंत्रो का जाप किया। द्वितीय दिवस प्रातः गायत्री माता, गंगा मैया एवँ गुरुदेव का पूजन परिव्राजक पं वीरेंद्र गर्ग ने विधि विधान से कराया, तत्पश्चात हस्तलिखित गायत्री मंत्र की 114 पुस्तिकाओं का पूजन हुआ जिनमे 1 लाख  89 हज़ार मंत्रो को परिजनों ने लिखा है , उन पुस्तिकाओं को शक्तिपीठ में पूर्व में प्रतिष्ठित मंत्र लेखन पुस्तिकाओं के साथ स्थापित किया गया। यज्ञ में भी सैकड़ो महिला पुरुषों ने अपनी एक बुराई छोड़ने का संकल्प करते हुए यज्ञभगवान के समक्ष अपनी अपनी आहुतियां समर्पित की। 
मंत्र लेखन करने वाले श्री बी डी श्रीवास्तव, सुभाष दुबे, श्रीमती अर्चना राय, श्रीमती विमला नामदेव श्रीमती अनिता, एवं गायत्री  तपोभूमि मथुरा में सम्पन्न कन्या कौशल शिविर में भागीदारी करने वाली श्रींमती सुधा गुप्ता एव कु आशी गुप्ता का तिलक लगाकर एवँ माला पहिनकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर अनेक संस्कार भी निशुल्क सम्पन्न किये गए।

भाषण प्रतियोगिता में आस्था जैन प्रथम.. 

दमोह। शासकीय कमला नेहरू महिला महाविद्यालय दमोह में प्राचार्य की अध्यक्षता में स्थानीय निर्वाचन के व्यापक प्रचार.प्रसार हेतु सेंस गतिविधियों के अंतर्गत भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। 

इस प्रतियोगिता में 15 प्रतिभागियों ने सहभागिता सुनिश्चित की जिसमें प्रथम स्थान आस्था जैन एमएससी चतुर्थ सेमेस्टर द्वितीय स्थान गरिमा जैन एमएससी चतुर्थ सेमेस्टर एवं तृतीय स्थान फलक नाज एमएससी द्वितीय सेमेस्टर ने प्राप्त किया। प्रतियोगिता में महाविद्यालय के प्राध्यापक सहायक प्राध्यापक एवं भाषण प्रतियोगिता की समिति के सदस्य उपस्थित थे

ओम साईं राम बेवरेजेस में सेंपलिंग की..

दमोह। कलेक्टर एस कृष्ण चैतन्य द्वारा दिये दिये निदेर्शों के तहत डीओ खाद्य सुरक्षा प्रशासन डॉ संगीता त्रिवेदी के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी राकेश कुमार अहिरवाल ने निरीक्षण कार्यवाही करते हुए आम चौपरा में ओम साईं राम बेवरेजेस प्रो राहुल परिहार का औचक निरीक्षण किया एवं विक्रय हेतु संग्रहित ज़ेस्ट पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर के नमूनें जांच हेतु लिए हैं। 

फैक्ट्री में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर का निर्माण रिवर्स ऑस्मोसिस ओज़ोनेशन सैंड फिल्टरेशन एक्टिवेटिड चारकोल फिल्टरेशन एवं यूव्ही ट्रीटमेंट विधि से होते हुए पाया गया है। उक्त ज़ेस्ट पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर के नमूनों को जांच हेतु भोपाल स्तिथ राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर अगर उक्त ज़ेस्ट पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर के नमूनें मानक स्तर के नहीं पाए जाते हैं तो फैक्ट्री संचालक के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। 

कोपरा व सुनार लिंक होगी नर्मदा नदी से केंद्र सरकार ने किया अनुमोदन

दमोह। बुंदेलखंड की जीवनदायिनी सुनार व कोपरा नदी नर्मदा नदी से जोड़ने की मुहिम दमोह के युवा नेता गौरव पटेल ने छेड़ी थी जिसके लिए किसानों को लेकर पथरिया से बरमान घाट तक बाइक रैली की थी कांग्रेसी युवा नेता गौरव पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि उनके द्वारा केंद्र सरकार को कई पत्र लिखे व विधानसभा में प्रश्न लगवाए राष्ट्रपति का ज्ञापन दिया था जिसके बाद 19 जून को भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय व जल संसाधन नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग द्वारा नदी जोड़ने की परियोजना के तहत बुंदेलखंड की सुनार नदी नर्मदा नदी से जोड़ने के लिए अनुमोदन कर दिया गया है..

जल शक्ति मंत्रालय जल संसाधन नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग के कमिश्नर खुशाल कुमार द्वारा दमोह के गौरव पटेल को पत्र के माध्यम से जानकारी दी गई है जिसमें बताया गया आपके प्रयासों से सुनार कोपरा नदी को नर्मदा नदी से जोड़ने के लिए संसद में प्रस्ताव पारित करने के बाद एनडब्ल्यूडी द्वारा इसका अनुमोदन कर दिया गया है विद्युत हॉकी सुनार व कोपरा नदी की नर्मदा नदी की दूरी सैटलाइट मैप के अनुसार 30 किलोमीटर दूर है जिसमें सागर जिले की रैली देवरी के साथ ही दमोह जिले के हटा पथरिया दमोह के किसान नर्मदा का पानी इन नदियों के माध्यम से लाने के लिए प्रयास कर रहे थे इस दौरान पद यात्रा भी की गई थी जिसमें दोनों जिलों के किसान शामिल हुए थे जिसमें पक्ष रखा गया था कि जल विवाद न्यायाधिकरण के आवंटन पानी का एक तिहाई पानी इस्तेमाल नहीं कर पा रहा है जो लगभग 6 मिलियन एकड़ फुट पानी है वर्ष 2024 तक मध्य प्रदेश को उपयोग करना है नदी के पानी को उसके आसपास के क्षेत्रों नदी से बारिश में सूख जाती है नर्मदा के जल को सही उपयोग कर बुंदेलखंड के सागर दमोह जिले की गौरव पटेल ने सुनार नदी को नर्मदा से लिंक करने के लिए जो सुझाव दिया था उसमें नरसिंहपुर जिले की नींम वाली घाटी नामक स्थान से सुनार नदी को जोड़ा जा सकता है सुनार से कोपरा नदी को जोड़ा जा सकता है.

गौरव पटेल ने बताया कि नर्मदा का पानी बुंदेलखंड के सागर जिले हुआ दमोह जिले व आगे पन्ना जिले तक सुलभता से पहुंचाया जा सकता है। केंद्रीय जल मंत्री राजेंद्र सिंह शेखावत को 18 अप्रैल को दमोह आगमन पर ज्ञापन सौंपा था जिसमें बताया गया था कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 250 एकड़ की नर्मदा लिंक परियोजना का प्रोजेक्ट तैयार किया गया था इस परियोजना के तहत नर्मदा नदी को जिले की सुनार व कोपरा व बिहार में नदी से लिंक किया जाना है नदियों से जाने वाली बुंदेलखंड के एक बड़े हिस्से की समस्या से निजात मिलने का अनुमोदन कर दिया गया है वाला पटेल ने जानकारी देते हुए बताया की इस प्रोजेक्ट से पथरिया जनपद सद्गुआं सेक्टर सहित तमाम आसपास के क्षेत्रों को जो बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं उन्हें जल संकट से निजात मिल सकेगी इसके लिए मेरे द्वारा शुरू से ही प्रयास किए जाते रहे हैं जिसके अनुमोदन के बाद उन्होंने खुशी जताते हुए कहा है कि यह मेरी नहीं संपूर्ण क्षेत्र की सफलता है और इस प्रोजेक्ट से संपूर्ण क्षेत्र खुशहाल होगा।

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