हिन्दू गर्जना मंच ने किया गणेश पंडालों का भ्रमण
दमोह।
हिन्दू गर्जना मंच वर्षों से शहर के घंटाघर
पर गणेश विसर्जन चल समारोह का आयोजन किया जा रहा है। चल समारोह के पूर्व
हिन्दू गर्जना मंच के द्वारा नगर में विभिन्न जगहों पर स्थापित गणेश
पंडालों का देर रात्रि तक भ्रमण किया गया। इस संबंध में हिन्दू गर्जना मंच के जिला संयोजक कपिल सोनी ने बताया है कि दमोह विगत 25 वर्षों से लगातार घंटाघर पर गणेश विसर्जन चल
समारोह का आयोजन किया जाता है। कोरोना काल में उक्त आयोजन नहीं हो सका
कोरोना के बाद यह पहला अवसर है। जब घंटाघर पर गणेश विसर्जन चल समारोह का
आयोजन होगा।
श्री सोनी ने नगर में स्थापित समस्त
गणेश पंडालों के आयोजकों से 09 सितंबर को आयोजित चल समारोह में अखाड़े
सहित शामिल होने की अपील की गई है। इस दौरान
प्रमुख रूप दमोह नगरपालिका की पूर्व अध्यक्ष मालती असाटी, पार्षद कविता
राय, इंजीनियर अमर सिंह राजपूत, अनुनय श्रीवास्तव, मंजू राजपूत, लता
केसरवानी, मनोरमा रतले, मोंटी रैकवार, दिलीप चौरसिया नरेंद्र रजक सहित
प्रमुख जनों की मौजूदगी रही।
नोहटा में
गणेश महा आरती में भक्तों का जनसैलाब उमड़ा
नोहटा। भगवान गणेश का आगमन बुधवार को गणपति के भक्तों के लिए ढेर सारी खुशियां
लेकर आया । दमोह जिले के नोहटा में स्टार नगर गणेश उत्सव समिति द्वारा करीब
10 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई है। और पूरे विधि
विधान से गणपति का आह्वान किया। नगर में झांकियां देखी जा सकती हैं। नगर
में मुख्य मार्गों पर भी गणेश प्रतिमा स्थापित की गई है। बस स्टैंड के पास
स्टार नगर नोहटा में विराजमान गणपति बप्पा की विशाल मूर्ति भक्तों के लिए
दर्शन का केंद्र बना हुआ है।
श्रद्धालुओं ने गणपति बब्बा से सुख समृद्धि व
निरोगी काया का आशीर्वाद मांगा। एवं जयकारों से पूरा पंडाल गूंज उठा। वैसे
शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों और पचम्बा में दर्जनों भव्य पूजा पंडाल बनाए गए
हैं. जहां श्रद्धालुओं की भीड़ गणपति बप्पा के दर्शन को उमड़ रही है। पहले
दिन से हि वैदिक मंत्रोच्चारण से लेकर अब तक भगवान गणेश की पूजा-अर्चना से
शहर का वातावरण भक्तिमय बना रहा है। गणेश उत्सव को लेकर लोगो के बीच विशेष
उत्साह देखा जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को भक्तजनों ने विधि विधान
के साथ हवन पूजन किया एवं समिति द्वारा भंडारे का आयोजन किया गया। जितेंद्र राठौर नोहटा
कुंडलपुर में नेमी राजुल नाटिका की शानदार प्रस्तुति
दमोह।
पूज्य बड़े बाबा की अतिशय स्थली सिद्ध क्षेत्र कुंडलपुर में पर्वराज
दशलक्षण महापर्व पर धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम मची हुई है
।रात्रि में भव्य आरती नृत्य के पश्चात नेमी राजुल विवाह नाटक की आकर्षक
सुंदर प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। प्रचार मंत्री जयकुमार जलज ने
बताया कि सर्वप्रथम मंगलाचरण की खूबसूरत प्रस्तुति रोमिल जैन एवं विक्रांत
जैन द्वारा की गई। राजकुमार नेमिकुमार का विवाह राजा उग्रसेन रानी जयावती
की कन्या राजुलमती के साथ होना सुनिश्चित हुआ ।नेम कुमार की बारात जूनागढ़
में राजा उग्रसेन के महल पहुंचती है जहां एक बाड़ा में हिरण समूह व अन्य
पशुओं के करुण क्रंदन सुन कर राजकुमार नेमिकुमार ने कारण जानना चाहा यह
पशु समूह क्यों एकत्रित किए गए ।सेवकों ने बताया आपके विवाह में इन सभी को
अतिथियों के भोज हेतु लाया गया है। तत्क्षण नेमिकुमार की पशुओं के प्रति
अत्यधिक करुणा जागृत हो गई , उन्हें शीघ्र ही भोगों से वैराग उत्पन्न हो
गया और दीक्षा धारण कर ली ।राजुल भी प्रभु के पीछे तपश्चरण के लिए चल दी
।नेमी और राजुल का अभिनय श्रीमती सुरभि और शैली जैन ने किया। संस्कार और
श्रीमती शिखा ने जहां एक ओर नाटक की तैयारी करवाई वहीं उन्होंने नेमि कुमार
के माता पिता का अभिनय किया। कार्यक्रम के अन्य पात्र विभा जैन, राजुल
जैन ,सिद्धि, चंचल ,गुनगुन ,अंशी आयुषी ,रानी ज्योति ,सेजल ,हर्षित ,पारस
सिद्धांत आदि एवं अन्य बहुत से लोगों ने नाटक में भाग लिया। राजकुमार नेमी
कुमार की बारात विद्या भवन कार्यक्रम स्थल से हथकरघा श्रमदान दुकान तक
घूमते हुए विद्या भवन में आई, जहां बारात का भव्य स्वागत किया गया। नेमी
राजुल के विवाह एवं दीक्षा की सुंदर प्रस्तुति की गई जिसकी दर्शकों द्वारा
भूरी भूरी सराहना की गई।
परिग्रह का अभाव ही आकिंचन्य धर्म है..मुनि श्री जी
कुंडलपुर
।सुप्रसिद्ध सिद्ध क्षेत्र कुंडलपुर में पर्व राज दशलक्षण पर्व के अवसर पर
श्रद्धालु भक्तों द्वारा धर्म आराधना कर पुण्यार्जन किया जा रहा है
।उत्तम आकिंचन्य धर्म के दिन प्रातः पूज्य बड़े बाबा के विशाल जिनालय में
भक्तांमर महामंडल विधान पुण्या र्जक शील चंद जैन विजय नगर दमोह परिवार
द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रथम कलश रिद्धि मंत्र शांति धारा करने का
सौभाग्य वैभव चोवरिया जिनेंद्र जैन जीतेश, नरेंद्र पचोरी सागवाड़ा राजस्थान
,अरुण कुमार अमन संगीता श्रुति श्रेया अजीत श्रेयांश विजेंद्र अक्षय
वैशाली परिवार जबलपुर को प्राप्त हुआ। शांति धारा का सौभाग्य प्रांजल विकास
अमित सेठ कमलेश परिवार शाहगढ़ सागर को प्राप्त हुआ ।भगवान पारसनाथ की
शांति धारा सक्षम प्राशुक आयुष सुभाष बमोरिया दमोह ,भागचंद जैन अक्षय जैन
परिवार कुंडलपुर दमोह, सुमित चंद राजकुमार जैन परिवार जबलपुर को सौभाग्य
प्राप्त हुआ ।छत्र चढ़ाने का सौभाग्य चिराग दिलीप पंचोली सागवाड़ा डूंगरपुर
एवं चंवर स्थापित करने का सौभाग्य राजकुमार जैन जबलपुर को प्राप्त हुआ।
दोपहर में विद्या भवन में भक्तांमर महामंडल विधान पुण्यार्जक अनिल जैन
पुजारी परिवार के द्वारा संपन्न हुआ । जय कुमार जलज ने बताया दश लक्षण पर्व
के अंतिम दिवस 9 सितंबर को भगवान वासुपूज्य का निर्वाण महोत्सव मनाया
जाएगा।इस अवसर पर निर्वाण लाडू चढ़ाया जाएगा। संत शिरोमणि पूज्य आचार्य
श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री निरंजन सागर जी महाराज ने
उत्तम आकिंचन्य धर्म पर प्रवचन देते हुए बताया आत्मा के सिवाय अपना कुछ भी
नहीं है ।जहां कुछ भी अपना नहीं होता इस प्रकार का बोध आकिंचन्य है
।मुनिश्री ने कहा जिसको सार समझ आ गया उसे विस्तार की जरूरत नहीं। शरीर अलग
है पुद्गल अलग है। मन वचन काया की प्रवृत्ति योग है। मनुष्य की विकृति को
मूर्छा कहा है। मुनि श्री ने स्वरचित काव्य पंक्तियां बीच-बीच में सुनाते
हुए कहा --कुछ भी नहीं साधु के पास देने के लिए फिर भी दुनिया खड़ी है लेने
के लिए ।गुरुवर की मुस्कान की झलक पाने दुनिया आतुर रहती। पूज्य गुरुवर ने
अनेक उपक्रम जन कल्याण हेतु प्रारंभ कराए हैं ।
मुनि श्री ने आगे कहा
परिग्रह से दुख ही है सुख नहीं। आकिंचन्य याने परिग्रह का अभाव ।अपने स्वयं
के शरीर में जो मूर्छा भाव है वह परिग्रह है। ममकार को हटाकर निर्ममत्व को
प्राप्त करना। दशलक्षण का सार आकिंचन्य और ब्रह्मचर्य को बताया । आकिंचन्य
को जीवन में उतार लिया तो समयसार को जीवन में उतार लिया ।सबसे पहले आत्मा
का हित करना ,शक्ति सामर्थ हो तो पर हित करें ।ख्याति पूजा लाभ में
अच्छे-अच्छे साधक भटक जाते दूध से जल खो गया तो खोया बन गया ।हमने छैना कई
बार बनाया पर आत्मा का छैना नहीं बनाया। हम सभी समयसार की गाथाओं को अपने
जीवन में उतारे। आकिंचन्य धर्म हमारे जीवन में आए ।अपने परिग्रह का परिमाण
करें। सायं काल बड़े बाबा की संगीत मय आरती भक्तांमर पाठ का आयोजन हुआ।
विद्या भवन में आरती ,नृत्य प्रवचन वयोवृद्ध प्रतिमाधारी महिलाओं का
सम्मान , एक मिनट प्रतियोगिता एवं जैन कव्वाली सांस्कृतिक कार्यक्रम की
प्रस्तुति हुई
नसिया मंदिर जी में हर्ष और उल्लास से दसलक्षण पर्व..
दमोह। नसिया मंदिर जी में हर्ष और उल्लास से मनाया जा रहा दसलक्षण पर्व, प्रतिदिन
प्रातः श्री जी का अभिषेक, शांतिधारा, पूजन भक्ति भाव से किया जा रहा है
आदरणीय भईया प्रदीप शास्त्री जी द्वारा सभी क्रियाएं विधि विधान द्वारा
संपादित की जा रही है तथा समस्त पूजन संगीतमय सम्पन्न की जा रही हैं
रात्रि में प्रत्येक धर्म पर प्रवचन श्री प्रदीप जी शास्त्री द्वारा किए जा
रहे हैं उसके उपरांत संगीत मय आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम सम्पन्न हो
रहे हैं
नवरात्र बैठकी व अग्रसेन जयंती पर हो अवकाश..
दमोह।
अग्रवाल समाज द्वारा महाराजा अग्रसेन जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने
के लिए माननीय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम एक ज्ञापन अपर
कलेक्टर को सौंपा गया जिसमें मांग की गई कि संपूर्ण देश में नवरात्रि के
पहले दिन बैठकी व उसी दिन महाराजा अग्रसेन जी की जयंती पड़ती है जो की
समस्त हिंदुओं का धार्मिक त्योहार है और पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ
मनाया जाता है
जिसको लेकर अग्रवाल समाज महाराजा अग्रसेन जयंती पर सार्वजनिक
अवकाश घोषित करने की मांग करता है जिसमें मुख्य रुप से अग्रवाल समाज के
वैसे महासम्मेलन के संभागीय अध्यक्ष राकेश अग्रवाल अध्यक्ष रवि शंकर
अग्रवाल महिला महासभा प्रदेश महामंत्री रमा अग्रवाल कोमल अग्रवाल विकास
अग्रवाल महेश अग्रवाल रवि अग्रवाल जुगल अग्रवाल शिवाय अग्रवाल ओम अग्रवाल
दीपांशु अग्रवाल आदि की उपस्थिति रही
दमोह।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत मौसम खरीफ 2022 हेतु कृषि एवं किसान
कल्याण भारत सरकार के निर्देशानुसार मेरी पॉलिसी मेरे हाथ कार्यक्रम का
शुभारंभ 15 सितम्बर से किया जायेगा । इस संबंध में कलेक्टर एस कृष्ण चैतन्य
ने आदेश जारी कर निर्देशित किया है कि प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर
ग्रामवार शिविर आयोजित कर फसल बीमा पॉलिसियों का वितरण बीमित कृषकों को
किया जाये। कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन हेतु उन्होंने
अधिकारियों.कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।




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