नगर के विभिन्न मार्गो से निकली साक्षरता मिशन पदयात्रा
दमोह। साक्षरता
मिशन पदयात्रा सुबह 10 बजे महाराणा प्रताप स्कूल से प्रारंभ हुई जो शहर के
प्रमुख्य मार्गो से होकर वापस महाराणा प्रताप स्कूल प्रांगण पहुंचकर
सम्पन्न हुई। पदयात्रा के दौरान मुख्य अतिथि के रूप के सिविल वार्ड 1 के
पार्षद रमेश राठौर की खास उपस्थिति रहीं।
इस अवसर पर उन्होंने छात्र-छात्राओ और आम जनता से शिक्षा में आगे आकर अपना योगदान देने को कहा एवं उपस्थित छात्र-छात्राओं को शिक्षा का महत्व समझाया। महाराणा प्रताप स्कूल के प्रधान अध्यापक प्रमोद गंगारा ने कहा कि यात्रा का मुख्य उद्देश्य आम जन मानस को शिक्षा का महत्व बताया और शासन एवं कलेक्टर महोदय के आदेशानुसा हम सबके द्वारा इस पदयात्रा का आयोजन किया गया जिसका मुख्य उद्देश्य शिक्षा को बढ़ावा देना है। इस अवसर पर स्टाफ के समस्त शिक्षक श्रीमती रतना खटीक, श्रीमती कंचन मिश्रा, श्रीमती रिजवाना खान, श्रीमती अनीता अहिरवाल, दीपक लहरी, समाजसेवा राजकुमार कछवाहा शेरू, ए.के.चिश्ती, श्रद्वा राठौर आदि की कार्यक्रम में उपस्थिति रही।
डीपीटी-टीडी वैक्सीनेशन अभियान तहत टीकाकरण
दमोह। सीएमएचओ
के निर्देशन में डीपीटी टीडी वैक्सीनेशन अभियान के तहत 8 सितंबर को शासकीय
उर्दू हायर सेकेंडरी स्कूल में 118 तथा महर्षि विद्या मंदिर में 150
बच्चों को टीडी के टीके लगाए गए। अर्बन सुपरवाइजर बीएम दुबे ने बताया की यह
अभियान 16 अगस्त से 12 सितंबर तक है जिसमें 5 वर्ष, 6 वर्ष, 10 वर्ष एवं
16 वर्ष के बच्चों को डिप्थीरिया, परट्यूसिस व टेटनस से बचाने के लिए
डीपीटी एवं टीडी के टीके लगाए जा रहे हैं
शासकीय उर्दू स्कूल के प्रभारी
प्राचार्य डॉ. आलोक सोनवलकर महर्षि विद्या मंदिर के प्राचार्य राजेश
दीक्षित का टीकाकरण में सराहनीय योगदान रहा। 6 केंद्रों में एएनएम पूजा
नामदेव, रोशनी डहेरिया, ज्योति ठाकुर, प्रीति अहिरवाल, सपना पटेल, दीपा
तिवारी, शीलू यादव, बबीता आदर्श, भारती पटेल कल्पना चनपुरिया एवं प्रिया
राय द्वारा टीके लगाए गए।
विश्व फिजियोथेरेपी दिवस पर जागरूकता कार्यशाला
दमोह। जिला अस्पताल के डीईआईसी.बाल संजीवनी भवन में विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर कार्यशाला का आयोजन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संगीता त्रिवेदी के निर्देश में किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि सिविल सर्जन डॉ ममता तिमोरी ने बताया कि बीमारी कोई भी हो अगर एक बार शरीर को जकड़ लेती है तो ठीक होने का नाम नही लेती हैं।
मेडीसिन के अंसतुलित सेवन से कई अन्य बीमारियां अपने आप शरीर में जन्म ले लेती है जिस कारण से व्यक्ति मानसिक रोगी तक बन जाता है। मेरा अनुभव हैं कि फिजियोथेरेपी बहुत सी बीमारियों में वरदान है इसमें आधुनिक मशीनों व सरल व्यायाम से असाध्य बीमारियों को ठीक किया जाता है। फिजियोथेरेपी का आज के समय में अस्पताल से लेकर अंतराष्ट्रीय खेल के मैदानो तक इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। अस्पताल के कई वार्ड जैसे आईसीयू ट्रामा आर्थो न्यूरो सर्जरी वार्ड प्रसव पूर्व व पश्चात महिलाओं को कमजोरी एवं दर्द से बचाने के लिए फिजियोथेरेपी वरदान है। फिजियोथेरेपी ही एक मात्र ऐसा उपचार है जो कि पूरी दुनिया में एक जैसा होता है इस उपचार के किसी भी प्रकार के दुष्परिणाम नहीं होते है।
कार्यशाला में फिजियोथेरेपिस्ट जिला चिकित्सालय दमोह डॉ रजनीष गांगरा एवं डॉ प्रीति ठाकुर ने बताया व्यक्तियो के गलत दिनचर्या के कारण शरीर के जोडो में दर्द व अन्य बीमारियों का जन्म होता है यदि व्यक्ति अपने उठने.बैठने चलने.फिरने काम करने व सोने के तरीकों में थोड़ा से परिवर्तन करले तो बहुत सी असाध्य बीमारियों से बचा जा सकता है। डॉ गांगरा ने आमजन से आग्रह करते हुये कहा कि फिजियोथेरेपी उपचार एवं परामर्श के लिए जिला चिकित्सालय में निःशुल्क उपचार लेने हेतु अधिक से अधिक संख्या में अवश्य आये। कार्यशाला में ओजस्वनी कॉलेज के फिजियोथेरेपी के छात्रों की उपस्थिति रही जिन्होनें अपनी जिज्ञासायों का समाधान भी पाया साथ ही कॉलेज के डॉ रूवेका डेविड डॉ कमलेश डॉ दीपचंद एवं डीईआईसी से मैनेजर नरेश राठौर एवं नव प्रकाश जैन संदीप पटैल शुभंम राठौर आदि की उपस्थिति रही।
गर्ल्स कालेज NSS इकाई द्वारा साक्षरता पर परिचर्चा
दमोह। शासकीय कमला नेहरू महिला महाविद्यालय की रासेयो इकाई द्वारा अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के उपलक्ष्य में शासकीय हाई स्कूल, हिरदेपुर दमोह में "साक्षरता के महत्व " पर परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय प्राचार्य डॉ जी पी चौधरी के मार्गदर्शन एवं डॉ डी के नेमा के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रदीप अग्रवाल द्वारा सभी वक्ताओं का स्वागत कर किया गया " साक्षरता के महत्व" विषय पर अपना वक्तव्य देते हुए वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ अवधेश जैन ने बताया कि किस प्रकार निरक्षरता मानव जीवन को प्रभावित करती है ।
डॉ असलम खान ने अपने वक्तव्य में कहा कि सारी समस्याओं की जड़ निरक्षरता है अतः इन समस्याओं को हल करने के लिए साक्षर होना जरूरी है ।कार्यक्रम प्रभारी डॉ अपर्णा गोस्वामी, डॉ प्रणव मिश्रा ,डॉ उमेश दीपांकर , डॉ राजेश पौराणिक द्वारा क्रमशः छात्र-छात्राओं को देश के विकास में साक्षरता की भूमिका के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार से शिक्षक श्री तुलाराम अहिरवाल, श्रीमती मनीषा चौबे ,श्रीमती मेनका, श्रीमती मांनु गुप्ता , श्रीमती सुषमा साहू , श्रीमती किरण सेन, श्री माधव सिंह ठाकुर एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।दमोह। दमोह निवासी उदय पंत ने नीट परीक्षा पास कर अपनी माता चम्पा पंत पिता निर्भय पंत और भाई रामनरेश का नाम रोशन किया है। उदय ने 720 में से 662 अंक प्राप्त किये है। उदय के बड़े भाई रामनरेश पंत पूर्व से ही एम्स में एम बी बी एस की पढ़ाई कर रहे है।इस मौके पर जनसपंर्क अधिकारी वाई ए कुरेशी, शिक्षकगण, परिजनों, कोरी समाज के नागरिकों और उदय के मित्रगणों ने बधाई दी है। अखिल भारतीय कोरी समाज संगठन ने उदय पंत के उज्ज्वल भविष्य के लिये शुभकामनाएं दी है।
दमोह। पं.राहुल शास्त्री जी ने बताया अनंत चतुर्दशी 9 सितंबर 2022 को है इस दिन भगवान विष्णु के अंनत रूपों की पूजा का विधान है 10 दिन तक चलने वाले गणपति महोत्सव का ये आखिरी दिन होता है इस दिन धूमधाम से गणपति बप्पा को विदाई दी जाती है। सम्मानपूर्वक उनका जल में विसर्जन किया जाता है. साथ ही गजानन से अगले बरस जल्द आने की कामना की जाती है. इस बार अनंत चतुर्दशी पर बेहद शुभ योग बन रहा है, जिससे श्रीहरि की पूजा और गणपति जी के विसर्जन से शुभ फल की प्राप्ति होगी एवं पितृपक्ष होगे प्रारंभ 10 सितंबर शनिवार से पूर्वजों को समर्पित ये विशेष समय भादो की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा से आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तक चलेगे। इन 16 दिनों तक पितृ पक्ष अर्थात श्राद्ध पक्ष कहलाते है। ऐसी मान्यता है कि इस दौरान हमारे पितृ पृथ्वी लोक पर अपने सगे-संबंधी लोगों से अपनी आत्मा की मुक्ति हेतू जल कि कामना के लिए पृथ्वी पर जल ग्रहण करने आते हैं। पूर्वजों के निमित्त श्रद्धा पूर्वक किया हुआ कार्य ही श्राद्ध कहलाता है। साल 2022 में पितृ पक्ष 10 सितंबर से 25 सितंबर तक रहेगा।
.jpeg)






0 Comments