दमोह। नीमा मेडीकल एसोसिएशन के चुनाव सम्पन्न हुए। निर्वाचन अधिकारी डॉं.केदार शिवहरें एवं डॉं.अनिल चौधरी ने यह प्रक्रिया सम्पन्न की। जिसमें सर्व सहमति सें डॉ सी.एल. नेमा (हटा) को जिला अध्यक्ष चुना गया एवं उपाध्यक्ष डॉं.सुरेन्द्र पटैल, डॉ.राजकुमार पटेल, सचिव डॉं.तिलक राज दुआ, कोषाध्यक्ष डॉ.गंगाराम पटेल, सह सचिव डॉ.एम.एल. नेमा एवं डॉं अनंतराम पटेल, क्लीनिकल सचिव डॉ.मनीषा सिघई, रितु दुआ, डॉ.उषा नेमा,
संरक्षक मंडल डॉ.प्रदीप शेड़ये, डॉ.आई.सी. जैन, डॉ.चेतन जैन, मीडिया प्रभारी डॉ. सौरभ चौधरी, सह मीडिया प्रभारी डॉ.आशुतोष गुप्ता, कार्यकारणी सदस्य डॉ.अतुल पालीवाल, डॉ.दिलीप गुप्ता, डॉ.सुबोध जैन, डॉ.नीरज विश्वास, डॉ.अनुपमा वर्मा, डॉ.एच.एस. सूर्यवंशी, डॉ. रजनीश जैन, डॉ.राहुल जैन, डॉ.रजनीश जैन, राज्य शाखा प्रतिनिधि डॉ.विजय सिंह राजपूत, डॉ.केदार शिवहरे, डॉ.सीएल नेमा, डॉ.तिलक राज दुआ, डॉ.राजकुमार जैन, डॉ. आरके गांगरा, डॉ.प्रियंका जैन।संचालन डॉ.सीएल नेमा एवं डॉ.सुरेन्द्र पटेल के द्वारा किया गया तथा कार्यक्रम का आभार डॉ.तिलक राज दुआ ने व्यक्त किया। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी डॉ.सौरभ चौधरी के द्वारा दी गई।
वृद्धों का पुष्पवर्षा कर किया गया सम्मान
दमोह। दमोह के पूर्व निर्दलीय विधायक स्व. आनंद श्रीवास्तव आनंद भैया की 92 वीं जन्म जयंती के अवसर पर आनंद भैया परिवार द्वारा वृद्ध आश्रम दमोह पहुंचकर सभी सम्माननीय वृद्धजनों को फल वितरित किए गए एवं सभी वृद्धजनों का पुष्पाहार पहनाकर एवं पुष्पवर्षा कर सम्मान किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य लोगो व पत्रकार बंधुओं ने शिरकत करते हुए आनंद भैया को याद किया व उन्हें श्रद्धांजलि दी। जिसमें प्रमुख रुप से वरिष्ठ
पत्रकार सुनील गौतम, संजय सरवरिया, डॉक्टर अमित जैन, दिनेश प्यासी, भृगुदत्त शर्मा, गणेश
अग्रवाल, सभापति पार्षद आलोक मिक्की चंदेल, पार्षद संजय पटेल, पूर्व
अध्यक्ष अधिवक्ता संघ पंकज खरे, युवा नेता मनीष तिवारी, राहुल रतन जैन, छात्र क्रांति दल अध्यक्ष कृष्णा पटेल, कांग्रेस
परिवहन प्रकोष्ठ अध्यक्ष प्रजु यशोधरन, आशीष तंतुवाय, एडवोकेट अनुपम भारती,
प्रकाश पटेल गुड्डा, लोकेश रोहितास, नितिन तोमर की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम को सफल बनाने में स्व. आनंद भैया के पौत्र अंकुश श्रीवास्तव का
सराहनीय योगदान रहा।
परशुराम भवन में हुई विप्र बैठक व सुंदरकांड
दमोह। वाणिज्य कर कार्यालय के पास स्थित नवनिर्मित भगवान परशुराम सामुदायिक भवन में सर्व ब्राह्मण समाज की बैठक विद्यासागर पांडे की अध्यक्षता हुई जिसमें समाज हितैषी प्रस्तावों पर चर्चा हुई, वर्किंग कमेटी के गठन की प्रक्रिया प्रारंभ हुई।
दमोह। वाणिज्य कर कार्यालय के पास स्थित नवनिर्मित भगवान परशुराम सामुदायिक भवन में सर्व ब्राह्मण समाज की बैठक विद्यासागर पांडे की अध्यक्षता हुई जिसमें समाज हितैषी प्रस्तावों पर चर्चा हुई, वर्किंग कमेटी के गठन की प्रक्रिया प्रारंभ हुई।
48 विप्रों ने अपनी स्वेच्छा से मासिक सदस्यता निधि जमा की,
दानदाताओं ने भवन के लिए कुर्सियां एवं सीलिंग फैन देने की घोषणा की।
शनिवार शाम को सुंदरकांड का पाठ हुआ साथ ही दाल बाटी कार्यक्रम का भी आयोजन
हुआ जिसमें में बड़ी संख्या में विप्र जनों की मौजूदगी रही। बैठक का संचालन
बीएम दुबे ने किया आभार कमलेश भारद्वाज ने माना।
हाजियों का इस्तक़बाल किया गया..
दमोह । पठानी मोहल्ला जश्ने ईद मिलादुन्नबी कमेटी के द्वारा मस्जिदे हनफी के
सामने शानदार नातिया प्रोग्राम का आयोजन किया गया इसके अलावा दमोह शहर से
गए पवित्र हज यात्रा से लौटने पर कमेटी के द्वारा इस्तकबाल किया गया जो लोग
इस वर्ष उमरा करके लौटे हैं उनका भी कमेटी के सभी सदस्यों द्वारा शॉल और
फूल मालाओं से इस्तकबाल किया गया। दूसरा दौर था नातिया प्रोग्राम का जिसमें
पठानी मोहल्ले के छोटे-छोटे बच्चों ने अपनी नन्हीं नन्हीं आवाजों में
बेहतरीन नातिया कलाम पड़े और मेहमानों से इनामें पाईं।
कार्यक्रम को सफल
बनाने में समीर खान इंजीनियर ,आरिफ खान,अज़हर खान डब्बू के अलावा कमेटी के
सभी सदस्यों का उल्लेखनीय योगदान रहा।इस अवसर पर कमेटी द्वारा समीर खान
इंजीनियर का भी सम्मान किया गया । कार्यक्रम का सफल संचालन हगीज ख़लील साहब
ने किया । इस मौके पर पठानी मोहल्ला मस्जिद के पेश इमाम ,मिर्ज़ा मेहमूद बेग
, शाहिद मास्टर, ताहिर मास्टर, हाजी युनुस ,हाजी शाबिर खान सहित अनेक लोग
उपस्थित रहे ।
पथरिया कालेज में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न
दमोह।
शासकीय महाविद्यालय पथरिया में आयोजित संगोष्ठी के द्वितीय दिन प्रथम सत्र
का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। सत्र के बीज
वक्ता के रूप में महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय छतरपुर के
अकादमिक प्रभारी डॉ. बहादुर सिंह परमार ने कहा कि हमें व्यवहार से लेकर
शिक्षा तक हर क्षेत्र में मातृभाषा का प्रयोग करना चाहिए। उधार की भाषा से
देश का विकास संभव नहीं है।
गुजरात केन्द्रीय विश्वविद्यालय, गांधीनगर से
आये डॉ. विपुल कुमार ने सिनेमा और संगीत के क्षेत्र में मातृभाषा की
उपयोगिता पर व्याख्यान दिया। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से आये डॉ
विवेकानंद उपाध्याय ने भारतीय संस्कृति और भारतीय ज्ञान परम्परा को
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 से जोड़ते हुए मातृभाषा के महत्त्व पर प्रकाश
डाला। सत्र की अध्यक्षता कर रहे डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के संस्कृत
विभाग के अध्यक्ष डॉ. आनंद प्रकाश त्रिपाठी ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में
कहा कि बुंदेलखंड ने अपनी संस्कृति को सहेज कर रखा है जो कि बोलचाल में
बुंदेली के प्रयोग से ही संभव हो सका है। द्वितीय सत्र की मुख्य वक्ता
शासकीय स्नातकोत्तर कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, सागर से डॉ. सरोज गुप्ता
ने पुरातन भारतीय शिक्षा पद्धति की अनेक विशेषताओं से प्रतिभागियों को अवगत
कराया। कार्यक्रम में विशेष वक्ता के रूप में नार्वे से ऑनलाइन जुड़े
वरिष्ठ साहित्यकार श्री सुरेशचंद कहा कि किसी भी देश का साहित्य और
संस्कृति अपनी मातृभाषा से ही पोषित और समृद्ध होता है।संगोष्ठी में उत्कृष्ट शोधपत्र प्रस्तुति के लिए डॉ. सत्या सोनी, डॉ. मीना राठौर और श्रीमती आशा राठौर को पुरस्कृत किया गया। ऑनलाइन भी विभिन्न प्रतियोगिताओं
ने शोधपत्र प्रस्तुत किये। कार्यक्रम के संयोजक पूर्व आयुष चिकित्सा
अधिकारी एवं वर्तमान में हिन्दी के सहायक डॉ. अवधेश प्रताप सिंह ने शोधपत्र
के माध्यम से बताया कि हिन्दी में मेडीकल की पढ़ाई संभव है। समापन सत्र की
अध्यक्षता सागर विश्वविद्यालय की हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. चंदा बैन ने की
और मुख्य अतिथि शासकीय अग्रणी महाविद्यालय दमोह के प्राचार्य डॉ. के. पी.
अहिरवार रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. विनय कुमार ने किया। कार्यक्रम की
संरक्षक पथरिया महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. संध्या पिम्पलापुरे ने कहा कि
सफल आयोजन के लिए महाविद्यालय परिवार के सभी सदस्य बधाई के पात्र हैं।
कवि अरुण दुबे हुए सम्मानित
दमोह। अंतरराष्ट्रीय काव्य प्रेमी मंच के तत्वाधान में "भारत को जाने" शीर्ष के
अंतर्गत भारत के सभी राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों का वर्णन दोहे चौपाई
में विभिन्न देश के 303 रचनाकारों ने वर्णन किया गया। इन सभी रचनाकारों की
रचनाओं का गायन कराया जाकर वीडियो एलबम तैयार किये गए ,जो यू ट्यूब पर लोड
किये गए है यह वीडियो 43 घण्टे 7 मिनिट के है। तंजानिया की भारत में जन्मी
ममता सैनी ने इस कार्य का संयोजन किया वही सागर से अरुण कुमार दुबे
सेवानिवृत्त उप पुलिस अधीक्षक ने पुडुचेरी के राज्य समन्वयक का दायित्व
निभाते हुए दोहे चौपाई में पुडुचेरी का वर्णन किया।
इस कार्य की उपलब्धि को
विश्व कीर्तिमान माना गया है। इस कार्य करने के लिए जहां कभी अरुण कुमार
दुबे को सम्मान पत्र से सम्मानित किया गया वही इस कार्य के लिए समूचे
बुंदेलखंड की विशेष उपलब्धि भी निरूपित की गई। वही इस उपलब्धि पर
साहित्यकारों डॉक्टर गजाधर , पूरनसिंह ठाकुर, मायूस सागरी , सिराज सागरी,
असगर पयाग तथा श्यामलम संस्था के संस्थापक उमाशंकर मिश्र, तमाम रचनाकारों,
पुलिस अधिकारियों ने अरुण दुबे की बधाई देते हुए शुभकामनाएं दी हैं।







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