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सातवां राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस धूमधाम से मनाया गया.. भगवान धन्वंतरि का पूजन वक्ताओं ने रखे विचार.. कोरोना काल में आयुष ने इम्यूनिटी बूस्टर की तरह कार्य किया- कलेक्टर.. सबसे ज्यादा युवा वर्ग नकारात्मकता का शिकार हो रहा है- आचार्य उदार सागर जी

 कोरोन में आयुष ने इम्यूनिटी बूस्टर की तरह कार्य किया

दमोह। देश भर में जहां सातवां राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस धूमधाम से मनाया गया तो वहीं मध्यप्रदेश में 1773 आयुष चिकित्सालय के साथ चिकित्सा महाविद्यालयों में भी आयोजन हुआ। आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरी के अवतरण दिवस पर पूजन अर्चन कर आरोग्यता के लिए आशीर्वाद मांगा गया। चिकित्सक एवं चिकित्सा जगत से जुड़े हुए सभी लोगों ने भगवान धन्वंतरि का पूजन अर्चन किया। मध्य प्रदेश के दमोह जिले में आयुष विभाग की 44 डिस्पेंसरी के साथ दमोह जिला मुख्यालय पर स्थानीय जिला चिकित्सालय परिसर में स्थित आयुष विंग में भव्य आयोजन संपन्न हुआ।

आरोग्य के देवता भगवान धनवंतरी का पूजन अर्चन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दमोह के कलेक्टर एस कृष्ण चैतन्य, विशिष्ट अतिथि रक्षित निरीक्षक संजय सूर्यवंशी, जिला आयुष अधिकारी डॉ राजकुमार पटेल, पूर्व जिला आयुष अधिकारी अनिल चौधरी, डॉ विशाल शुक्ला सिविल सर्जन डॉ राजेश नामदेव के साथ मंचासीन अतिथियों ने किया। इस अवसर पर उपस्थित सभी विद्वत जनों ने पूजन अर्चन में सहभागिता करते हुए भगवान धनवंतरी का आशीर्वाद लिया।

आयुष विभाग ने इम्यूनिटी बूस्टर की तरह कार्य किया है कोरोना काल में लगातार जन जन तक पहुंच कर जहां दवाओं का वितरण किया वहीं जागरूकता लाने का भी प्रयास किया। यह बात कलेक्टर एस कृष्ण चैतन्य ने कही। उन्होंने कहा कि भारत सरकार एवं मध्य प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप विभाग लगातार कार्य कर रहा है और इनके सहयोग और योगदान को नकारा नहीं जा सकता। उन्होंने आयुर्वेद के महत्व पर भी अपनी बात प्रमाणिकता के साथ रखते हुए कहा हर दिन आयुर्वेद घर-घर आयुर्वेद के लक्ष्य को लेकर आयुष विभाग लगातार कार्य कर रहा है। अपने सारगर्भित उद्बोधन में कलेक्टर एस कृष्ण चैतन्य उपस्थित चिकित्सक गणमान्य नागरिकों को चिंतन मनन करने के लिए मजबूर किया। साथ ही उन्होंने आग्रह किया कि आयुष के द्वारा चलाए जा रहे अभियान में हम सब सहभागी बने।

 संचालन कर रहे डॉ. एल.एन. वैष्णव ने जानकारी देते हुए बताया भारत सरकार और मध्य प्रदेश सरकार आजादी के अमृत महोत्सव काल में "हर दिन हर घर आयुर्वेद"के धेय वाक्य को लेकर आगे बढ़ रहा है। मेरा दिन और आयुर्वेद, मेरी रसोई में आयुर्वेद, मेरे गार्डन में आयुर्वेद, मेरे खेत में आयुर्वेद, मेरे भोजन और आहार में आयुर्वेद जैसे विषय को लेकर लगातार कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की मंशा के अनुरूप जनभागीदारी और जन आंदोलन के रूप में अब आयुर्वेद और उसके प्रति जागृति फैलाने का प्रयास गति पकड़ रहा है। 

जिला आयुष अधिकारी डॉक्टर राजकुमार पटेल ने बताया जिले में सरकार की मंशा के अनुरूप लगातार कार्य चल रहा है।  दमोह में  सरकार की मंशा के अनुरूप हर दिन हर घर आयुर्वेद पहुंचाने का लक्ष्य लेकर हम मैदान में हैं। जन जन तक आयुर्वेद के संबंध में जानकारी पहुंचे अभियान बने इसके लिए लगातार आयोजन चल रहे हैं। रक्षित निरीक्षक संजय सूर्यवंशी ने कहा आयुष के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। स्वस्थ जीवन जीने की कला के साथ बीमारियों से निजात दिलाने में लगातार आयुष अपनी माहिती भूमिका का निर्माण कर रहा है।

सबसे ज्यादा युवा वर्ग नकारात्मकता का शिकार हो रहा है- उदार सागर जी
दमोह
श्री पार्श्वनाथ दिग.जैन मंदिर नेमीनगर में विराजमान परमपूज्य आचार्य श्री 108 उदार सागर जी महाराज ने अपने मंगल प्रवचनों में कहा कि प्रत्येक दुख में से सुख कैसे ढूढ़ा जायें इस विषय पर हद्य स्पर्शी उद्बोधन दिया। उन्होनें कहा आज के समय में अधिकतर व्यक्ति थोड़ी सी विपरित परिस्थिति आने पर दुख में डूब जाता है वह नकारात्मक सोच में चला जाता है उसे लगता है सब कुछ समाप्त हो गया है। सबसे ज्यादा युवा वर्ग नकारात्मकता का शिकार हो रहा है पर उन्होनें कहा घबराओ नहीं जैसे प्रत्येक रात के बाद सुबह की दिव्यता हमे प्राप्त होती है ऐसे ही हमे आशावादी बनना है और ये सोचना है कि ये भी बीच जायेगा का मंत्र याद रखना है। 

सरल व्यसनो को त्यागकर निःस्वार्थ प्रभु की भक्ति में मन लगाकर प्रभु की वाणी पर पूर्ण रूप से विश्वास करे कि उनके द्वारा जो कहा गया है वह एक एक शब्द सही है। क्योंकि अगर हम इतिहास को देखे तो प्रत्येक महापुरूष के जीवन पर दुखों का पहाड़ रहा है पर वह घबराये नहीं उन्होनें उन्होनें उस दुख रूपी पहाड़ को काटकर ही महापुरूष की श्रेणी को प्राप्त किया इसलिए हमें महापुरूषों की जीवनी हमेशा पढ़ना चाहिए। जिससे हम भी प्रत्येक दुख में से सुख निकाल सकें उसे सकारात्मक होकर उन्नत जीवन जी सकें।

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