श्री सिद्धचक्र विधान आयोजन से धर्ममय माहौल
दमोह।
नगर के श्री चंद्रप्रभु चौधरी मंदिर जी एवं श्री शांतिनाथ भाई जी मंदिर जी
में श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान का धर्म में आयोजन भक्ति भाव के
साथ किया जा रहा है जिसमें प्रतिदिन श्री जी के अभिषेक शांतिधारा पूजन के
साथ विधान के अर्घ समर्पित किए जा रहे हैं। इस अवसर पर आचार्य श्री उदार
सागर जी महाराज एवं आर्यिका रत्न द्रन मति माताजी के मंगल प्रवचन ओं का लाभ
भी सभी को प्राप्त हो रहा है।
चौधरी मंदिर विधान में 2 जैन आचार्यों का समागम
श्री
दिगंबर जैन चौधरी मंदिर जी में श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन
आचार्य श्री उदार सागर जी महाराज के ससंघ सानिध्य में कल्पतरु भवन में
भक्ति भाव के साथ चल रहा। शुक्रवार को यहां पर एक और आचार्य श्री प्रसन्न
श्री महाराज का संघ सहित आगमन हुआ। दरअसल आचार्य श्री प्रसन्न श्री महाराज
संघ के साथ इंदौर में चातुर्मास के उपरांत तीर्थ राज सम्मेद शिखरजी के लिए
पद बिहार कर रहे हैं।
इस दौरान आज उनके दमोह नगर
आगमन पर श्री पारसनाथ दिगंबर जैन नन्हें मंदिर जी में भव्य मंगल आगवानी की
गई। इसके बाद चौधरी मंदिर विधान स्थल कल्पतरु भवन में दोनों आचार्यों के
समागम के साथ मंगल प्रवचन का लाभ भी सभी को प्राप्त हुआ। इस दौरान इंद्र
इंद्राणियो के द्वारा 64 रिद्धि विधान करके धर्म लाभ अर्जित किया। इस अवसर
पर अन्य मंदिर समितियों के द्वारा द्रव्य पूजन सामग्री लाकर विधान स्थल पर
भेंट की गई।
भाई जी मंदिर में माता जी के सानिध्य में विधान पूजन मैं शामिल हो रहे सैकड़ों भक्त
सिविल
वार्ड स्थित श्री शांतिनाथ भाई जी मंदिर में आरिका रत्न मृदुमति माता जी
के सानिध्य में चल रहा है सिद्ध चक्र महामंडल विधान के दौरान प्रतिदिन
भक्ति भाव के साथ श्री जी के अभिषेक शांतिधारा पूजन उपरांत अर्ध्य समर्पित
किए जा रहे हैं इस दौरान विभिन्न मंदिरों से द्रव्य पूजन सामग्री लेकर
भक्तजन भक्ति भाव के साथ यहां पहुंच रहे हैं सोमवार को श्री पारसनाथ दिगंबर
जैन नन्हे मंदिर समिति एवं महिला मंडल द्रव्य सामग्री लेकर भाई जी मंदिर
पहुंची।शुक्रवार को भी अनेक मंदिरों से द्रव्य भक्गण यहां पर पहुचे।
मंदिर समिति द्वारा ज्ञान तिलक लगाकर सभी का स्वागत किया
गया वही माता जी के प्रवचन का धर्म लाभ भी सभी को प्राप्त हुआ। मंदिर
समिति के अध्यक्ष पवन जैन चश्मा ने बताया कि रात्रि में विभिन्न धार्मिक
आयोजनों के साथ महा आरती में भी बड़ी संख्या में भक्तगण शामिल हो रहे हैं।।
यहां पर विधान का समापन 20 नवंबर को हवन पूजन आयोजनों के साथ संपन्न होगा।
इसके पूर्व गुरूवार को पलंदी मंदिर जी समिति द्वारा भक्ति भाव के साथ विधान स्थल पर पहुचकर पूजन द्रव्य सामग्री समर्पित की गई। श्री विधान में सौधर्म इन्द्र अर्चना विजय जैन डायमंड, चक्रवर्ती सरोज पवन जैन चश्मा, कुबेर शशि श्रीनंदनलाल गांगरा श्रीपाल मैना सुंदनी अमीता विकल्प जैन वकील महायज्ञ नायक माया ताराचंद इमलिया बने हुये है।
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