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जीनियस ऑफ दमोह प्रतियोगिता में शामिल हुए 16 हजार से अधिक विद्यार्थी.. शिखरजी की पवित्रता बनाए रखने तारादेही जैन समाज ने सौंपा ज्ञापन.. आर्यिका रत्न श्री विज्ञान मति माताजी ससंघ की हटा में भव्य अगवानी.. आज कुंडलपुर में होगी भव्य अगवानी..

 जीनियस ऑफ दमोह में शामिल हुए 16 हजार 

दमोह। छात्र क्रांति दल एवं छात्र सर्व कल्याण समिति जिला दमोह द्वारा आजादी के 75 वें अमृत महोत्सव को समर्पित प्रदेश की सर्वाधिक वृहद जिला स्तरीय सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता दी जीनियस ऑफ दमोह 2022-23 का आयोजन रविवार को दमोह नगर सहित जिले भर के 246 परीक्षा केंद्रों पर एक साथ किया गया। जिसमें कक्षा तीसरी से बारहवीं तक के 16 हजार 124 छात्र-छात्राओं ने अपनी सहभागिता सुनिश्चित की।
 विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित प्रतियोगिताओं में जनप्रतिनिधिगढ़, समाजसेवियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने पहुंचकर विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया तो वही दमोह नगर के शासकीय एमएलबी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में आयोजन समिति के वरिष्ठ संरक्षक पूर्व मंत्री एवं सांसद डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनु मिश्रा, भाजपा जिला महामंत्री सतीश तिवारी, एड. आलोक श्रीवास्तव, पत्रकार दिनेश प्यासी, कवियत्री बबीता चौबे, शिक्षक आर वी सिंह, साहित्यकार आशीष तंतुवाय, सिनेमैटोग्राफर हरीश पटैल आयोजन समिति के अध्यक्ष कृष्णा पटैल की उपस्थिति रही।
आयोजन समिति के अध्यक्ष कृष्णा पटैल ने बताया कि इस वर्ष का आयोजन आजादी के 75 वें अमृत महोत्सव को समर्पित रहा जिसमें संपूर्ण जिले के 16 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं ने प्रतियोगिता में सहभागिता करके इस आयोजन को ऐतिहासिक और अभूतपूर्व बनाने का कार्य किया है। प्रतियोगिता में सम्मिलित विद्यार्थियों को जिसमें जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी को इक्कीस हजार, द्वितीय ग्यारह हजार एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी को इक्यावन सौ रूपये की नगद राशि से सम्मानित किया जाएगा। वही जिले स्तर पर चयनित तीनों उत्कृष्ट प्रतिभागियों को अंतर्राष्ट्रीय सीमा भ्रमण का अवसर आयोजन समिति द्वारा प्रदान कराया जाएगा। साथ ही एक हजार से अधिक विद्यार्थियों को विशेष सांत्वना पुरस्कार और सम्मिलित समस्त विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र संस्था द्वारा प्रदान किए जाएंगे।

शिखरजी की पवित्रता बनाए रखने तारादेही में ज्ञापन
 दमोह। जैन समाज के प्रमुख तीर्थ स्थल सम्मेद शिखरजी की पवित्रता बनाए रखने के संबंध में जैन समाज के लोगों ने रविवार को प्रधानमंत्री के नाम थाना तारादेही में ज्ञापन सौंपा।जैन समाज के प्रमुख तीर्थ स्थल सम्मेद शिखरजी की पवित्रता बनाए रखने के संबंध में तारादेही , सारसबगली , समनापुर, जैन समाज के लोगों ने रविवार को प्रधानमंत्री के नाम थाना तारादेही में ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बड़ी संख्या में जैन समाज के लोगों की उपस्थिति रही।
सकल जैन समाज तारादेही के सदस्यों ने ज्ञापन के माध्यम से थाना प्रभारी को बताया कि झारखंड राज्य के गिरिडीह जिले के मधुवन में स्थित सम्मेद शिखरजी पहाड़ी पौराणिक काल से ही जैन धर्म के अनुयाइयों का सबसे बड़ा तीर्थ क्षेत्र है। जैन धर्म के 24 तीर्थंकरों में से 20 तीर्थकरों की निर्वाण स्थली होने के कारण संपूर्ण जैन समाज के लिए सम्मेद शिखर जी के पहाड़ का कण-कण एक मंदिर के समान है। कुछ महीनों से इस पवित्र तीर्थ स्थल की पवित्रता को सैर सपाटे व पिकनिक के नाम पर नष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। पिकनिक, ट्रेकिंग या फिर मनोरंजन के लिए आने वाली यात्री इस पवित्र पहाड़ पर मांसाहार व शराब का सेवन करते पाए गए हैं। जो अहिंसा व शांति प्रेमी जैन समुदाय के लिए बेहद पीड़ाजनक है। ज्ञापन के माध्यम से प्रधानमंत्री से मांग की गई है कि इस तीर्थ क्षेत्र सहित संपूर्ण पारसनाथ पहाड़ी को पवित्र धर्म स्थली क्षेत्र घोषित किया जाए। जैन समाज के लोगों ने प्रधानमंत्री से अपील की है कि भारत के संविधान की धारा 29 के तहत जैन समाज के सर्वोच्च्‌ तीर्थ स्थल की पवित्रता को बनाए रखने के लिए उचित कदम उठाया जाए। इस दौरान बड़ी संख्या में जैन समाज के लोगों की मौजूदगी रही।

आर्यिका रत्न विज्ञान मति माताजी भव्य अगवानी
दमोह । सुप्रसिद्ध  सिद्ध क्षेत्र कुंडलपुर में संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की परम प्रभावक शिष्या आर्यिका रत्न श्री विज्ञान मति माताजी ससंघ (10 पिच्छी )की अगवानी 12 दिसंबर प्रातः काल होने जा रही है । आर्यिका संघ का बरी कनोरा में संत भवन के उद्घाटन के पश्चात हारट, हटा होते हुए सिद्ध क्षेत्र कुंडलपुर में मंगल प्रवेश हो रहा है। कुंडलपुर में मुनि श्री निरंजन सागर जी महाराज एवं 3आर्यिका रत्न पहले से विराजमान हैं। यहां पर आर्यिका संघ के सानिध्य में सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन किया जा रहा है ।सागर के पुण्या र्जक परिवार द्वारा इस विधान का आयोजन हो रहा है।
इसके पूर्व आर्यिकारत्न श्री विज्ञान मति माताजी ससंघ की हारट ग्राम से चलकर हटा नगर में भव्य अगवानी हुई। स्थानीय रेस्ट हाउस के पास नगर में पूर्व से विराजमान आर्यिका रत्न श्री प्रशांतमति माताजी ससंघ( 3 पिच्छिका) एवं आर्यिका रत्न श्री विज्ञान मति माताजी ससंघ का मंगल मिलन हुआ। तत्पश्चात दोनों आर्यिका संघ एवं क्षुल्लक श्री नयसागर जी महाराज के साथ जैन समाज के महिला पुरुष वर्ग आचार्य श्री ज्ञानसागर पाठशाला के बच्चे हाथों में धर्म ध्वजा लेकर बैंड बाजों के साथ मुख्य मार्ग से होकर श्री पारसनाथ बड़ा मंदिर पहुंचे जहां आर्यिका संघ ने बड़ा मंदिर के दर्शन किए एवं श्री पार्श्वनाथ त्रिमूर्ति मंदिर के दर्शन करने के पश्चात माता जी के मंगल प्रवचन हुए ।10:30 बजे समस्त आर्यिका संघ की आहार चर्या हुई। श्रावकों  ने अपने अपने घर के सामने खड़े होकर आर्यिका संघ का पड़गाहन किया । दोपहर सामायिक के पश्चात आर्यिका संघ का  कुंडलपुर की ओर विहार हो गया ।आर्यिका संघ की अगवानी में आदित्य सिंघई, विवेक रजपुरा विपुल जैन,  चक्रेश जैन,कमलेश जैन , जैन समाज हटा एवं रजपुरा समाज श्रावको की उपस्थिति रही।

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