समय सीमा बैठक संपन्न दिये अहृम दिशा.निर्देश
दमोह। कलेक्टर एस कृष्ण चैतन्य ने आज आयोजित समय सीमा बैठक के दौरान अधिकारियों से कहा है कि शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों के तहत धान की खरीदी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा किसानों को किसी तरह की समस्या ना हो अधिकारी सुनिश्चित करेंगे यदि किसानों को किसी तरह की समस्या होती है तो वे अपनी बात नियमानुसार प्रशासन के समक्ष रख सकेंगे। कलेक्टर श्री चैतन्य आज समय सीमा बैठक में समय.सीमा पत्रों सहित अन्य पत्रों पर समीक्षा कर रहे थे। बैठक में सीईओ जिला पंचायत अजय श्रीवास्तव एडिशनल कलेक्टर नाथूराम गौंङ जिला अधिकारी और व्हीसी के माध्यम से एसडीएम तहसीलदार और सीईओ जनपद पंचायत मौजूद रहे।
कलेक्टर श्री चैतन्य ने राजस्व अधिकारियों से कहा कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पर जो भी कार्य पेंडिग हैए उसको तत्काल निपटाए जायेए कोई भी कार्य पेडिंग ना रहे सुनिश्चित किया जाये। बैठक में राजस्व वसूली आरसीएमएस लोकसेवा प्रकरण डायवर्सन सीएम मॉनिट सहित अन्य बिंदुओं पर चर्चा कर सबंधित अधिकारियों को दिशा.निर्देश दिए गये। उन्होंने एसडीएम और तहसीलदार हटा को अतिक्रमण हटाने के संबंध में दिशा निर्देश दिये। कलेक्टर ने बैठक में कहा संबल.2 योजना को प्राथमिकता से किया जाये। उन्होंने ग्राम पंचायत वार आयुष्मान कार्ड की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कार्य को प्राथमिकता से लिया जाये।
कलेक्टर श्री चैतन्य ने जिले की सीमा तक दमोह.जबलपुर मार्ग की स्थिति की जानकारी ली बताया गया रिपेयर का कार्य पूरा आगामी 03 दिवस के भीतर कर लिया जायेगा। बैठक में बताया गया दमोह.सागर मार्ग का कार्य पूरा कर लिया गया है कटनी मार्ग पर काम चल रहा है।
किसान अपनी धान की उपज विक्रय करना सुनिश्चित करे.. दमोह कलेक्टर एस कृष्ण चैतन्य ने बताया शासन के निर्देशानुसार दमोह जिले में भी धान खरीदी का कार्य 30 केंद्रों के द्वारा संचालित किय जा रहा है। जिले में लगातार स्लॉट बुकिंग और खरीदी का किया जा रहा है। जैसा कि सभी विदित है 5 दिन खरीदी का काम होता है और शनिवारए रविवार को स्लॉट बुकिंग का कार्य होता है। उन्होंने बताया अभी तक 9 हजार 400 किसानों से अधिक किसानों के द्वारा स्लॉट बुकिंग की जा चुकी हैं और शुक्रवार तक 2ए333 किसानों के द्वारा धान विक्रय खरीदी केंद्रों में की जा चुकी है। 11 हजार 450 मेट्रिक टन से अधिक खरीदी हो चुकी है। उन्होंने कहा इस हफ्ते और अगले हफ्ते में अधिकतम धान खरीदी होने के मुख्यत हफ्ते रहते हैं यही अपेक्षा की जाती है कि अधिकतम उपज केंद्रों में आने की संभावना हैए सभी जगहों पर किसानों के हित में पूरी व्यवस्था की जा चुकी हैं। शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों के तहत ही किसान अपनी उपज लेकर आए और धान का विक्रय करना सुनिश्चित करे।
सत्यमोहन वर्मा का जन्मदिवस एवं कवि गोष्ठी
दमोह। मध्यप्रदेश हिंदी साहित्य सम्मेलन जिला इकाई दमोह के तत्वाधान में रामकुमार विधालय में सत्यमोहन वर्मा का 90 वॉं जन्म दिवस व कवि गोष्ठी सम्पन्न हुई। कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ आर.एन. चिले, मुख्य अतिथि नरेन्द्र दुबे रहे। सरस्वती पूजन उपरान्त शाल, श्रीफल से इकाई द्वारा, अन्य साहित्यिक संगठनों व कवियों द्वारा प्रथक, प्रथक अभिनंदन स्वागत किया गया। कार्यकारी अध्यक्ष रमेश तिवारी में स्वागत व प्रयोजनार्थ कहा कि साहित्य सप्तवर्णी वृक्ष के रूप में सत्यमोहन वर्मा हमारे बीच है। जिस तरह सप्तपर्णी वृक्ष बहुत दूर तक तथा लम्बे समय तक अपनी सुवास से बातावरण को सुवासित करता है उसी तरह गुरूदेव वर्मा जी छत्रछाया हम रचनाकारो को नव मनोभाव नव संचेतना का संचार करती है। आप धरोहर रूप वृक्ष है, जो नव साहित्य सृजन हेतु नित नये आयाम हम आपको देते है।
मुख्य अतिथि नरेन्द्र दुबे ने कहा कि गुरूवर अद्भुत गुणों की खान है, जो अपने व्यक्तित्व की गरिमा बनाये रखने में समक्ष रहे है। उनका यह आदर्श गुण हम सबको ग्राहण होना चाहिए। आप साहित्य जगत की आमूल्य निधि है आप महात्मा गांधी के दर्शनानुगामी होकर अपने नाम की सार्थकता सिद्व करने वाले है। अध्यक्ष डॉ.आर.एन चिले ने कहा में लगभग 40 वर्षो से उनके सन्निकर रहा हूं। मैं आज अपने आप को गौरवान्वित अनुभति कर रहा हूं मेरी रचना धर्मिता में उनका यथेष्ट मार्गदर्शन मिलता रहा। रचना संशोधन में उनकी सह्दय पूर्वक सटीक टिप्पणी करने में वे कभी नहीं चूकते। भले ही उनकी बात कठोर लगे किंतु रचना में निखान लाने हेतु अति आवश्यक है। अपने वक्तव्य में वर्मा जी ने कह कि जीवन व कविता में लय का होना आवश्यक है। दोनों की लय नही टृटना चाहिए। धार को देखता है दीवाना, ये रवानी रहे रहे न रहे आरम बोध सौंदर्य बोध से सुसज्जित शिल्प में बांधकर साहित्य सृजन लेखन होना चाहिए। क्यांकि साहित्य सृजन भी एक यज्ञ है जिसमें रचनाकार की रचना एक समिधा है जो वातावरण को सुवासित करती है।
उद्बोधनोपरान्त काव्यपाठ व संक्षिप्त भाव सम्प्रेषण हुआ जिसमें डॉ.पीएल शर्मा, डॉ.एनआर राठौर, अमर सिंह राजपूत, पुष्पा चिले, यादवेन्द्र सिंह, रामकुमार तिवारी, नन्हें सिंह, पीसी शर्मा, आरके मिश्रा, बीएम दुबे, केशू तिवारी, गोविंद मिश्र, ओजेन्द्र तिवारी, पीएस परिहार, मानव बजाज, सदन नेमा, गणेश राय, आराधना राय, विमला तिवारी, नरेन्द्र अरजरिया, आसिफ अंजुम ने काव्य पाठ किया। इस अवसर पर नगर के वरिष्ठ पत्रकार नारायण सिंह ठाकुर, एमएस मिश्रा, राजेश शर्मा, रिषीकांत उपाध्याय, किरण खरे की गरिमागयी उपस्थिति रहीं। इकाई के क्रियाशील सदस्य गजलकार संजय चौरसिया ने सबके प्रति हद्य से आभार ज्ञापित किया।
रामकृष्ण विवेकानंद सेवा समिति का पुनर्गठन
दमोह। रामकृष्ण
विवेकानंद सेवा समिति दमोह के पुनर्गठन हेतु डॉ केदार शिवहरे के निवास पर
रामकृष्ण विवेकानंद सेवा समिति का पुनर्गठन किया गया। जिसमें सभा के
प्रारंभिक सभी आमंत्रित सदस्यों ने रामकृष्ण परमहंस मां शारदा एवं स्वामी
विवेकानंद के चित्रो पर मंत्रोच्चार के साथ पुष्प अर्पित किए। तत्पश्चात डॉ
केदार शिवहरे ने समिति का इतिहास बताते हुए संस्था के उद्देश्यों पर
प्रकाश डाला। चूंकि यह संस्था रामकृष्ण मिशन के विद्वान सन्यासियों के
मार्गदर्शन में कार्य करती है। अतः संस्था के संविधान पर विस्तृत चर्चा रखी
गई। आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर उपस्थित सदस्यों
ने एकमत से भावी कार्यकारिणी का मनोनयन किया। संस्था के संरक्षण मंडल में
डॉ स्नेह शिवहरे, राजीव अयाची, सुनील वेजिटेरियन, तरुण वर्मा एवं डॉ केदार
शिवहरे का नाम निश्चित किया गया। अध्यक्ष डॉ निखिल शिवहरे, उपाध्यक्ष
रामाश्रय पाठक हटा, मनीष मिश्रा सचिव, कोषाध्यक्ष राजेंद्र लोधी,
सांस्कृतिक प्रभारी भरत राय, हटा तहसील प्रभारी प्रहलाद पांडे एवं राजेश
पटेरिया मनोनीत किए गए। मीटिंग में राहुल अग्रवाल, अंगद चौहान ने भी
उपस्थित रहकर अपने विचार प्रकट किए।




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