तलाश घर की नाट्य प्रस्तुति का मंचन
दमोह। मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय,संस्कृति विभाग और बुंदेलखंड की अग्रणी संस्था युवा नाट्य मंच के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित 30 दिवसीय प्रस्तुति परक नाट्य कार्यशाला के समापन के अवसर पर लोक कथाओं पर आधारित नाटक तलाश घर की का मंचन स्थानीय प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस (पी.जी.कॉलेज) दमोह में किया गया। युवा नाट्य मंच की इस नवीन प्रस्तुति में दिखाया गया जहां आज के समय में बच्चे और युवा न केवल हमारी पारंपरिक लोक कथाओं, लोक नृत्यों और लोक परंपराओं से दूर होते जा रहे है बल्कि मोबाइल ओर सोशल मीडिया के जाल में फसते जा रहे है। ऐसे समय में लोक कथाओं के माध्यम से जन जागृति लाने की दिशा में इस नाट्य मंचन को किया गया।ज्योत्सना मिलन और लक्ष्मी नाथ
बेजबरुआ की कहानियों पर आधारित नाटक तलाश घर की नई पीढ़ी को लोक कथाओं की
महत्ता और उपयोगिता का बोध कराने के लिया किया गया। पहली कहानी चंपावती थी
जिसमें एक अमीर आदमी की दो-दो पत्नियां हैं एक लागी और दूसरी अलागी दोनों
की एक एक बेटी है। अलागी की बेटी चंपावती है। लागी को अपनी सुंदरता का
अभिमान है ।लागी हमेशा अलागी से झगड़ा करती है और अलागी और उसकी बेटी
चंपावती को अपने पति से कह कर पिछवाड़े की झोपडी में रहने के लिए भेज देती
है जिससे उन्हें बहुत तकलीफ़ होती है । इसी बीच चंपावती खेत में रखवाली को
जाती है वहां एक अजगर चंपावती से शादी करना चाहता है अलागी के बार बार मना
करने के बावजूद लागी के कहने पर जमीदार उसकी शादी अजगर से कर देता है ताकि
अजगर चंपावती को खा जाए पर अजगर एक देवता था और वह अलागी को सोने चांदी के
गहने भेट करता है यह बात देखकर लालच के कारण लागी अपनी बेटी की भी शादी
अजगर से करवा देती है और अजगर उसे खा जाता है कहानी का सार है लालच बुरी
बला है ।दूसरी कहानी एक शहर से दूसरे शहर में रहने आए व्यक्ति अनिरुद्ध
जोशी की है जो इंदौर से किसी दूसरे शहर में रहने के लिए आया है। यहां वो
एक किराए के घर में रहता है जहां पहले एक कृष्णकांत नामक व्यक्ति और उसका
परिवार रहा करता था, तो जब भी कोई पड़ोसी अनिरुद्ध जोशी से मिलने आता तो वो
घुमा फिरा कर एक ही बात कहता की कृष्णकांत बड़े ही अच्छे आदमी थे जिससे
अनिरुद्ध जोशी को बहुत तकलीफ़ होती है। छोटे छोटे रोचक प्रसंगों और अलग अलग
चरित्रों से गुजरते हुए यह कहानी अनिरुद्ध जोशी के अस्तित्व पर ही संकट खड़ा
कर देती है ।इस नाट्य प्रस्तुति में नवोदित कलाकारों ने अपने बेहतरीन
अभिनय से दर्शकों को बांधे रखा।नाटक का संगीत अत्यंत कर्णप्रिय था और नाटक
में प्रयोगवादी गीत लिखे गए जिन्हें लिपिबद्ध और स्वरबद्ध सारे नवोदित
कलाकारों ने ही किया है। दोनों कहानियों में इंसान की जद्दोजहद, और पहचान
का संघर्ष दिखाया गया है। नवोदित कलाकारों के अभिनय के रंग से सजा नाटक
तलाश घर की दर्शकों को भीतर तक छू कर गया। नाटक के निर्देशक मध्य प्रदेश
नाट्य विद्यालय के अंतिम वर्ष के छात्र रोहित खिलवानी और विशाल बरुवा रहे।
साथ ही नाटक में संगीत को कार्यशाला के प्रतिभागियों ने स्वयं लिखा और उसे
तालबद्ध किया जिसमें अनुभव श्रीवास्तव, दीक्षा सेन और उपेंद्र सोनी का
महत्वपूर्ण योगदान रहा ढोलक पर देवेश श्रीवास्तव और राजेश श्रीवास्तव रहे।नाटक में विभिन्न भूमिकाओं में नयन खरे, दीक्षा सेन,देवेश श्रीवास्तव,
बृजेंद्र राठौर, शिवानी वाल्मीक, नैंसी गुप्ता,अनुभव श्रीवास्तव, अरविंद
पटेल, वैष्णवी रैकवार, श्रद्धा रैकवार, ऋषि खरारे, हर्षिता तिवारी, हरिओम
खरे, अंकित मुंडा, उपेंद्र सोनी, राजेश श्रीवास्तव, अनुनय श्रीवास्तव, गौरी
रैकवार, देवांश सिंह राजपूत अरिंदम तिवारी, तेजस सपेरा व अन्य कलाकारों
ने नाटक को आम जनमानस तक पहुंचाने में अपना योगदान दिया। आकर्षक प्रकाश
संयोजन और मधुर संगीत को लोगो ने काफी सराहा। कार्यक्रम में समाजसेवी भाव
सिंह लोधी, नन्हे सिंह, अटलबिहारी बाजपेई हिंदी विश्वविद्यालय के नाट्य
विधा प्रमुख डॉ रविंद्र मुड़ा, पंकज हर्ष श्रीवास्तव, नरेंद्र दुबे, प्रदीप
बजाज, प्रदीप अग्रवाल, दीपक तिवारी, डॉ सोनल राय, नरेंद्र बजाज, आलोक
गोस्वामी, सुशील गुप्ता, सुधीर असाटी, राजेंद्र बग्गा, आलोक सोनवलकर, मनोहर
काजल, त्रिपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में नगर के गणमान्य नगरिकों की
उपस्थिति रही। कार्यक्रम के आयोजन में मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय के
निदेशक संजय श्रीवास्तव और दमोह जिला प्रशासन का योगदान रहा।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सागर नाका बस्ती में शस्त्र पूजन एवं एकत्रीकरण.. दमोह।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ शताब्दी वर्ष कार्यक्रम शास्त्र पूजन एकत्रीकरण
गुरुवार को सागर नाका बस्ती गल्ला मंडी में संपन्न हुआ। सर्व प्रथम
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सचिन यादव और मुख्य वक्ता योगेश जाट द्वारा चित्र
पूजन और शस्त्र पूजन किया गया। शून्य से शतक तक की यात्रा में संघ ने क्या
कार्य किए इस पर प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम के मुख्य वक्ता द्वारा डॉक्टर
साहब के बाल्य काल से लेकर उनके जीवन पर प्रकाश डाला। पंच परिवर्तन से ही
समाज का परिवर्तन संभव है, हमे सामाजिक भेद भाव को भूल कर एक साथ कदम से
कदम मिला कर चलना होगा, सामाजिक समरसता, स्वदेशी स्वा का बोध, नागरिक
कर्तव्य, पर्यावरण, कुटुंभ प्रबोधन, ये पंच परिवर्तन ही समाज को दिशा और
गति प्रदान करेंगे.. आने वाले समय में 1 दिसम्बर से 15 दिसंबर तक ग्रह
संपर्क अभियान की शुरुआत होगी, जिसमें बस्ती के स्वयं सेवक हर हिंदू परिवार
में जा कर संघ की 100 वर्ष की यात्रा का बोध कराएंगे, जनवरी माह में हिंदू
सम्मेलन की योजना रहेगी, आज के कार्यक्रम में सागर नाका के सभी स्वयं
सेवकों की उपस्थिति रही।
रानी दुर्गावती स्कूल में निशुल्क साइकिल वितरण.. दमोह।
शासकीय रानी दुर्गावती कन्या हाई स्कूल में निशुल्क साइकिल वितरण कार्यक्रम
हुया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप मे पं.राहुल पाठक नगर मंत्री पं.दीनदयाल
मंडल भा.जा.पा., विशिष्ठ अतिथि अखिल भारतीय कर्मकांड परिषद के जिला
महामंत्री विशेष तिवारी, अध्यक्षता रमा कांत मिश्रा सह कोषाध्यक्ष दमयन्ती
मंडल, अखिलेश पाठक की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न किया गया।जिसमें
छात्राओं के अभिभावकों की भी उपस्थिति में बालिकाओं के लिए साइकिले वितरण
कि गयी जिसमें प्राचार्या श्रीमती पुष्प लता त्रिपाठी का मार्गदर्शन रहा,
इस अवसर पर विधायक पेंटिंग प्रतियोगिता व उन्मुक्त संस्था के प्रबंधक राहुल
पाठक को छात्रा निशा विश्वकर्मा के द्वारा एक पेंटिंग भेंट की गई। संचालन श्री उमेश तिवारी के द्वारा किया गया व समस्त स्टाफ की
सहभागिता रही।
स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत संविदा आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन भुगतान करने की मांग.. दमोह।
म.प्र. लघुवेतन कर्म.संघ के जिलाअध्यक्ष प्रमोद अहिरवार ने संघ के लेटर पेड
पर पत्र के माध्यम से श्री कलेक्टर महोदय को अवगत कराया कि स्वास्थ्य
विभाग में कार्यरत संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी वॉडवाय, सुरक्षा
कर्मी गार्ड सफाई कर्मी, कम्प्यूटर ऑपरेटर का दीपावली के पूर्व कराने का
कष्ट करे ताकि दिपावली जैसे बडें त्योहार में उनके परिवार को किसी प्रकार
की परेशानियों का सामना न करना पडे।स्वास्थ्य विभाग के पास आंवटन होने के
बाद भी आउटसोर्स कर्मचारियों को पिछले चार माह का वेतन भुगतान नहीं किया
गया। पत्र सौपते हुए मांग कि है कि स्वास्थ्य विभाग को आदेशित करे की
दिपावली के पूर्व वेतन भुगतान हो सके और आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी अपने
परिवार के साथ खुशी खुशी त्योहार मना सके।
.jpeg)






0 Comments