मुनि श्री प्रमाण सागर जी की ससंघ भव्य अगवानी
दमोह।
संत शिरोमणि आचार्य गुरुदेव विद्यासागरजी महामुनिराज के परम प्रभावक शिष्य
गुणायतन एवं विद्या प्रमाण गुरुकुलम् के प्रणेता मुनि श्री प्रमाण सागर
महाराज का दमोह नगर के नेमीनगर में पदार्पण हुआ तो ऐसा लगा कि समूचा दमोह
मुनिसंघ की मंगल अगवानी में उतर आया हो स्थान स्थान पर बहूत ही सुंदर
रांगोली बनी हुई थी और श्रद्धालु समूह में भक्ती भाव के साथ जैन धर्म की
ध्वजा लिये अपने अपने द्वार पर चरण पखारने एवं मंगल आरती उतारने के लिये
लालायित थे,।
मुनिसंघ एवं गुणायतन मध्यभारत के
राष्ट्रीय प्रवक्ता अविनाश जैन ने बताया जब मुनि संघ ने मंगल प्रवेश किया
तो आचार्य गुरुदेव के जयघोष के साथ मुनि श्री के जयकारों से संपूर्ण भू
मंडल गूंज उठा गाजे बाजे के साथ मुनि श्री ने विजयनगर स्थित जिनालय के
दर्शन किये एवं चौक पर विशाल धर्मसभा को सम्वोधित करते हुये कहा कि "आप सभी
लोग बड़े भाग्यशाली हो, आपको बड़े बाबा के चरण पखारने का और गुरुदेव का भरपूर
आशीर्वाद मिला इसीलिये गुरुदेव ने "दमोह"को बड़े बाबा का प्रवेश द्वार कहा
था मुनि श्री ने कहा कि आप लोगों ने इतने विगड़े मौसम में भी इतनी बड़ी
संख्या में आकर श्रद्धा और भक्ति दिखाई है वह इस बात का प्रमाण है कि आप
लोग गुरुओं के प्रति समर्पित है और इसीलिये पूज्य गुरुदेव के जाने के
पश्चात आचार्यश्री का आचार्य पदारोहण बड़ेबाबा के दरबार में ही संपन्न हुआ।
मुनि
श्री ने कहा कि "मनुष्य अपने प्रयत्नों से इस संसार की प्रत्येक बस्तु को
पा सकता है, लेकिन शांति को प्राप्त करने के लिये उसे भगवान के पास ही चलकर
आना होगा उन्होंने कहा कि जिसको सत्य का भान होता है,वह पूरा जीवन भगवान,
गुरू, तथा धर्म के प्रति समर्पित कर देता है,मुनि श्री ने कहा कि "संसार की
सभी बाहरी उपलव्धी उपलव्ध हो सकती है लेकिन अंदर की शांती तभी मिलती है जब
हृदय में आध्यात्मिकता का प्रकाश प्रकट होता है। मुनि श्री ने कहा कि सभी
को शांति चाहिये तो भगवान के चरणों में अपने आपको समर्पित कर दो।
30
दिसंम्वर को मुनि संघ का हिंडोरिया में मंगलप्रवेश एवं प्रवचन तथा आहार
चर्या उपरांत पटेरा के लिए विहार होगा। 31 दिसंम्वर को पटेरा में आहार
चर्या उपरांत विहार होगा तथा दौपहर एक बजे कुंडलपुर के बड़ेबाबा के दरबार
में मंगलप्रवेश होगा। कुंडलपुर तीर्थक्षेत्र कमेटी द्वारा पटेरा से गुरुदेव
की मंगल अगवानी हेतु ऐतिहासिक तैयारियां प्रारंभ कर दी गई है।
भारतीय किसान संघ महाकौशल प्रांत बैठक संपन्न
दमोह।भारतीय किसान संघ की प्रांत कार्यकारिणी की दो दिवसीय बृहद बैठक में क्षेत्रीय संगठन मंत्री महेश चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह आंजना, प्रांत अध्यक्ष गजराज सिंह, प्रांत महामंत्री प्रहलाद पटेल, प्रांत संगठन मंत्री तुला राम जी से उपस्थित सभी जिलों से जिला अध्यक्ष, जिला मंत्री ,प्रांत एवं संभाग से उपस्थित पदाधिकारियों के लिए मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह अंजना ने भूमि अधिग्रहण
एक्ट के बारे बताया साथ ही किसान संघ की रीति नीति और कार्य
पद्धति पर अपना विषय रखा, क्षेत्रीय संगठन मंत्री महेश चौधरी ने कार्यकर्ता निर्माण पर चर्चा की, प्रांत अध्यक्ष गजराज सिंह संगठन विस्तार और इसको मजबूत केसे करे इस पर मार्गदर्शन किया,.
प्रांत संगठन मंत्री तुलाराम भाईसहाब ने 24 जिलों से आये जिला अध्यक्ष और मंत्री सभी को संगठन की केंद्रीय कार्यक्रम जो हो रहे हैं और होने वाले हैं इससे अवगत कराया, प्रांत महामंत्री प्रहलाद पटेल ने संगठन में हो रहे सभी गतिविधियों पर जानकारी की और उनको और अछे तरीके से करने के किए सुझाव साझा किए, दमोंह जिले की जिला संयोजिका श्रीमती गीता पटेल के साथ मात्रशक्ति की उपस्थित से महिलाओं का प्रतिनिधित्व रहा।
इस बैठक में महाकौशल प्रांत की संपूर्ण कार्यकारिणी, सभी संभाग के पदाधिकारी 24 जिलों के अध्यक्ष और मंत्री के साथ साथ दमोंह जिले की जिला अध्यक्ष, जिला मंत्री, जिला कोषाध्यक्ष , जिले में निवासरत प्रांत, संभाग, जिले एवं सभी तहसीलों से पदाधिकारियों की टोली उपस्थित रही। दमोह जिले की सभी तहसीलों से उपस्थित टोली ने दो दिवसीय प्रांत कार्यकारिणी बैठक में व्यवस्था में अपना सहयोग दिया।
हिन्दी लेखिका संघ की शीतकालीन काव्य गोष्ठी
दमोह। हिन्दी लेखिका संघ दमोह की शीतकालीन काव्य गोष्ठी सरस्वती कन्या विद्यालय के सभागार में डॉ रेवा चौधरी के सौजन्य से सम्पन्न हुई। इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ कुलदीप कौर रहीं। अध्यक्षता संस्था अध्यक्ष पुष्पा चिले ने एवं विशिष्ट आतिथ्य का दायित्व डॉ प्रेमलता नीलम ने निभाया। संचालन मनोरमा रतले ने किया। मां सरस्वती के पूजनोपरांत संगीता पान्डे सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। आभार डॉ रेवा चौधरी ने व्यक्त किया। डॉ कुलदीप कौर ने अपने उद्बोधन में अटलजी के कई रोचक संस्मरण सुनाते हुए कहा कि अटलजी राजनीति में दमकते हीरा थे, जिसकी चमक शताब्दियों तक दमदमाती रहेगी। प्रथम चरण में श्रद्धेय अटलजी को समर्पित रचनाओं का पाठ किया गया। पुष्पा चिले ने कहा बड़े अद्वितीय अटल अडिग हिमालय से थे,प्रखर, प्रवल थे अटल तुंग शिवालिक से थे। डॉ प्रेमलता नीलम ने पढ़ा सदा अटल अटल ही रहे, उल्टी धार कभी न बहे। डॉ संगीता पाराशर ने कहा नाम अटल, काम अटल संकल्प भी अटल रहे। राजनैतिक, सामाजिक कर्म भी रहे अटल। डॉ रेवा चौधरी ने पढ़ा अटलजी की वाणी में गंगा सी शीतलता, दृष्टि में हिमालय सा अडिग विश्वास।पद्मा तिवारी ने पढ़ा सौभाग्य हमारे देश का, जन्मे जहां अटल अनमोल, साहित्य मर्मज्ञ थे, कहते थे शब्दों को तौल। मनोरमा रतले ने पढ़ा अटल थी अटलजी की कविता,मुखरता सहज मधुर थी उनकी वाणी और दयालुता। संगीता पान्डे ने कहा महफिल में बार बार उसी पर नजर गई, हमने बचाई लाख मगर फिर उधर गयी। कुसुम खरे श्रुति ने कहा प्रति दिन सूरज उदय होता है,ले सिन्दूरी चादर, त्याग तपस्या का सुहाग केशरिया सिर पर। वसुंधरा तिवारी ने कहा ठिठुरन भरा पैगाम लाई है,शीत ऋतु जो आई है। मधुलता पाराशर ने पढ़ा न जाने कहां से उतरता है कोहरा, पहाड़ों की छत पर उतरता है कोहरा। आराधना राय ने पढ़ा जहां मुझे घड़ियां नहीं चिड़िया जगाती हैं, भोर से मंदिर की घंटियां सुनाती हैं। अर्चना राय ने कहा कि अटलजी देश के सच्चे देशभक्त थे, अकाट्य सत्य थे।
दमोह। हिन्दी लेखिका संघ दमोह की शीतकालीन काव्य गोष्ठी सरस्वती कन्या विद्यालय के सभागार में डॉ रेवा चौधरी के सौजन्य से सम्पन्न हुई। इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ कुलदीप कौर रहीं। अध्यक्षता संस्था अध्यक्ष पुष्पा चिले ने एवं विशिष्ट आतिथ्य का दायित्व डॉ प्रेमलता नीलम ने निभाया। संचालन मनोरमा रतले ने किया। मां सरस्वती के पूजनोपरांत संगीता पान्डे सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। आभार डॉ रेवा चौधरी ने व्यक्त किया। डॉ कुलदीप कौर ने अपने उद्बोधन में अटलजी के कई रोचक संस्मरण सुनाते हुए कहा कि अटलजी राजनीति में दमकते हीरा थे, जिसकी चमक शताब्दियों तक दमदमाती रहेगी। प्रथम चरण में श्रद्धेय अटलजी को समर्पित रचनाओं का पाठ किया गया। पुष्पा चिले ने कहा बड़े अद्वितीय अटल अडिग हिमालय से थे,प्रखर, प्रवल थे अटल तुंग शिवालिक से थे। डॉ प्रेमलता नीलम ने पढ़ा सदा अटल अटल ही रहे, उल्टी धार कभी न बहे। डॉ संगीता पाराशर ने कहा नाम अटल, काम अटल संकल्प भी अटल रहे। राजनैतिक, सामाजिक कर्म भी रहे अटल। डॉ रेवा चौधरी ने पढ़ा अटलजी की वाणी में गंगा सी शीतलता, दृष्टि में हिमालय सा अडिग विश्वास।पद्मा तिवारी ने पढ़ा सौभाग्य हमारे देश का, जन्मे जहां अटल अनमोल, साहित्य मर्मज्ञ थे, कहते थे शब्दों को तौल। मनोरमा रतले ने पढ़ा अटल थी अटलजी की कविता,मुखरता सहज मधुर थी उनकी वाणी और दयालुता। संगीता पान्डे ने कहा महफिल में बार बार उसी पर नजर गई, हमने बचाई लाख मगर फिर उधर गयी। कुसुम खरे श्रुति ने कहा प्रति दिन सूरज उदय होता है,ले सिन्दूरी चादर, त्याग तपस्या का सुहाग केशरिया सिर पर। वसुंधरा तिवारी ने कहा ठिठुरन भरा पैगाम लाई है,शीत ऋतु जो आई है। मधुलता पाराशर ने पढ़ा न जाने कहां से उतरता है कोहरा, पहाड़ों की छत पर उतरता है कोहरा। आराधना राय ने पढ़ा जहां मुझे घड़ियां नहीं चिड़िया जगाती हैं, भोर से मंदिर की घंटियां सुनाती हैं। अर्चना राय ने कहा कि अटलजी देश के सच्चे देशभक्त थे, अकाट्य सत्य थे।
कॉलेज चलो अभियान तहत उर्दू स्कूल में जानकारी..
दमोह। शासकीय कमला नेहरू
महिला महाविद्यालय के द्वारा प्राचार्य डॉ जी पी चौधरी के मार्गदर्शन एवं
संयोजक डॉ अवधेश जैन के दिशा निर्देशन में कॉलेज चलो अभियान 2025 26 के
अंतर्गत शासकीय उर्दू स्कूल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दमोह में डॉ असलम खान
एवं डॉ शिरीन खान ने कक्षा 12वीं में अध्यनरत छात्र-छात्राओं को सत्र 2025
26 के प्रवेश प्रक्रिया संबंधी जानकारी प्रदान की।
मध्य प्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग की
एवं केंद्रीय शासन की विभिन्न छात्रवृत्तियों जैसे गांव की बेटी योजना
प्रतिभा किरण मुख्यमंत्री मेधावी योजना पिछड़ा वर्ग प्रतिभा किरण अनुसूचित
जाति जनजाति छात्रवृत्ति की विस्तृत जानकारी दी इसी के साथ राष्ट्रीय
शिक्षा नीति के अंतर्गत विशेष संरचना की भी छात्र-छात्राओं को जानकारी दी
और महाविद्यालय में उपलब्ध विविध सुविधाओं को भी बताया इस अवसर पर विद्यालय
के प्राचार्य श्री नजीर खान एवं सभी शैक्षणिक स्टाफ तथा छात्र-छात्राओं की
उपस्थिति रही।







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