अलख में विद्यमान शिव का विभुत्व- श्री भगवान वेदांताचार्य रसिक
दमोह। सर्वशक्ति-सम्पन्नता का द्वैतक शिव चराचर जगत में व्याप्त है जिसकी अलख अनेकानेक रूपो में प्रकट होने की स्थिति को अगम्य बताता है, अर्थात वह गुण जिसमें कोई सत्ता या शक्ति सब ओर व्याप्त होती है, पर दिखती नहीं अनादि से अनंत तक केवल सर्वव्यापकता रूप में विद्यमान है। संक्षिप्त में ईश्वर का सर्वत्र होने वाला व्यापक स्वरूप धर्म और दर्शन में विभुत्व कहा गया जो मुख्यतः ईश्वर की महिमा, सामर्थ्य और सर्वत्र-व्यापक स्वरूप को सूचित करता है।यह कथन श्री भगवान वेदांताचार्य रसिक जी के रुद्र संहिता के व्याख्यान रूपी उद्बोधन का है जो काशी के शिवपुर में चल रही कथा की प्रासंगिकता को दर्शाती हैं। ’एको देवो महादेवो विज्ञेयस्तु महेश्वरः। न तस्य परमं किञ्चित्पदं समधिगम्यते’ दिव्य देवता उनके स्थूलरूप को देखते हैं, दिव्ययोगीवृन्द परमपिता परमात्मा को प्रसन्न करने का एकमात्र उपाय वेदनिर्दिष्ट धर्म को बताते है जिसका श्रुति वाक्य ’प्रसादसाधनं धर्मः’ नित्य निरन्तर-नियमित धर्म का अभ्यास करने से जन्म-जन्मान्तर-कल्प-कल्पान्तर से संचित पापराशि नष्ट हो जाती है- ’पापपरिक्षयः’ इससे प्राणी अमल आत्मा हो जाता है। साथ ही साथ सर्वेश्वर शिव की ज्ञानपूर्ण-भक्ति प्राप्त होती है। ऐसे ज्ञानपूर्ण भक्तों के भावों के अनुरूप परमात्मा की कृपा के प्रसादरूप प्रसन्नता आदि प्राप्त करना सरल है नहीं तो संसार में दुःख का बाहुल्य भटकते मार्ग पर चलने में देर नहीं लगाता ’अज्ञानप्रभवं दुःखं ज्ञानेनैव निवर्तते वस्तुतः वस्तुएँ तीन प्रकार की होती हैं-क्षर, अक्षर और क्षराक्षर तीनों भेदों को तत्त्ववेत्ता ही जानते हैं। क्षर को प्रकृति किंवा माया, अक्षर को जीव (अजड़, जड़), क्षराक्षर को परमेश्वर की श्रेणी में माना जाता है। यह माया की शक्ति है। यह माया जिसे घेर लेती है, उसे बारम्बार एक शरीर से दूसरे शरीर में कूकर-सूकर, कीट, पतंग, मानव आदि रूप में जन्म लेना पड़ता है। इस प्रकार असह्य दुःख उठाना पड़ता है। इससे प्रसनमुक्त होने का सरल साधन यह है कि भूतभावन भगवान् शङ्कर में एकान्त-निष्ठापूर्वक परम-ज्ञाननिष्ठ सुदृढ़ भक्ति में प्रवेश करना चाहिए। अनेका नेक विधाओं से पूर्ण फलाहारी बाबा संत सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री महंत राम दास त्यागी जी महाराज एवं योगी राज श्री महंत राम करण दास त्यागी जी महाराज के पावन सानिध्य में प्रमुख जजमान विनोद दुबे कमलेश केशरी जितेंद्र मिश्रा, राजेश मिश्रा, दिलीप रघुवंशी सहित स्थानीय भक्तों का बढ़ चढ़ कर भाग लेना वैधानिक प्रक्रिया बन गया जिसमें लोग बड़ी संख्या में भाग लेकर यज्ञीय कार्य को भी संपादित कर रहे।श्री शक्ति पुत्र महाराज जी का जन्मदिवस हर्षोल्लाह से मनाया.. दमोह। धर्म
सम्राट युग चेतना पुरुष परमहंस योगीराज श्री शक्तिपुत्र भगवान के दिशा
निर्देशन में पूरे विश्व में 24 घंटे के चालीसा पाठ 5 घंटे के चालीसा पाठ 1
घंटे की दिव्यता की आरती कम संपन्न कराए जा रहे है जिससे समाज में
परिवर्तन लाया जा सके धर्म रक्षा राष्ट्र रक्षा मानवता की सेवा के हितार्थ
श्री शक्तिपुत्र भगवान समाज को परिवर्तन की ओर बढ़ा रहे हैंजिससे हर संभव
समाज में परिवर्तन किया जा सके धर्म सम्राट युग चेतना पुरुष श्री
शक्तिपुत्र भगवान का 9 दिसंबर 2025 को पूरे विश्व में माता आदि शक्ति जगत
जननी जगदंबा के गुणगान से जन्म दिवस मनाया जा रहा है जिसमें 24 घंटे के पाठ
5 घंटे के पाठ एवं 1 घंटे की दिव्यता की आरती कम संपन्न पूरे विश्व में
कराए जा रहे हैं।
दमोह के दीपेश करेंगे नेशनल वॉलीबॉल टीम का नेतृत्व.. खेल जगत में दमोह जिले ने एक बार फिर अपना परचम लहराया है जिले के सपूत दीपेश कुर्मी जूनियर वॉलीबॉल टीम से नेशनल लेबल पर सागर संभाग के नेतृत्व करेंगे विगत दिनों नरसिंहपुर जिले में आयोजित चयन प्रक्रिया में प्रदेश भर से सैकड़ों की संख्या में खिलाड़ी शामिल हुए थे जिनमें से सागर सम्भाग से एक मात्र खिलाड़ी का चयन दमोह जिले से हुआ है।
शिवाय आरडीएक्स क्लब के संयोजक एवं टीम मैनेजर मनीष नगाइच ने बताया के दीपेश राम मंदिर आरडीएक्स क्लब का स्थायी खिलाडी होकर लगातार पिछले सात सालों के सतत अभ्यास के चलते इस मुकाम को हासिल कर पाया चयनित खिलाड़ी के पिता रवि शंकर कुर्मी स्वयं भी खेल कोटे से पुलिस विभाग में कार्यरत हैं, माँ राजेश्वरी गृहिणी है । नेशनल टीम में चयन पर दीपेश के परिजनों एव जिले के समस्त खेलप्रेमियों के मध्य उत्साह का माहौल है।
शिवाय आरडीएक्स क्लब के संयोजक एवं टीम मैनेजर मनीष नगाइच ने बताया के दीपेश राम मंदिर आरडीएक्स क्लब का स्थायी खिलाडी होकर लगातार पिछले सात सालों के सतत अभ्यास के चलते इस मुकाम को हासिल कर पाया चयनित खिलाड़ी के पिता रवि शंकर कुर्मी स्वयं भी खेल कोटे से पुलिस विभाग में कार्यरत हैं, माँ राजेश्वरी गृहिणी है । नेशनल टीम में चयन पर दीपेश के परिजनों एव जिले के समस्त खेलप्रेमियों के मध्य उत्साह का माहौल है।
जिला कोटवार समिति का निर्वाचन संपन्न.. दमोह। विगत दिवस जिला कोटवार संघ दमोह की पुरानी तहसील में एक बैठक का आयोजन किया गया जिसमें अगले वर्ष के लिए समिति का गठन हुआ। नवनिर्वाचित समिति में अध्यक्ष सेवक राम अठ्या विलाई तथा उपाध्यक्ष पद पर वसोरी अठ्या वंधा निर्वाचित हुए।
इसी तरह सचिव पद पर रविकांत अठ्या इटवा मंगोला सर्वसम्मति से निर्विरोध निर्वाचित हुए तथा सहायक सचिव के पद पर भरत अठ्या सिमरी सीता नगर और मीडिया प्रभारी के रूप में शिवदीन अठ्या रेंवजाकला निर्वाचित हुए हैं। समिति निर्वाचन में पूर्व अध्यक्ष पूरनलाल अठ्या द्वारा निर्वाचन संपन्न कराया गया। इसके वाद निवर्तमान अध्यक्ष का विदाई समारोह भी किया गया। सभी नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को बैठक में उपस्थित जिले की समस्त तहसीलों के समस्त कोटवारों ने बधाइयां दी है।





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