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कुंडलपुर में मुनि श्री प्रमाणसागर जी के मुखारविंद से बड़ी शांतिधारा आज.. इधर सैलानियों पर भारी पड़े टाइगर रिजर्व के नियम, बाइक पैदल लोगों पर प्रतिबंध, चार पहिया वाहनों से वसूली 1500 की राशि

बड़े बाबा के श्री चरणों में होगी बड़ी शांतिधारा..

दमोह। सुप्रसिद्ध सिद्धक्षेत्र कुण्डलपुर में युगश्रेष्ठ संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी के परम प्रभावक शिष्य पूज्य मुनि श्री प्रमाणसागर जी ससंघ सानिध्य में विविध धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त भाग लेकर जीवन धन्य कर रहे हैं।  प्रातः भक्तामर महामंडल विधान, पूज्य बड़े बाबा का अभिषेक, रिद्धिमंत्र,  शांतिधारा, पूजन ,विधान हुआ। पूज्य मुनि श्री प्रमाण सागर जी के मुखारविंद से शांतिधारा का वाचन किया गया इस अवसर पर शांति धारा करने का सौभाग्य तरुण सराफ निर्मल कुमार चंद्रकुमार सराफ ललित सराफ कुंवर सेन सराफ मोदी ज्वैलर्स दमोह ,चक्रेश पीयूष जैन फिरोजाबाद, अक्षत अर्चना ताराचंद पदमश्री बेनाडा कोलकाता, मानक चंद कपूरचंद कोठारी आष्टा, अनिल महावीर प्रसाद जैन मुंबई ,श्रीधर श्रीपाल सचिन जैन बेलगांव कर्नाटक, रितेश जैन ललितपुर सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अभिषेक कर जीवन को धन्य किया ।
आज मुनिश्री प्रमाण सागर जी महाराज की आहारचर्या कुण्डलपुर क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष चंद्रकुमार सराफ परिवार के चौका में संपन्न हुई। बहुचर्चित शंका समाधान कार्यक्रम में मुनिश्री ने श्रद्धालु भक्तों की शंका का समाधान करते हुए कहा दुख सहने की आदत अपने भीतर जगाओ जिसे सुख में जीने की आदत है वह दुख आने पर घबरा जाता है ।बुराई में अच्छाई देखो आपदा में अवसर देखने की कोशिश करो । हर बुराई में अच्छाई देखो। मनुष्य के जीवन में बुरा से बुरा क्या हो सकता है। उस उम्मीद और संकल्प को खो देना ही सबसे बुरा है ।अपनी उम्मीद को मत खोओ। मन में आशा का दीप जला के रखो ।एक जिज्ञासु की शंका का समाधान करते हुए कहा धुआं उड़ाना बंद करो तय करो हम धुआं नहीं उड़ाएंगे ।हम धुआं को फूंक नहीं मारेंगे ।सुगंध फैलाने संकल्पित हों। सभी धर्म ध्यान करें धर्म श्रद्धालु बनकर जीवन जिये। गंदगी नहीं फैलाना है जिन शासन की धर्म ध्वजा को फहराएं । 
कन्यादान क्या होता है इस प्रश्न पर मुनि श्री ने कहा पुराने जमाने में वर पक्ष वधू पक्ष से संपर्क करता था विवाह हेतु ।हमारा वंश कैसे बढ़ेगा अनुरोध लेकर जाता था बधु पक्ष के पास ।वधू पक्ष अपने जिगर का टुकड़ा दे रहा यह कन्यादान दे रहा है धन पैसा का दान नहीं वंश दिया इसको कन्यादान कहते । दान घटिया चीज का नहीं  होता ,घटिया लोग दान नहीं कर पाते ।जिनकी सोच सर्वोच्च होती वे दान कर पाते हैं ।हर गांव, शहर नए शहर की ओर बढ़ रहा है भगवान को भगवान भरोसे छोड़ दिया है ।कार्य योजना बनाकर उन सारे मंदिरों की व्यवस्था होना चाहिए। देश की तीर्थ क्षेत्र कमेटियों को उन्होंने धर्म प्रभावना /प्रबंधन फंड बनाकर यात्रियों को सुविधा देने हेतु खर्च की व्यवस्था करने संकेत सुझाव दिया। 
कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी प्रचार मंत्री जयकुमार जैन जलज ने बताया कि 3 जनवरी 2026 को प्रातः कुंडलपुर में पूज्य बड़े बाबा के श्री चरणों में पूज्य मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज के मुखारविंद से लगभग 1 घंटा चलने वाली महा शांति धारा सहस्त्र नामांकित बीजाक्षर मंत्रों के साथ उच्चरित शांति धारा का भव्य आयोजन किया गया है। शंका समाधान का भी कार्यक्रम होगा ।नववर्ष मनाने अभी भी देश के कोने-कोने से श्रद्धालु भक्त कुण्डलपुर पहुंच रहे हैं और पूज्य बड़े बाबा के दर्शन, अभिषेक, परम पूज्य मुनि श्री प्रमाणसागर जी ससंघ मुनिराजो के दर्शन लाभ सानिध्य प्राप्त कर रहे हैं। इस अवसर पर कुण्डलपुर क्षेत्र कमेटी के पदाधिकारी सदस्यों की उपस्थिति रही।
सैलानियों पर भारी पड़े टाइगर रिजर्व के नियम 
 दमोह जिले में नए साल के मौके पर रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के सिंगौरगढ़  के खूबसूरत वादियों में घूमने के लिए दमोह के अलावा आसपास के जिलों से भी सैलानी पहुंचते हैं, लेकिन यहां पर टाइगर रिजर्व के नियम सैलानियों पर भारी पड़ गए। बाइक चालक और पैदल चलने वाले लोगों पर प्रतिबंध लगने के कारण यह लोग सौंदर्य स्थल नहीं घूम सके।  वही चार पहिया वाहनों का किराया 1500 होने के चलते कई लोग वापस लौट गए।  इसलिए सैलानियों से भरा रहने वाला सिंगौरगढ़ नए साल के मौके पर बहुत कुछ सूना दिखाई दिया और लोग भैंसा घाट की पहाड़ी से ही सेल्फी लेकर वापस लौट आए।

दरअसल सिंगौरगढ़ में कई झरने व सौंदर्य स्थल है जिनके दीदार करने के लिए हर साल नए साल के मौके पर सैलानी यहां अपने परिवार के सहित आते हैं, लेकिन अब यह क्षेत्र रानी दुर्गावती टाइगर जरूर में चला गया है जिससे यहां अब नए नियम बनाए गए हैं। यहां के सुंदर नजारे को देखने के लिए अब केवल चार पहिया वाहनों को ही अनुमति दी गई है। टू व्हीलर और पैदल चलने वालों को अंदर जाने नहीं दिया जाता। 4 व्हीलर का किराया भी 1500 रुपए सैलानियों  से लिया जाता है।  संपन्न लोग तो इसे दे देते हैं, लेकिन जीनके पास इतने पैसे नहीं होते वह बाहर से ही लौट आते हैं।  गुरुवार को 12:00 बजे तक यह इलाका खाली दिखाई दिया और शाम होते-होते भी यहां बहुत कम संख्या में सैलानी पहुंचे। हजारों की संख्या में पहुंचने वाले लोग सैकड़ो में सिमट गए।
 निधान बेरियल पर डिप्टी रेंजर लईक खान ने बताया की 1500 रुपए चार पहिया वाहन के शासन ने निर्धारित किए हैं इतना किराया लोगों के लिए भरना मुश्किल है।  साथ ही टू व्हीलर और पैदल जाने वालों को अब यहां परमिशन नहीं है। इसलिए सैलानी पहुंचे तो हैं लेकिन इतनी संख्या में नहीं आए जितनी हर साल आते थे। पर्यटक हरिशंकर दुबे ने बताया कि यह काफी अच्छा दर्शनीय स्थल है।  यहां पर कई प्रकार के जंगली जानवर हिरण अन्य जानवर भी उन्होंने देखे हैं। साथ ही चार पहिया वाहन की एंट्री अंदर तक होने से लोगों को पैदल नहीं चलना पड़ा और व्यवस्थाएं भी यहां पर काफी अच्छी मिली।
सिगोंरगढ़ डिप्टी रेंजर विनोद कुमार का कहना है की विभागीय निर्देशों के तहत बाइक और पैदल जाने वालों को टोटल मना किया गया था।  जिससे लोग निराश होकर वापस लौटे और इस साल पर्यटकों की संख्या कुछ कम रही,  लेकिन जो लोग भी चार पहिया वाहन की 1500 की रसीद कटाकर अंदर घूमने गए उन्होंने बताया कि इस बार उन्हें काफी अच्छा लगा है।  व्यवस्थाएं भी टाइगर रिजर्व प्रबंधन की ओर से काफी अच्छी की गई थी।

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