संस्कृति राज्यमंत्री धर्मेंद्र भावसिंह लोधी द्वारा 48 वाँ जन्मदिन भारतीय संस्कृति के अनुरूप मनाया
दमोह। नोहटा में अपने निवास पर परिवार सहित प्रबुद्ध जनों के बीच संस्कृति राज्यमंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी द्वारा अपने 48 वां जन्मदिन पर 49 बड़े दीपक प्रज्ज्वलित कर गायत्री मंत्र की आहुतियों समर्पित करते हुए मनाया गया ।
इस अवसर पर दीपयज्ञ का संचालन करते हुए जिला समन्वयक बी पो गर्ग द्वारा बतलाया गया कि हमारी संस्कृति दीपक की लौ की तरह ऊंचा उठना और अंधकार दूर करना सिखाती है। दीपक का बुझाना अशुभ माना जाता है। एडवोकेट पंकज हर्ष श्रीवास्तव ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी आध्यात्मिक प्रगति जानने के लिए उसका जन्मदिन एक सर्वश्रेष्ठ दिन होता है। जिस प्रकार सरकारी साल वित्तवर्ष पर सरकारी विभाग अपनी आय व्यय का लेखा 31 मार्च को देखते हैए व्यापारी पहले दीपावली पर अपने बहीखातो से अपनी प्रगति का अवलोकन करते है उसी प्रकार हमें भी अपने जन्मदिन पर यह आकलन करना चाहिए कि पिछले एक वर्ष में हमसे क्या बुरा हुआ और क्या अच्छा हुआ।और आने वाले वर्ष में अच्छे कार्यों की मात्रा बढ़ाने का संकल्प लेना ही जन्मदिन मनाने का वास्तविक अर्थ है।
पूरे परिसर में 1100 दीपक जला कर उपस्थित परिवारजनों परिजनों ने द्वीपयज्ञ में अपनी सहभागिता निभाई राज्यमंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी द्वारा आभार प्रकट करते हुए कहा कि मैने वर्ष 1995 में जबलपुर अश्वमेध यज्ञ में गायत्री मंत्र की दीक्षा ली और तभी से दीक्षा के नियमों का यथा संभव पालन करता आ रहा हूं।


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